जुकरबर्ग ने एक बार फिर डोनाल्ड ट्रंप पोस्ट को बनाए रखने के लिए ऐसे किया ये बचाव

जुकरबर्ग ने एक बार फिर डोनाल्ड ट्रंप पोस्ट को बनाए रखने के लिए ऐसे किया ये बचाव

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा की गई विवादित पोस्ट पर कार्रवाई करने के लिए कंपनी के भीतर नाराजगी बढ़ने के साथ ही फेसबुक के सीईओ मार्क जुकरबर्ग ने एक बार फिर ट्रंप पोस्ट को बनाए रखने के अपने निर्णय का बचाव किया है. मंगलवार को कर्मचारियों के साथ एक वचुर्अल टाउन हॉल में जुकरबर्ग ने बोला कि पोस्ट ने “नीतियों का उल्लंघन नहीं किया था”.

विवादास्पद पोस्ट के बारे में सोशल नेटवर्किंग की विशाल नीतियों के विरोध में सोमवार को कर्मचारियों के बीच आक्रोश को संबोधित करने के लिए टाउन हॉल का आयोजन किया गया था. यह ट्रंप की विवादित पोस्ट  - “जब लूट प्रारम्भ होती है, तो शूटिंग प्रारम्भ होती है,” - को लेकर की गई थी. यह पोस्ट अफ्रीकी-अमेरिकन जॉर्ज फ्लायड की मृत्यु के बाद फूटे विरोध को लेकर की गई थी. 

मिनेसोटा विरोध प्रदर्शनों को लेकर ट्रंप ने किया था पोस्ट

वॉल स्ट्रीट जर्नल की रिपोर्ट के मुताबिक जुकरबर्ग ने बोला कि वह मॉडरेशन प्रक्रियाओं की समीक्षा करना प्रारम्भ करेंगे व कंपनी को इस तरह की हानिकारक सामग्री से निपटने का उपाय बदलेंगे. बता दें कि मिनेसोटा विरोध प्रदर्शनों को लेकर ट्रंप के एक विवादित पोस्ट पर कार्रवाई नहीं करने पर कम से कम दो फेसबुक कर्मचारियों ने कंपनी के रुख के विरूद्ध त्याग पत्र दे दिया है.

फेसबुक में प्रोडक्ट डिजाइन के निदेशक डेविड गिलिस ने एक ट्वीट में कहा, "मुझे विश्वास है कि ट्रंप की 'जब लूट प्रारम्भ होती है, तो शूटिंग प्रारम्भ होती है' ट्वीट (एफबी पर क्रॉस पोस्टेड), अतिरिक्त-न्यायिक हिंसा को प्रोत्साहित करता है व नस्लवाद को बढ़ाता है. एन्फोर्समेंट कॉल के लिए ट्विटर की टीम का सम्मान करता हूं.” 

एक ट्वीट को लेकर ट्रंप की पोस्ट पर ट्विटर ने दी चेतावनी

ट्विटर ने पिछले सप्ताह ही एक विवादित ट्वीट को लेकर ट्रंप की पोस्ट पर फैक्ट चैक की चेतावनी लगा दी थी. जुकरबर्ग ने लिखा, “हमने उस पोस्ट को बहुत बारीकी से देखा है कि यह हमारी नीतियों का उल्लंघन है या नहीं. हिंसा भड़काने के बारे में हमारी नीति प्रदेश में बल के उपयोग की चचार् की अनुमति देती है. हालांकि मुझे लगता है कि आज की स्थिति उस चचार् की संभावित सीमा के बारे में जरूरी सवाल उठाती है.”