दक्षिण कोरिया समेत कई देशों में बढ़ रहा डेल्‍टा वैरिएंट का दायरा

दक्षिण कोरिया समेत कई देशों में बढ़ रहा डेल्‍टा वैरिएंट का दायरा

देश और दुनिया में कोरोना संक्रमण के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। कई देशों में सामने आ रहे डेल्‍टा वैरिएंट के मामलों ने चिंता को बढ़ाने का काम किया है। आपको बता दें कि पिछले सप्‍ताह ही विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन ने इस बात की पुष्टि की थी कि दुनिया के 132 देशों में डेल्‍टा वैरिएंट के मामले सामने आ चुके हैं और विश्‍व के 29 देश ऑक्‍सीजन की किल्‍लत झेल रहे हैं। विश्‍व स्‍वास्‍थ्‍य संगठन लगातार इसको लेकर दुनिया के देशों को आगाह कर रहा है। आइये डालते हैं विश्‍व में कोरोना मामलों की स्थिति पर एक नजर :-

दक्षिण कोरिया में बीते 24 घंटों के दौरान कोरोना के 1725 नए मामले सामने आए हैं। पिछले दिन की तुलना में ताजा मामलों में करीब 1200 मामलों की तेजी आई है। देश में अब कोरोना के कुल मामलों की संख्‍या 203926 हो गई है। सिओल और गियांगी प्रांत से सबसे अधिक मामले सामने आ रहे हैं। एएनआई के मुताबिक दक्षिण कोरिया में डेल्‍टा वैरिएंट के मामले सामने आने के बाद सरकार की चिंता बढ़ गई है। यहां वैक्‍सीन के लिए योग्‍य लोगों की करीब 39 फीसद आबादी को इसकी खुराक दी जा चुकी है।


नेपाल में डेल्‍टा वैरिएंट के चलते जो मामले बढ़ रहे हैं उसकी वजह से दिक्‍कतें बढ़ गई हैं। इसको देखते हुए सुकराराज ट्रॉपिकल एंड इंफेक्शियस डिजीज अस्‍पताल में अस्‍थायी व्‍यवस्‍था की गई है जहां पर मरीजों को रखा जा सकता है। यहां पर मरीजों के लिए ऑक्‍सीजन सिलेंडर की भी व्‍यवस्‍था की गई है।

रायटर के मुताबिक थाईलैंड में बीते 24 घंटों के दौरान 20200 नए मामले सामने आए हैं और 188 मरीजों की मौत भी हुई है। यहां पर कोरोना के कुल मामले अब बढ़कर 672385 हो गए हैं।


जापान की राजधानी टोक्‍यो में 3709 नए मामले सामने आए हैं। आपको बता दें कि यहां पर ओलंपिक गेम्‍स चल रहे हैं। लगातार पांचवें दिन 3 हजार से अधिक मामले सामने आने के बाद सरकार की चिंता बढ़ गई है। रायटर ने बताया है कि जापान में सरकार विवादित नई कोरोना पॉलिसी को वापस लेने पर विचार कर रही है। इस पॉलिसी के तहत कम गंभीर वाले मामलों वाले रोगियों को भी अस्‍पताल में ही आइसोलेट होने का निर्देश दिया गया था। अब सरकार ने इस पर विवाद होने के बाद इसको वापस लेने का संकेत दे दिया है। सरकार इस बारे में फैसला ले सकती है कि ऐसे मरीजों को घर पर ही आइसोलेट रहने दिया जाए।


तुर्की में बीते 24 घंटों के दौरान कोरोना के 24832 नए मामले सामने आए हैं। इसके बाद यहां पर इसके कुल मामले बढ़कर 5795665 हो गए हैं। इस दौरान देश में 126 मरीजों की मौत भी हुई है।

इजरायल में बीते 24 घंटों के दौरान 3460 नए मामले सामने आए हैं जिसके बाद यहां पर कुल मामले बढ़कर 882391 हो गए हैं। इस दौरान देश में 9 मरीजों की मौत भी हुई है।

मैक्सिको में बीते 24 घंटों के दौरान 18911 नए मामले सामने आए हैं और 657 मरीजों की मौत हुई है। यहां पर कोरोना के कुल मामले 2880409 हैं जबकि कुल मौतों की संख्‍या 241936 है।

चीन के राज वाले मकाऊ में कोरोना के चार मामले सामने आने के बाद यहां के 6 लाख लोगों की टेस्टिंग कराने की शुरुआत की जा चुकी है।

लेबनान में मंगलवार को 1240 नए मामले सामने आए हैं जिसके बाद यहां पर इसके कुल मामले 564364 हो गए हैं। यहां पर इस वायरस की वजह से अब तक 7917 मरीजों की मौत हो चुकी है।

भारत की बात करें तो एएनआई के मुताबिक यहां पर सोमवार के मुकाबले मंगलवार को कोरोना संक्रमण के मामलों में करीब 12 हजार से अधिक की तेजी आई है। वहीं मौतें भी बढ़ी हैं। स्‍वास्‍थ्‍य मंत्रालय के मुतबिक देश में बीते 24 घंटों के दौरान कोरोना संक्रमण के कुल 42625 नए मामले सामने आए हैं जबकि 562 मौतें हुई हैं। आईएएनएस के मुताबिक तमिलनाडु ने कोरोना वैक्‍सीन की 79 लाख खुराक मिलने की पुष्टि की है। सरकार का कहना है कि इसमें से 17 लाख खुराक प्राइवेट सेक्‍टर को दी जाएंगी और बाकी सरकार इस्‍तेमाल में लाएगी।


अफगानिस्तान में लौटेगा मौत की सजा का दौर, तालिबानी नेता मुल्ला नूरुद्दीन तुराबी का बयान

अफगानिस्तान में लौटेगा मौत की सजा का दौर, तालिबानी नेता मुल्ला नूरुद्दीन तुराबी का बयान

अफगानिस्तान में तालिबान की सत्ता में वापसी के बाद अब कट्टर इस्लामी कानूनों को लागू किया जाएगा। तालिबान के संस्थापकों में से एक और पूर्व कार्यकाल में इस्लामी कानूनों को कठोर व्याख्या के साथ लागू करने करने वाले एक प्रमुख प्रवर्तक ने कहा कि अफगानिस्तान में फिर से फांसी देने और हाथ काटने जैसी सजाएं देने का दौर लौटेगा। द एसोसिएटेड प्रेस के साथ एक साक्षात्कार में, मुल्ला नूरुद्दीन तुराबी ने अतीत में तालिबान के फांसी देने के तरीके पर दुनिया के ऐतराज को खारिज कर दिया है।

उल्लेखनीय है तालिबान के पिछले कार्यकाल में अक्सर चोरी करने वालों के हाथ काटने जैसी सजाएं स्टेडियम में भीड़ के सामने दी जाती थीं। तुराबी ने दुनिया को अफगानिस्तान के नए शासकों के मामले में हस्तक्षेप करने के खिलाफ चेतावनी दी।तुराबी ने कहा, स्टेडियम में दंड के लिए सभी ने हमारी आलोचना की। लेकिन हमने कभी उनके कानूनों और सजा देने के तरीके के बारे में कुछ नहीं कहा। हम नहीं चाहते कि कोई हमें बताए कि हमारे कानून क्या होने चाहिए। हम इस्लाम का पालन करेंगे और कुरान के मुताबिक अपने कानून बनाएंगे।


अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे से अमेरिका को सताने लगा हमले का डर

फेडरल ब्यूरो आफ इन्वेस्टिगेशन (एफबीआइ)के निदेशक क्रिस्टोफर रे ने चेतावनी दी कि अफगानिस्तान में तालिबान का कब्जा अमेरिका स्थित चरमपंथियों को अमेरिकी जमीन पर हमले की साजिश रचने के लिए प्रेरित कर सकता है। रे ने मंगलवार को सीनेट होमलैंड सिक्योरिटी एंड गवर्नमेंटल अफेयर कमेटी के समक्ष यह आशंका जाहिर की।दि हिल की रिपोर्ट के मुताबिक, रे ने कहा कि 2020 के मध्य से घरेलू आतंकवाद के मामले आसमान छू रहे हैं। मामले एक हजार से 2700 तक पहुंच गए हैं, जिनकी जांच अभी जारी है। चरमपंथी संगठनों ने कभी भी अमेरिकी जमीन पर हमलों की साजिश रचना बंद नहीं किया है।


इतना ही नहीं, नेशनल काउंटरटेररिज्म सेंटर के निदेशक क्रिस्टाइन अबीजेद ने भी कमेटी के समक्ष कहा कि दो दशक पूर्व की तुलना में अमेरिका में आतंकी हमलों की आशंका अधिक बढ़ गई है। अबीजेद ने यह भी कहा कि अमेरिकी अधिकारियों को इस बात पर ध्यान देना होगा कि अल-कायदा और इस्लामिक स्टेट किस प्रकार अपनी ताकत में इजाफा कर सकते हैं और अमेरिका में हमलों की साजिश रच सकते हैं।