कोरानावायरस से मृत्यु का आंकड़ा हुआ इतना

कोरानावायरस से मृत्यु का आंकड़ा हुआ इतना

. कोरानावायरस से मृत्यु का आंकड़ा लगातार बढ़ता ही जा रहा है. शनिवार को 89 लोगों व रविवार को कुछ व मौतों के बाद यह आंकड़ा 908 तक पहुंच गया है. जबकि इससे संक्रमित मरीजों की संख्या 40 हजार से अधिक हो गई है. चाइना की सरकार के हवाले से इसकी पुष्टि की गई है.

इससे पहले चाइना के राष्ट्रीय स्वास्थ्य आयोग ने बताया कि 2,656 नए मुद्दे सामने आए. जबकि शनिवार को 600 लोगों को उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी भी दे दी गई. हालांकि दुनिया स्वास्थ्य संगठन के स्वास्थ्य इमरजेंसी प्रोग्राम प्रमुख माइकल रेयान के अनुसार चाइना के हुबेई में आ रहे कोरोना वायरस के मामलों में ठहराव है. मगर इस पर भविष्यवाणी जल्दबाजी होगी.

सार्स को पीछे छोड़ा

साल 2002 से 2003 के बीच सीवियर एक्यूट रेस्पिरेटरी सिन्ड्रोम (सार्स) नामक वायरस से बहुत ज्यादा नुकसान हुआ था. अब कोरोना इससे कहीं आगे निकल गया है. उससे कहीं ज्यादा बड़ी महामारी बनकर यह उभरा है. सार्स की वजह से जहां 774 मौतें हुई थीं. कोरोना से संक्रमित लोगों का आंकड़ा भी करीब सार्स से संक्रमित लोगों से पांच गुना अधिक है.

पीएम मोदी का जिनपिंग को खत, मदद की पेशकश

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने चीनी राष्ट्रपति शी जिनपिंग को लेटर लिखकर कोरोना वायरस की आपदा से निपटने के लिए मदद की पेशकश की है. लेटर में उन्होंने चाइना के साथ मिलकर संकट से उबरने का भरोसा दिलाया. इससे होने वाली मौतों के प्रति गहरा शोक जाहीर किया गया है. चाइना में कोरोना वायरस से अब तक 811 लोगों की मृत्यु हो चुकी है. इससे प्रभावित मामलों की संख्या 37,198 पर पहुंच गई है. प्रधान मंत्री नरेन्द्र मोदी ने हुबेई प्रांत से करीब 650 हिंदुस्तानियों को निकालने में मदद देने के लिए भी जिनपिंग का आभार जताया.

सर्जिकल मास्क के निर्यात पर रोक हटी

सरकार ने सर्जिकल मास्क व दस्ताने के निर्यात पर रोक हटा ली है. हालांकि अन्य उपकरणों पर लगी रोक जारी रहेगी. बीते महीने कोरोना का संक्रमण फैलने के बाद ऐसे सभी उपकरणों के निर्यात पर रोक लगा दी गई. थी. विदेश व्यापार महानिदेशालय की अधिसूचना के मुताबिक, एक बार प्रयोग कर छोड़ दिए जाने वाले मास्क तथा एनबीआर ग्लव्स को छोड़कर सभी तरह के निर्यात की मंजूरी दे दी गई है.

चपेट में आने वाले राष्ट्रों में हिंदुस्तान 17वें जगह पर

एक शोध में पाया गया है कि कोरोनावायरस की गिरफ्त में आने वाले राष्ट्रों की सूची में हिंदुस्तान 17वें पायदान पर है. यह शोध जर्मनी के हम्बोल्ट यूनिवर्सिटी में एक रिसर्च करने वाली एक टीम ने किया है. 2019 नोवेल कोरोनावायरस ग्लोबल रिस्क असेसमेंट नामक शोध में बोला गया है कि उनका आकलन हवाई यातायात के आंकड़ों के आधार पर किया गया है. इसमें बोला गया है कि सबसे अधिक खतरा थाईलैंड को है उसके बाद जापान व दक्षिण कोरिया का नंबर है. अमरीका को छठा जगह दिया गया है. इस सूची के 30 राष्ट्रों में हिंदुस्तान के म्यांमार के अतिरिक्त किसी पड़ोसी देश का नाम नहीं आया है.