कोरोना वायरस को लेकर चाइना पर हिंदुस्तान ने उठाए यह बड़े सवाल, जाने जवाब

कोरोना वायरस को लेकर चाइना पर हिंदुस्तान ने उठाए यह बड़े सवाल, जाने जवाब

 कोरोना वायरस ने संसार भर में हाहाकार मचा रखा है. यह वायरस चाइना के वुहान से फैलना प्रारम्भ हुआ आज पूरी संसार को चपेट में ले चूका है. दुनिया इस वायरस की महामारी से निपटने के लिए हर संभव प्रयास कर रही है. 

इसी बीच चाइना को लेकर कई किस्म के सवाल भी खड़े हो गए हैं. वायरस की महामारी से जूझ रहे हिंदुस्तान ने जोर देते हुए बोला है कि विध्वंसक जैविक हथियार बनाने पर बैन लगाने वाली वैश्विक संधि का सख्ती से पालन कराया जाना चाहिए.

उल्लेखनीय है कि वैश्विक परिदृश्य में हिंदुस्तान का यह रुख बहुत अर्थ रखता है. सऊदी अरब में G 20 राष्ट्रों के शिखर सम्मेलन में हिंदुस्तान ने जैविक व खतरनाक हथियार संधि (BTWC) लागू होने की 45 वीं वर्षगांठ के मौके पर यह बात कही है. हिंदुस्तान ने जैविक हथियारों पर बैन लगाने का आह्वान किया साथ ही तबाही मचा रखे कोरोना वायरस का वैश्विक असर का भी जिक्र किया.

इसके साथ ही हिंदुस्तान के विदेश मंत्रालय ने बिना विस्तृत जानकारी दिए एक बयान में बोला है कि कोरोना वायरस महामारी के असर ने विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) की संस्थागत मजबूती सहित अंतर्राष्ट्रीय योगदान की जरूरत है. साथ ही बताया कि हिंदुस्तान संधि में शामिल अन्य मेम्बर राष्ट्रों के साथ मिलकर काम कर रहा है, ताकि जैव-खतरों व जैव-आपात स्थितियों से निपटने में असरदार किरदार निभाने के लिए आंकड़े जुटाए जा सकें. हिंदुस्तान का मानना है कि BTWC को नए व उभरते वैज्ञानिक व तकनीकी घटनाक्रम से पैदा होने वाली चुनौतियों का प्रभावी तरीका से जवाब देना चाहिए.