RSS पर बैन के लिए संयुक्त राष्ट्र पहुंचा पाकिस्तान, बताया 'हिंसक राष्ट्रवादी संगठन'

RSS पर बैन के लिए संयुक्त राष्ट्र पहुंचा पाकिस्तान, बताया 'हिंसक राष्ट्रवादी संगठन'

इस्लामाबाद: पाकिस्तान ने एक बार फिर संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद के मंच का उपयोग भारत के खिलाफ प्रोपगेंडा फैलाने और गलतबयानी करने के लिए किया है। संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के राजदूत ने दुनिया के सबसे शक्तिशाली मंच से राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ पर प्रतिबंध लगाने की मांग कर डाली। इतना ही नहीं, पाकिस्तान ने बीजेपी और कश्मीर को लेकर भी यूएन में खूब झूठ बोला।

भारत के खिलाफ जमकर उगला जहर
संयुक्त राष्ट्र में पाकिस्तान के राजदूत मुनीर अकरम ने मंगलवार को संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद में दुनियाभर के हिंसक राष्ट्रवादी समूहों को आतंकवादी संगठन घोषित करने की मांग की। उन्होंने अपने भाषण के दौरान बीजेपी और भारत में हिंदू-मुसलमान का राग भी अलापा, लेकिन अपने देश के अल्पसंख्यकों के हालात पर चुप्पी साधे रखी। वैश्विक शांति और सुरक्षा के लिए नए खतरे पैदा करने वाले पाकिस्तान ने दुनिया को आतंकवाद से निपटने के गुर सिखाए।

पाकिस्तानी राजदूत बोले- भारत में मुस्लिमों को धमकाती है बीजेपी
पाकिस्तानी राजदूत ने कहा कि हिंदू राष्ट्रवादी पार्टी बीजेपी हिंदुत्व विचारधारा को मानती है। उनके जहरीले बयान यहीं नहीं रुके। अकरम ने यहां तक कहा कि बीजेपी अपने देश के मुस्लिमों को धमकी भी देती है। खुद के लोगों पर फौज से हमले करवाने वाले पाकिस्तान ने यूएएनएससी को हिंसक राष्ट्रवाद के उदय को रोकने के लिए सुझाव भी दिया।

आतंकवाद के खात्मे पर दिया ज्ञान
पाकिस्तान ने अपने सुझाव में यूएनएससी से मांग करते हुए कहा कि वह सभी देशों से अपने यहां के हिंसक राष्ट्रवादी संगठनों को आतंकवादी संगठन के रूप में नामित करने के लिए कहे। इसमें श्वेत वर्चस्व, अन्य नस्लीय और जातीय रूप से प्रेरित समूहों को भी शामिल किया जाए। इसके अलावा पाकिस्तान ने कहा कि इन समूहों की हिंसक विचारधाराओं, भर्ती और वित्तपोषण पर तत्काल रोक लगाई जाए।

1267 प्रतिबंध समिति के विस्तार की मांग की
पाकिस्तान ने संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद से कहा कि उसे आरएसएस जैसे राष्ट्रवादी आतंकवादी समूहों को शामिल करने के लिए 1267 प्रतिबंध समिति का विस्तार करना चाहिए। पाकिस्तानी राजदूत ने अपने देश में जारी आतंकवाद को छोड़कर बाकी सभी विषयों पर ज्ञान दिया, जिससे उनका कोई लेना-देना नहीं है।

इमरान की तरह पाकिस्तानी राजदूत भी कश्मीर-कश्मीर चिल्लाए
पाकिस्तानी राजदूत यहीं नहीं रुके। उन्होंने अपने प्रधानमंत्री इमरान खान की तरह यूएनएससी में कश्मीर-कश्मीर चिल्लाते हुए भारतीय सेना पर भी जमकर झूठे आरोप लगाए। कश्मीर में आतंकवाद को पालने पोसने वाले पाकिस्तान ने भारतीय सेना के ऊपर लोगों को आतंकित करने का आरोप लगाया है। पाकिस्तानी राजदूत ने कहा कि भारतीय सेना कश्मीर में युद्ध अपराध और मानवता के खिलाफ अपराध कर रही है।


तेजस विमानों में कई देशों ने दिखाई दिलचस्‍पी, चीन के जेएफ-17 की तुलना में हैं बेहतर

तेजस विमानों में कई देशों ने दिखाई दिलचस्‍पी, चीन के जेएफ-17 की तुलना में हैं बेहतर

नई दिल्ली। स्वदेशी हल्के लड़ाकू विमान (एलसीए) तेजस को खरीदने में कई देशों ने दिलचस्पी दिखाई है। अगले कुछ वर्षों में विदेश से पहला ऑर्डर मिलने की उम्मीद है। यह कहना है तेजस विमान का निर्माण करने वाली सार्वजनिक क्षेत्र की कंपनी हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (एचएएल) के चेयरमैन और प्रबंध निदेशक आर. माधवन की। प्रेट्र के साथ साक्षात्कार ने माधवन ने कहा कि भारतीय वायुसेना को 48,000 करोड़ रुपये के सौदे के तहत मार्च, 2024 से तेजस विमानों की आपूर्ति शुरू हो जाएगी। वायुसेना ने 83 तेजस विमान खरीदे हैं।

उन्होंने कहा कि कुल विमानों की आपूर्ति तक वायुसेना को हर साल 16 विमान दिए जाएंगे। भारतीय वायुसेना और एचएएल के बीच पांच फरवरी को एयरो इंडिया एक्सो के दौरान इस सौदे पर औपचारिक रूप से हस्ताक्षर किए जाएंगे और इस मौके पर राष्ट्रपति रामनाथ कोविंद भी मौजूद रहेंगे। 

एचएएल के चेयरमैन ने कहा, चीन के जेएफ-17 की तुलना में बेहतर हैं तेजस मार्क-1ए विमान

माधवन ने कहा कि चीन के जेएफ-17 लड़ाकू विमान की तुलना में तेजस मार्क-1ए के प्रदर्शन का स्तर बहुत बेहतर है। जेएफ-17 की तुलना में तेजस की तकनीक तो अच्छी है ही इसमें बेहतर इंजन, रडार प्रणाली और इलेक्ट्रॉनिक वारफेयर सूट भी लगे हैं। तेजस की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें हवा से हवा में ही ईंधन भरा जा सकता है, जबकि चीनी विमान में यह सुविधा नहीं है। माधवन ने कहा कि शुरू में वायुसेना को चार विमान की आपूर्ति की जाएगी। उसके अगले साल यानी 2025 से हर साल 16 विमान दिए जाएंगे। 

उन्होंने बताया कि एलसीए प्लांट का दूसरा चरण भी पूरा हो गया है। हर साल 16 से ज्यादा विमानों का निर्माण करने की योजना है, ताकि विदेश से ऑर्डर मिलने पर उसे तय समय के भीतर पूरा किया जा सके। इस महीने की 13 तारीख को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई सुरक्षा मामलों की कैबिनेट समित की बैठक में भारतीय वायुसेना के लिए एचएएल से 73 तेजस मार्क-1ए विमान और 10 एलसीए तेजस मार्क-1 प्रशिक्षण विमान खरीदने को मंजूरी दी गई थी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक लड़ाकू विमान की कीमत 309 करोड़ और प्रशिक्षण विमान की कीमत 280 करोड़ रुपये पड़ेगी।


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