पाक ने अपने देश में पहली मेट्रो ट्रेन का ट्रायल किया, जो रहा विवादों में

पाक ने अपने देश में पहली मेट्रो ट्रेन का ट्रायल किया, जो रहा विवादों में

 एक तरफ हिंदुस्तान में जहां 10 शहरों में मेट्रो ट्रेन की सुविधा लोगों को मिल रही है वहीं पाक ने अपने देश में पहली मेट्रो ट्रेन का ट्रायल किया जो विवादों में रहा। मेट्रो ट्रेन का ट्रायल रन लाहौर शहर में मंगलवार को प्रारम्भ हुआ। वहीं एक रिपोर्ट में इस बात का पता चला है कि ऑरेंज लाइन मेट्रो का बहुप्रतीक्षित ट्रायल रन बीते मंगलवार को लाहौर के डेरा गुजरां से अली टाउन के बीच किया गया। 

इस मौके पर इलेक्ट्रिक ट्रेन में पंजाब के परिवहन मंत्री और कई अन्य वरिष्ठ ऑफिसर उपस्थित थे।

हम आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि मेट्रो रूट के सभी 26 स्टेशनों पर कड़ी सुरक्षा व्यवस्था की गई थी। सुरक्षा के लिए दो हजार पुलिसवालों को रूट पर तैनात किया गया था। ट्रायल रन तीन महीने तक चलेगा। उम्मीद की जा रही है कि तीन महीने बाद इसकी सेवा को आम जनता के लिए उपलब्ध करा दिया जाएगा। लाहौर की ऑरेंज लाइन मेट्रो परियोजना की आरंभ तत्कालीन मुस्लिम लीग-नवाज सरकार के कार्यकाल में प्रारम्भ हुई व यह चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे से जुड़ी परियोजनाओं में से एक है। चीनी विशेषज्ञों की इसके निर्माण में मुख्य किरदार रही है। इस पर 264 अरब पाकिस्तानी रुपये की लागत आई है।

मेट्रो के ट्रायल रन की आरंभ पर पॉलिटिक्स भी हावी रही। पाक मुस्लिम लीग-नवाज के सदस्यों ने एक दिन पहले ही, सोमवार को इस ट्रायल रन का अपने तौर से उद्घाटन करने के लिए एक समारोह आयोजित किया जिसमें जमकर ढोल बजाए गए व परंपरागत पंजाबी नृत्य हुए। पार्टी ने बोला कि यह मेट्रो उसके नेता नवाज शरीफ का जनता के लिए तोहफा है। वह सत्ता में न रहकर भी जनता को तोहफे दे रहे हैं। ट्रायल रन के उद्घाटन पर पॉलिटिक्स का दखल इस हद तक रहा कि बोला जा रहा है कि इस मौका पर पाकिस्तानी पीएम इमरान खान को आमंत्रित किया गया था लेकिन उन्होंने 'व्यस्तताओं के कारण' आने में असमर्थता जताई।