इस बीमारी से मुक्त नहीं हो पा रहा है पाकिस्तान, पढ़े

इस बीमारी से मुक्त नहीं हो पा रहा है पाकिस्तान, पढ़े

 बदहाल पाक में स्वास्थ्य व्यवस्थाएं बहुत ज्यादा लचर है व इसका अंदाजा इस बात से लगाया जा सकता है कि पाक में अभी भी पोलियो जैसे गंभीर बीमारी से बच्चे ग्रसित हो रहे हैं. जबकि हिंदुस्तान पोलियो मुक्त हो चुका है.

अब पाक में पोलियो के सात नए मुद्दे सामने आए हैं, जिससे इस वर्ष पोलियो के मुद्दे बढ़कर 111 हो गए हैं. 

डॉन न्यूज ने गुरुवार को अपनी रिपोर्ट में बताया है कि सात मामलों में से चार खैबर पख्तूनख्वा (KP) के हैं व शेष सिंध व बलूचिस्तान से हैं.

 

इस वर्ष 111 मामलों में से 79 मुद्दे खैबर पख्तूनख्वा से, 17 सिंध से, नौ बलूचिस्तान से व छह पंजाब से हैं. आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, 2018 में पाक में 12 मुद्दे सामने आए थे, जबकि सिंध के कराची में पिछले साल केवल एक पोलियो का मुद्दा समाने आया था. संसार में केवल दो देश पाक व अफगानिस्तान हैं, जहां अभी भी पोलियो के मुद्दे सामने आ रहे हैं.

पोलियो से मुक्त हो चुका है भारत

आपको बता दें कि संयुक्त देश ने 1988 में दुनिया को पोलियो मुक्त करने का अभियान शुरुआत किया था. वहीं हिंदुस्तान में डाक्टर हर्षवर्धन ने दिल्ली सरकार में 1993 से 1998 तक स्वास्थ्य मंत्री रहने के दौरान पल्स पोलियो प्रोग्राम की आरंभ की थी. यह 1995 में राष्ट्रीय स्वास्थ्य योजना में शामिल होकर देशव्यापी अभियान में परिणत हुआ था.

 

भारत को पोलियो से मुक्ति का औपचारिक प्रमाण लेटर हिंदुस्तान मिल चुका है. इससे पहले ही दुनिया स्वास्थ्य संगठन ( WHO ) ने हिंदुस्तान को पोलियो ग्रसित राष्ट्रों की सूची से बाहर कर दिया था. 24 अक्तूबर, 2012 को हिंदुस्तान ने पोलियो मुक्त देश का अभियान चलाया था. इस काम के लिए एक्टर अमिताभ बच्चन को ब्रांड अंबेसड़र बनाया गया व उन्होंने 'दो बूंद जिन्दगी की’ के नारे के साथ लोगों को जागरूक करने का कार्य किया.