अमेरिका, ब्राजील, आस्‍ट्रेलिया और ब्रिटेन में जानें कैसा है कोरोना का हाल

अमेरिका, ब्राजील, आस्‍ट्रेलिया और ब्रिटेन में जानें कैसा है कोरोना का हाल

पूरी दुनिया में कोरोना संक्रमण का दायरा बढ़ रहा है। एशिया, यूरोप, उत्‍तरी और दक्षिणी अमेरिका, अफ्रीका समेत आस्‍ट्रेलिया में भी एक जैसा ही हाल दिखाई दे रहा है। कई देशों में इसकी तीसरी, चौथी या पांचवीं लहर तक सामने आ रही है। दक्षिण अमेरिका की ही बात करें तो यहां पर ब्राजील से सबसे अधिक कोरोना के मामले सामने आ रहे हैं। इसके बाद अर्जेंटीना, कोलंबिया, मैक्सिको, पेरू, चिली, इक्‍वाडोर, बोल्विया, पैराग्‍वे, पनामा आदि हैं। रॉयटर के मुताबिक लेटिन अमेरिका के देशों में कोरोना संक्रमण्‍ के कुल मामले 41081000 हैं जबकि 1377000 मरीजों की अब तक मौत हो चुकी है।

आईएएनएस के मुताबिक ब्रिटेन में 17 मार्च के बाद से एक दिन में सबसे अधिक कोरोना से मौतें दर्ज की गई हैं। सरकार के मुताबिक बीते 24 घंटों के दौरान यहां 138 मौत हुई हैं, जिसके बाद यहां पर मौतों का आंकड़ा 129881 हो गया है। देश में कोरोना के नए मामले 21691 दर्ज किए गए हैं। इसके बाद यहां पर कोरोना के कुल मामले 5,923,820 हो गए हैं।


अमेरिका कोरोना के बढ़ते मामलों को देखते हुए बाहर से आने वाले माइग्रेंट्स को भी कोरोना वैक्‍सीन की खुराक देने पर विचार कर रहा है। यहां पर न्‍यूयॉर्क में रेस्‍तरां, जिम और दूसरे व्‍यापारिक संस्‍थानों में जाने वालों को पहले कोरोना वैक्‍सीन लगी है इसका सर्टिफिकेट दिखाना होगा। पूरे अमेरिका में अब तक 347,377,149 वैक्‍सीन की खुराक दी जा चुकी हैं। सीडीसी के मुताबिक अमेरिका में 27 जुलाई के बाद से ही लगातार हर रोज 70 हजार से अधिक मामले सामने आ रहे हैं। 2 अगस्‍त को यहां पर 78806 मामले आए थे। 30 जुलाई को देश में 105347 मामले सामने आए थे। यहां पर कैलीफॉर्निया में सबसे अधिक मामले सामने आए हैं।

एएनआई ने बताया कि ब्राजील में बीते 24 घंटों के दौरान 32316 नए मामले सामने आए हैं और 1209 मौतें हुई हैं। इसके बाद यहां पर कोरोना के कुल मामले बढ़कर जहां 19985817 हो गए हैं वहीं मौतों का आंकड़ा 558432 पर पहुंच गया है। आपको बता दें कि अमेरिका के बाद ब्राजील में ही सबसे अधिक कोरोना से मौतें हुई हैं।

रायटर के मुताबिक आस्‍ट्रेलिया में कोरोना के मामले लगातार बढ़ रहे हैं। यहां पर मंगलवार को इसकी वजह से एक सबसे कम उम्र के व्‍यक्ति की मौत हुई है। इसकी उम्र 20 वर्ष बताई गई है। ये मौत न्‍यूसाउथ वेल्‍स में हुई है। यहां पर कोरोना के मामले 16 माह में सर्वाधिक सामने आए हैं। जानकारी के मुताबिक यहां पर बीते 24 घंटों के दौरान 233 नए मामले सामने आए हैं। सिडनी में बढ़ते मामलों की वजह से लॉकडाउन लगा हुआ है जो छठे सप्‍ताह में प्रवेश कर चुका है। यहां पर वैक्‍सीन के योग्‍य करीब 20 फीसद लोगों को इसकी खुराक दी जा चुकी है।


अफगानिस्तान में लौटेगा मौत की सजा का दौर, तालिबानी नेता मुल्ला नूरुद्दीन तुराबी का बयान

अफगानिस्तान में लौटेगा मौत की सजा का दौर, तालिबानी नेता मुल्ला नूरुद्दीन तुराबी का बयान

अफगानिस्तान में तालिबान की सत्ता में वापसी के बाद अब कट्टर इस्लामी कानूनों को लागू किया जाएगा। तालिबान के संस्थापकों में से एक और पूर्व कार्यकाल में इस्लामी कानूनों को कठोर व्याख्या के साथ लागू करने करने वाले एक प्रमुख प्रवर्तक ने कहा कि अफगानिस्तान में फिर से फांसी देने और हाथ काटने जैसी सजाएं देने का दौर लौटेगा। द एसोसिएटेड प्रेस के साथ एक साक्षात्कार में, मुल्ला नूरुद्दीन तुराबी ने अतीत में तालिबान के फांसी देने के तरीके पर दुनिया के ऐतराज को खारिज कर दिया है।

उल्लेखनीय है तालिबान के पिछले कार्यकाल में अक्सर चोरी करने वालों के हाथ काटने जैसी सजाएं स्टेडियम में भीड़ के सामने दी जाती थीं। तुराबी ने दुनिया को अफगानिस्तान के नए शासकों के मामले में हस्तक्षेप करने के खिलाफ चेतावनी दी।तुराबी ने कहा, स्टेडियम में दंड के लिए सभी ने हमारी आलोचना की। लेकिन हमने कभी उनके कानूनों और सजा देने के तरीके के बारे में कुछ नहीं कहा। हम नहीं चाहते कि कोई हमें बताए कि हमारे कानून क्या होने चाहिए। हम इस्लाम का पालन करेंगे और कुरान के मुताबिक अपने कानून बनाएंगे।


अफगानिस्तान में तालिबान के कब्जे से अमेरिका को सताने लगा हमले का डर

फेडरल ब्यूरो आफ इन्वेस्टिगेशन (एफबीआइ)के निदेशक क्रिस्टोफर रे ने चेतावनी दी कि अफगानिस्तान में तालिबान का कब्जा अमेरिका स्थित चरमपंथियों को अमेरिकी जमीन पर हमले की साजिश रचने के लिए प्रेरित कर सकता है। रे ने मंगलवार को सीनेट होमलैंड सिक्योरिटी एंड गवर्नमेंटल अफेयर कमेटी के समक्ष यह आशंका जाहिर की।दि हिल की रिपोर्ट के मुताबिक, रे ने कहा कि 2020 के मध्य से घरेलू आतंकवाद के मामले आसमान छू रहे हैं। मामले एक हजार से 2700 तक पहुंच गए हैं, जिनकी जांच अभी जारी है। चरमपंथी संगठनों ने कभी भी अमेरिकी जमीन पर हमलों की साजिश रचना बंद नहीं किया है।


इतना ही नहीं, नेशनल काउंटरटेररिज्म सेंटर के निदेशक क्रिस्टाइन अबीजेद ने भी कमेटी के समक्ष कहा कि दो दशक पूर्व की तुलना में अमेरिका में आतंकी हमलों की आशंका अधिक बढ़ गई है। अबीजेद ने यह भी कहा कि अमेरिकी अधिकारियों को इस बात पर ध्यान देना होगा कि अल-कायदा और इस्लामिक स्टेट किस प्रकार अपनी ताकत में इजाफा कर सकते हैं और अमेरिका में हमलों की साजिश रच सकते हैं।