गहरे समुद्र में दिखी विशालकाय 'लकड़ी', बाहर आने पर निकला मैमथ का 3 फुट लंबा दांत

गहरे समुद्र में दिखी विशालकाय 'लकड़ी', बाहर आने पर निकला मैमथ का 3 फुट लंबा दांत

वॉशिंगटन: करीब दो वर्ष पहले वैज्ञानिकों ने कैलिफोर्निया के तट पर एक अजीबोगरीब वस्तु देखी थी. पहली नजर में देखने पर यह एक विशाल लकड़ी के टुकड़े जैसा लगा था. वास्तव में एक 3 फुट लंबा विशालकाय मैमथ का दांत था. मोंटेरे बे एक्वेरियम रिसर्च इंस्टीट्यूट की एक रिसर्च टीम ने 2019 में समुद्र की सतह से लगभग 10,000 फीट नीचे पानी में एक पहाड़ की खोज करते हुए इस दांत की खोज की थी.

मिशिगन यूनिवर्सिटी के एक जीवाश्म विज्ञानी डैनियल फिशर ने एक प्रेस रिलीज में बोला था कि पहले भी मैमथ जीवाश्म समुद्र से निकाले जा चुके हैं. ऐसी वस्तुओं का गहरे समुद्र में पाया जाना बहुत दुर्लभ है. वैज्ञानिकों ने अंततः निर्धारित किया कि दांत एक युवा मादा कोलंबियन मैमथ का था, संभवतः एक जो लोअर पैलियोलिथिक युग के दौरान रहता था जो 2.7 मिलियन से 200,000 वर्ष पहले उपस्थित था.

समुद्र की गहराई में छिपे हो सकते हैं अन्य जीवाश्मशोधकर्ता अभी भी प्राणी की सटीक आयु निर्धारित करने के लिए कार्य कर रहे हैं. साथ उसके जीवन से जुड़े रहस्यों के बारे में जानने के लिए भी लगातार कोशिश किए जा रहे हैं, जैसे वह क्या खाती थी और कैसे रहती थी. कैलिफोर्निया यूनिवर्सिटी की शोधकर्ता कैटी मून ने द न्यूयॉर्क टाइम्स को बताया कि यह ' इंडिया ना जोन्स' और 'जुरासिक पार्क' का मिश्रण है. यह खोज समुद्र की गहराई में अन्य प्राचीन पशु जीवाश्मों की उपस्थिति का भी इशारा देती है.

मैमथ्स को वापस लाने की तैयारी कर वैज्ञानिकइससे पहले समाचार आ हजारों वर्ष पहले धरती पर पाए जाने वाले विशालकाय वुली मैमथ्स अब एक बार फिर जंगलों में घूमते नजर आ सकते हैं. नयी फंडिंग और साइंस की सहायता से एक अद्भुत और क्रांतिकारी प्रोजेक्ट को गति मिली है. इकोसिस्टम से विशालकाय जीवों के गायब होने के हजारों वर्ष बाद वैज्ञानिक छह वर्ष के भीतर इन्हें आर्कटिक जंगलों में वापस लाना चाहते हैं.

द गार्जियन की रिपोर्ट के अनुसार मेगा-रिच इन्वेस्टर बेन लैम और बिजनेस पार्टनर जॉर्ज चर्च द्वारा प्रोजेक्ट के लिए 11 मिलियन पाउंड जुटाने के बाद यह आशा जगी है. लैम और चर्च की फर्म Colossal जीन एडिटिंग सॉफ्टवेयर में माहिर हैं. वैज्ञानिकों को भरोसा है वह हजारों वर्ष पुरानी क्रब से मैमथ को वापस लाने में सफल होंगे.


अमेरिका को चीन से सबसे अधिक खतरा, टक्कर देने के लिए व्हाइट हाउस ने बनाया ये प्लान

अमेरिका को चीन से सबसे अधिक खतरा, टक्कर देने के लिए व्हाइट हाउस ने बनाया ये प्लान

अमेरिका ने भी मान लिया है कि अगर उसे सबसे अधिक किसी देश से खतरा है तो वह चीन है। वहीं दूसरे और तीसरे विरोधी के रूप में रूस और ईरान को माना है। इन तीनों देशों को टक्कर देने के लिए अमेरिकी रक्षा विभाग गुआम और ऑस्ट्रेलिया में सैन्य सुविधाओं का उन्नयन और विस्तार करेगा। इसके अलावा अमेरिका ने ऑस्ट्रेलिया और प्रशांत क्षेत्र के कई दीपों पर इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण करवाने और रोटेशपल बेस पर एयरक्राफ्ट की तैनाती की योजना बनाई है। इतना ही नहीं चीन की तानाशाही को रोकने के लिए अमेरिका ने अपने मित्र देशों के साथ गठजोड़ कर सहयोग नीति के जरिए काम करने की अपील की है। अमेरिकी रक्षा मंत्रालय ने बयान जारी करते हुए कहा है कि सितंबर में ही इसका खाका तैयार कर लिया गया था।

अमेरिका ने ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया से गठबंधन के बाद उठाया ये कदम
अमेरिका ने यह कदम ब्रिटेन और ऑस्ट्रेलिया के बीच एक नए रक्षा गठबंधन के गठन  के बाद उठाया है। दरअसल, ऑस्ट्रेलिया, ब्रिटेन और अमेरिका ने हाल ही में एक त्रिपक्षीय सुरक्षा समझौते की घोषणा की है, जिसे 'ऑकस' (AUKUS) का संक्षिप्त नाम दिया गया है। अमेरिका की ओर से हिंद-प्रशांत क्षेत्र में शांति व्यवस्था को कायम रखने के लिए ये कदम उठाया गया है। चीन और अमेरिका के बची कई मुद्दों को लेकर विवाद है। अमेरिका हमेशा से ही चीन में जारी मानवाधिकार उल्लंघन के अलावा ताइवान और दक्षिणी चीन सागर का मुद्दा उठाता आया है।

रूसी आक्रमण के खिलाफ हमारी योजना: अमेरिका
पेंटागन के एक अधिकारी ने बताया कि अमेरिका का यह कदम यूरोप में रूसी आक्रमण के खिलाफ योजना को मजबूत करता है और नाटो बलों को अधिक प्रभावी ढंग से संचालित करने में सक्षम बनाता है। अधिकारी ने कहा कि बाइडन प्रशासन ने अपने पूर्ववर्ती डोनाल्ड ट्रम्प के विघटनकारी दृष्टिकोण के बाद समीक्षा को आवश्यक महसूस किया, जिसने अमेरिकी प्रतिबद्धताओं को अचानक बदल दिया।