महारानी के मरने के बाद फ्यूनरल का दिन व नए राजा के ताजपोशी का दिन होगा नेशनल हॉलीडे

महारानी के मरने के बाद फ्यूनरल का दिन व नए राजा के ताजपोशी का दिन होगा नेशनल हॉलीडे

वैसे तो संसार में अब भी कई राजशाही परिवार हैं. जिनका महत्व आज भी उनके देश में उतना ही है जितना पहले हुआ करता था. मौजूदा समय में संसार के सभी राष्ट्रों में लोकतंत्र का महत्व ज्यादा बढ़ गया है. फिर भी ब्रिटेन ( Britain ) में राजशाही का आज भी पूरा महत्व है. भले ही ब्रिटेन की परंपराओं की जड़ों में लोकतंत्र समा गया हो, लेकिन महारानी व उनके परिवार को सबसे बड़ा दर्जा मिला हुआ है. जब भी ब्रिटेन के राजपरिवार में से कोई शख्स संसार को छोड़कर जाता है तब उसका फ्यूनरल भी उतना ही शाही होता है. मौजूदा समय में ब्रिटेन की Queen Elizabeth II 93 साल की हो चुकी है. अगर वो भगवान के पास चली जाती हैं, तब ब्रिटेन की इकोनॉमी ( UK Economy ) को बड़ा झटका लगेगा. यहीं नहीं संसार के करीब 10 राष्ट्रों की इकोनॉमी पर इसका गहरा असर पड़ेगा. आइए जानते हैं कैसे

93 वर्ष की हो चुकी हैं ब्रिटेन की महारानी
ब्रिटेन की महारानी एलिजाबेथ द्वितीय 93 वर्ष की हो चुकी हैं. आपको यकीन नहीं होगा फिर भी हम आपको बता देंते हैं कि उन्हें ब्रिटिश राजगद्दी पर बैठे हुए करीब करीब 67 वर्ष हो चुके हैं. जबकि ब्रिटेन के बीते चार पीएम की आयु भी 60 पार नहीं हुई है. है ना ताज्जुब की बात. आज तक ब्रिटेन में इतने लंबे समय तक किसी इंसान ने क्राउन नहीं पहना है. उनके सिर पर 1953 में ब्रिटिश क्राउन सजाया गया था.

विदाई भी भव्यता के साथ
ब्रिटेन की रॉयल फैमिली अपने भव्य जीवनशैली के लिए जानी जाती है. वैसे भी जब महारानी की मृत्यु होगी तो वो सदी की सबसे बड़ी घटनाओं में से एक होगी. ऐसे में उनकी विदाई भी पूरी भव्यता के साथ होगी. जिसका पूरा खर्चा ब्रिटिश सरकार वहन करेगी. अब दशकों से ब्रिटेन में कुछ घटा नहीं तो इस बात का अंदाजा लगा पाना कठिन है कि उनकी मृत्यु पर खर्चा कितना होगा.

प्रिंसेज डायना की मृत्यु पर आया था इतना खर्चा
रॉयल फैमिली में आखिरी मृत्यु प्रिंसेज डायना की हुई थी. उस समय उनकी फ्यूनरल में 10 मिलियन डॉलर का खर्चा आया था. अगर इसे मौजूदा भारतीय करंसी के हिसाब से देखा जाए जो 70.68 करोड़ रुपए बैठता है. तो अब आप इस बात का अंदाजा लगा सकते हैं कि ब्रिटेन की महारानी के फ्यूनरल पर कितना खर्च होने कि सम्भावना है.

बदल जाएगी इंग्लैंड की करेंसी
महारानी की मृत्यु के बाद इंग्लैंग को एक नया राजा तो मिलेगा ही, लेकिन अर्थव्यवस्था में कितना बदलाव आएगा इस बात का आप अंदाजा भी नहीं लगा सकते. जी हां, देश की पूरी करंसी में परिवर्तन किया जाएगा. क्योंकि मौजूदा महारानी की तस्वीर लगी है. जिन्हें बदलकर उस करंसी में उस वक्त क्राउन पहनने वाले की तस्वीर लगाकर नयी करंसी छापी जाएगी. आंकड़ों पर बात करें तो इंग्लैंड की करंसी की कुल संख्या 3.6 बिलियन से ज्यादा है. जिन्हें बदलने में करीब 200 मिलियन डॉलर यानी 1414 करोड़ रुपए के करीब खर्चा आएगा.

6 बिलियन डॉलर का होगा नुकसान
महारानी के मरने के बाद फ्यूनरल का दिन व नए राजा के ताजपोशी का दिन नेशनल हॉलीडे होगा. आपको जानकर ताज्जुब होगा कि इंग्लैंड में एक दिन का नेशनल हॉलीडे पर 3 बिलियन डॉलर का नुकसान देता है. यानी दो नेशनल हॉलीडे पर इंग्लैंड की अर्थव्यवस्था को 6 बिलियन डॉलर यानी 42 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का नुकसान होता है.

इन राष्ट्रों की भी बदल जाएगी करंसी
ब्रिटेन की महारानी के मरने के बाद सिर्फ इंग्लैंड की करंसी में ही परिवर्तन नहीं होगा. बल्कि न्यूजीलैंड, ऑस्ट्रेलिया, कनाडा, जमैका, मॉरिशियस, केमेन, आईलैंड, सेंट हेलेना, इस्ले ऑफ मैन, जर्सी, जिब्राल्टर आदि राष्ट्रों की करंसी में महारानी की तस्वीर लगी हैं. जिन्हें बदला जाएगा. जिन्हें बदलने में करीब 1 बिलियन डॉलर यानी 7 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा का खर्च आएगा.

तो इतना आएगा खर्चा
अगर इन सभी खर्चोंं व नुकसान को मिला लिया जाए तो महारानी की मृत्यु के बाद जो कुल खर्चा आएगा वो करीब 8 बिलियन डॉलर होगा. अगर मौजूदा समय में भारतीय करंसी से हिसाब लगाया जाए जो करीब 56 हजार करोड़ रुपए से ज्यादा बैठेगा.