जब ना खुले ‘हाय ब्लड प्रेशर’ का ताला, तो आयुर्वेद की चाबी दिखाएगी अपना जादू

जब ना खुले ‘हाय ब्लड प्रेशर’ का ताला, तो आयुर्वेद की चाबी दिखाएगी अपना जादू

क्या कभी आपके घरवालों ने आपसे ये बातें कही हैं – गुस्सा कम करो, नहीं तो ब्लड प्रेशर बढ़ जाएगा… टेंशन ना लो, ब्लड प्रेशर बढ़ जाएगा…  ये मत खाओ, तुम्हारे लिए ठीक नहीं है! ऐसी बातें आपको तब सुननी पड़ती हैं, जब आप हाय ब्लड प्रेशर की तकलीफ से गुजर रहे हों। लेकिन आपने ये बात भी अक्सर सुनी होगी कि वक्त के साथ-साथ बदलाव जरूरी है, जो आपको लाना है आपके लाइफस्टाइल में। क्योंकि लाइफस्टाइल का सीधा असर पड़ता है आपकी सेहत पर। खास कर तब, जब आप हाय बीपी (High Blood Pressure) के शिकार हों।

नैशनल फैमली हेल्थ 2017 के किये गए सर्वे के मुताबिक भारत में हर 8 में से 1 व्यक्ति हाय ब्लड प्रेशर की तकलीफ से जूझ रहा है। हाय ब्लड प्रेशर (High blood pressure) या हायपरटेंशन (Hypertension) स्ट्रेस और अनहेल्दी डायट का भी सीधा संबंध माना जाता है। जहां आपने खाने पीने में ढिलाई बरती और वहीं आपका ब्लड प्रेशर आसमान को छूता दिखाई दिया। ऐसा ना हो, इसके लिए क्या करें? इस सवाल को आपने कभी अपने मन में दोहराया है? अगर नहीं, तो कोई बात नहीं क्योंकि इस आर्टिकल में आज हम आपको बताने जा रहें हैं कि कैसे हमारी संस्कृति की देन “आयुर्वेद” इस मामले में आपकी पूरी-पूरी मदद कर सकता है। 

दरअसल हाय ब्लड प्रेशर का इलाज अब मानो मुमकिन है क्योंकि आयुर्वेद से अब आप इसे पूरी तरह से रिवर्स कर सकते हैं। हो सकता है, आपको इस बात पर तुरंत यकीन ना आए! तो उसके लिए आयुर्वेद के कुछ ऐसे डॉक्टर्स हैं, जो सालों से इस विषय पर कड़ी रिसर्च कर इस बात की पुष्टि कर सकते हैं।  

लेकिन उससे पहले ये समझ लेते हैं कि टेंशन की वजह से हायपरटेंशन की तकलीफ क्यों होती है। 

हाय ब्लड प्रेशर (High blood pressure)- क्या है टेंशन और हायपरटेंशन का नाता?

हाय ब्लड प्रेशर एवं हायपरटेंशन दोनों एक ही बला है, बस नाम ही अलग-अलग हैं। इसलिए दोनों में कन्फ्यूज मत होना। होता ऐसा है कि जब आर्ट्रीज में ब्लड फ्लो नॉर्मल से ज्यादा तेज हो जाता है, तो आपको हाय ब्लड प्रेशर यानि हायपरटेंशन की तकलीफ होने लगती है। ऐसे में आप क्या कर सकते हैं? बस आपको दिल को संभालना है और आयुर्वेद का दामन थामना है, क्योंकि अब हायपरटेंशन का आयुर्वेदिक इलाज संभव है, जो आपके धड़कते दिल का ख्याल भी रखेगा और हाय बीपी (High blood pressure) की तकलीफ को दूर भी करेगा।

अगर बैठे होंगे ये साथी, तो गाड़ी आगे कैसे बढ़ेगी मेरे भाई!

हाय ब्लड प्रेश (उच्च रक्त चाप)–जो रातों की नींद ही नहीं, दिन का सुकून भी छीन कर ले जाता है। हमेशा मन में बना रहता है बीपी बढ़ जाने का डर, जो आपको चैन से जीने नहीं देता। लेकिन आखिर ये बीपी की तकलीफ होती ही क्यों है? आप भी यही सोचते होंगे ना कि अगर इस बीमारी की जड़ पकड़ में आ जाए, तो इस जड़ को ही उखाड़ देंगे। हम भी आपके इसी जज्बे को आगे बढ़ाना चाहते हैं। इसलिए आप पहले यह जान लें कि इस बीमारी की जड़ को कौन-सी आदतें खाद-पानी दे रही हैं।

टेंशन (Tension) – मत ले यार!

क्या हम सभी अपने चाहने वालों को नहीं कहते कि टेंशन मत लो! जबकि हम खुद टेंशन की गिरफ्त में होते हैं। ऐसा क्यों? क्योंकि न चाहते हुए भी टेंशन आ ही जाती है, जो आगे चलकर हाय ब्लड प्रेशर को इन्विटेशन दे देता है। रिसर्च के मुताबिक स्ट्रेस की वजह से ब्लड प्रेशर बढ़ने के चांसेज ज्यादा रहते हैं। दरअसल जब आप टेंशन में रहते हैं, तो उस समय बॉडी से एक का तरह का हॉर्मोन का सिक्रीशन होता है, जिससे कोर्टिसोल हॉर्मोन कहते हैं और ब्लड प्रेशर इनक्रीसज होने लगता है। 

नमक (Salt) – स्वाद नहीं, सेहत अनुसार

क्या आप भी खाने में बार-बार ऊपर से नमक डालकर खाते हैं? तो अभी भी वक्त है, संभल जाइए! क्योंकि ये आपकी सेहत पर नेगेटिव इम्पैक्ट डालता है। जब आप ज्यादा नमक खाते हैं, तो बॉडी में सोडियम लेवल बढ़ जाता है, जो आगे चल कर हाय ब्लड प्रेशर (High blood pressure) को न्योता देता है।

मोटापा (Obesity)- सौ बीमारी, पर रास्ता एक

बॉडी में मौजूद एक्स्ट्रा फैट आपका फिगर ही खराब नहीं करता, बल्कि ये हाय ब्लड प्रेशर की तकलीफ में भी इजाफा करता है। जिसे आगे चलकर हार्ट डिजीज भी पल्ले पड़ सकती है। 

एक्सरसाइज (Exercise)- मेहनत का फल मीठा होता है!

हेल्दी रहने के दो सिर्फ सीक्रेट्स होते हैं। पहला वर्कआउट और दूसरा डायट, जिसके बिना फिट रहना पॉसिबल नहीं है।  इसलिए अगर आप रेग्युलर वर्कआउट करते हैं, तो आपकी इस मेहनत का फल मीठा ही होगा। लेकिन अगर आप एक्सरसाइज नहीं करते, तो हाय ब्लड प्रेशर की तकलीफ बढ़ जाती है। नैशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इन्फॉर्मेशन (NCBI) के मुताबिक फिजिकल एक्टिविटी या एक्सरसाइज नहीं करने से हाय ब्लड प्रेशर आपकी जिंदगी में दाखिल हो सकता है।

जेनेटिक्स (Genetics) – ये तो घर की बात है न प्यारे! 

क्या आप जानते हैं हाय ब्लड प्रेशर की तकलीफ आपके जीन्स की वजहों से भी होती है? हम बताना चाहेंगे कि अगर आपके परिवार में हाय ब्लड प्रेशर के पेशेंट्स हैं, तो आपको भी आज नहीं तो कल, ये तकलीफ घेर सकती है। खास तौर पर 55 साल से ज्यादा उम्र के लोगों को भी हाय ब्लड प्रेशर होने का खतरा बना रहता है।

एल्कोहॉल (Alcohol)- थोड़ी सी जो पी ली है…

थोड़ी सी पी ली हो या ज्यादा, पीने की लत से से आ सकती है एक बड़ी बीमारी जिसका नाम है हायपरटेंशन। चाहे कोई पार्टी हो, या कोई खास मौका, चीयर्स करना सभी को अच्छा लगता है। लेकिन रिसर्च की मानें, तो वो लोग जो ज्यादा ड्रिंक करते हैं, उन्हें हायपरटेंशन (Hypertension) का खतरा ज्यादा रहता है।

स्मोकिंग (Smoking)- फिक्र को धुएं में उड़ाता चला गया…

टेंशन हो या टाइम पास, लोगों को चाय की चुस्कियों के साथ धुएं के छल्ले बनाते हुए तो आपने अक्सर देखा होगा, लेकिन यही स्मोकिंग की आदत आपके लिए भारी पड़ सकती है। क्योंकि ये एक नहीं, दो नहीं, बल्कि कई बड़ी बीमारियों को दावत दे देती है। जिसमें हाय ब्लड प्रेशर (उच्च रक्त चाप/ High Blood pressure) के साथ-साथ हार्ट डिजीज और कैंसर जैसी बीमारियां खास तौर पर देखी जाती है। 

अब आप ये जान लीजिए कि हायपरटेंशन की तकलीफ अकेले नहीं आती, ये अपने साथ लाती है कई प्रॉब्लम्स को। जिन्हें अगर वक्त पर समझा और संभाला ना जाए, तो ये तकलीफ और भी कई हेल्थ इश्यूज को अपना दोस्त और आपका दुश्मन बना देती है। लेकिन आपके ये दुश्मन कौन से हैं, ये जान लेते हैं – 

  • स्ट्रोक (Stroke)
  • हार्ट अटैक (Heart attack)
  • पेरिफेरल वैस्क्युलर डिजीज (Peripheral vascular disease)
  • किडनी डिजीज या किडनी फेल्यॉर (Kidney disease or failure)
  • आंखों की तकलीफ (Eye damage)
  • वैस्क्युलर डिमेंशिया (Vascular dementia)
  • कंसीव करने में दिक्कत (Complications during pregnancy)

रुकिए! रुकिए! अब इन बीमारियों का नाम पढ़कर टेंशन में मत आ जाना, क्योंकि टेंशन की वजह से बढ़ जाएगा आपका बीपी। खुद को थोड़ा रिलैक्स करें, क्योंकि हाय ब्लड प्रेशर का आयुर्वेदिक इलाज मुमकिन है। जिसमें आप हाइपरटेंशन को रिवर्स कर सकते हैं। वैसे शायद आप सोच रहें होंगे कि और न जाने कितनी दवाइयां खानी पड़ेगा? डॉक्टर के पास कितने चक्कर लगाने पड़ेंगे और ना जाने क्या-क्या। दरअसल जिस इलाज की हम बात कर रहें हैं, वो है आयुर्वेदिक इलाज। जरा सोचिये, बिना किसी साइड इफेक्ट्स के आपका ब्लड प्रेशर हो सकता है 120/80 mmHg  यानि कि बिलकुल नॉर्मल!  तो फिर कौन नहीं चाहता डिजीज फ्री रहना। अगर आप आयुर्वेद से जुड़े डॉक्टर से ऑनलाइन कंसल्टेशन (e-consultation) करते हैं, तो आप आसानी से हाय ब्लड प्रेशर से छुटकारा पा सकते हैं।

हाय ब्लड प्रेशर: ‘क्या करें – क्या ना करें, ये कैसी मुश्किल हाय!’

हायपरटेंशन जब आता है, तो अपने साथ पूरा साजो-सामान लेकर आता है। यानी कि पूरी शिद्दत से अपने होने के सबूत देने लगता है और धीरे-धीरे इन तकलीफों में इजाफा होने लगेगा। इन तकलीफों में आम तौर पर आपको इन्हें झेलने की जरूरत पड़ सकती है – 

  • लगातार सिरदर्द होना
  • थकान महसूस होना  
  • चेस्ट पेन होना
  • ब्रीदिंग प्रॉब्लम होना
  • इर्रेग्युलर हार्टबीट होना  

तो अब आप समझे कि कैसे हाय बीपी आपका सिरदर्द बढ़ा सकता है! अब फाइनली हम ये जानेंगे कि इन सभी से छुटकारा कैसे पा सकते हैं। ये तकलीफें अगर आपको भी दिखाई दे रही हैं, तो संभलने का वक्त आ गया है। अब आपको जरूरत है एक ऐसे इलाज की, जो आपका हाय ब्लड प्रेशर रिवर्स कर सकता है। चलिए समय ना गंवाते हुए आगे बढ़ते हैं! 

आयुर्वेद – अलीबाबा के खजाने से कम नहीं! 

अगर आप लंबे समय से हाय बीपी तकलीफ से परेशान हैं, तो आपको हाय ब्लड प्रेशर के रिवर्सल के बारे में जरूर सोचना चाहिए। जब आप आयुर्वेदिक एक्सपर्ट के पास अपनी समस्या लेकर जाते हैं, तो वो सबसे पहले आपको हेल्दी फूड हैबिट्स फॉलो करने की सलाह देते हैं। क्योंकि कहा जाता है, ‘योर डायट इज अ बैंक अकाउंट… गुड फूड चॉयसिस आर गुड इन्वेस्टमेंट’, यानि आपकी बॉडी बैंक अकाउंट की तरह है, जिसके लिए हेल्दी फूड सबसे बेस्ट इन्वेस्टमेंट होता है। तो चलिए जल्दी से जान लेते हैं उन हेल्दी फूड आयटम्स के बारे में, जो हाय ब्लड प्रेशर में आपकी मदद कर सकते हैं।

तुलसी (Basil)- कई बीमारियों से आसान प्रोटेक्शन 

तुलसी में मौजूद यूजेनॉल (Eugenol) गुणों से भरपूर माना जाता है और यही यूजेनॉल ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने में आपका साथ निभाता है। तुलसी की ताजी पत्तियों का सेवन हाय ब्लड प्रेशर पेशेंट्स के लिए अमृत से कम नहीं।

कैसे करें सेवन- तुलसी की 3 से 4 ताजी पत्तियों को रोजाना सुबह खाने से फायदा मिल सकता है। इसे सुबह या दिन में किसी वक्त खाया जा सकता है। 

इलायची (Cardamom)- बड़े काम की छोटी इलायची

खाना नमकीन हो या मीठा, दोनों का जायका बढ़ाने वाली ये छोटी सी इलायची आपकी बढ़ी हुई बीपी को भी कंट्रोल कर सकती है। नेशनल सेंटर फॉर बायोटेक्नोलॉजी इन्फॉर्मेशन (NCBI) के मुताबिक अगर आप 12 हफ्तों तक इलायची खाते हैं, तो आपका ब्लड प्रेशर नॉर्मल रह सकता है।

कैसे करें सेवन- 2 से 3 इलायची रोजाना खाएं। आप चाहें, तो खाना खाने के बाद भी मुखवास के तौर पर इलायची खा सकते हैं। 

नींबू (Lemon)- खट्टा फल है, पर देता है मीठी सेहत! 

कहते हैं नींबू गुणों से भरपूर होता है, जो आपकी सभी तकलीफें दूर कर देता है। फिर तो हाय ब्लड प्रेशर भी किसी बड़ी मुसीबत से तो कम नहीं, इसलिए रोजाना नींबू पानी पीने से ब्लड प्रेशर को कंट्रोल रखा जा सकता है। लेकिन बेहतर तब होगा, जब आप इसमें नमक ना मिलाएं।

कैसे करें सेवन-  सुबह-सुबह खाली पेट नींबू पानी पीएं। आप चाहें, तो गर्म पानी में भी नींबू का जूस मिलाकर पी सकते हैं।

अलसी (Flax seed)- ये है सूपरफूड 

अलसी में मौजूद ओमेगा-3 फैटी एसिड शरीर के लिए बहुत लाभकारी माना जाता है। गुणों से भरपूर होने के कारण फ्लैक्स सीड से हाय ब्लड प्रेशर का आयुर्वेदिक इलाज किया जाता है। द जर्नल ऑफ न्यूट्रिशन (JN) की रिसर्च के अनुसार फ्लैक्स सीड्स खाने से कार्डियोवैस्कुलर डिजीज का खतरा भी कम होता है। आप चाहें तो, फ्लैक्स सीड्स के पाउडर का इस्तेमाल भी कर सकते हैं।

आंवला (Gooseberry)- एक दवा, जो लड़े सौ बीमारियों से

आंवला विटामिन-सी रिच खाने से मिल सकता है। यह बालों और स्किन के लिए बेनिफिशियल होने के साथ-साथ हाय बीपी की परेशानी भी दूर करता है। ब्लड प्रेशर के इलाज के लिए आयुर्वेद एक्सपर्ट दवाओं के साथ-साथ आंवला खाने की सलाह भी देते हैं। इससे ब्लड सर्क्युलेशन भी बेहतर होता है।

कैसे करें सेवन- आप आंवले को कच्चा या शहद के साथ भी खा सकते हैं। 

तो अब आपने जाना कि कैसे ये सुपरफूड आपको कितने फायदे दे सकते हैं। इन्हें खाने से हाय ब्लड प्रेशर (High blood pressure) यानि हायपरटेंशन (Hypertension) को मात दी जा सकती है। लेकिन इन चीजों को दवा के रूप में खाने से पहले आपको आयुर्वेद एक्सपर्ट से ऑनलाइन कंसल्टेशन (e-consultation) ले लेना चाहिए, जिससे आप अपनी हेल्थ से जुड़ी सभी बातें एक्सपर्ट के साथ शेयर कर सकें और फिट रहें। 

अब अगर आप ये सोच रहें हैं कि क्या आपको आयुर्वेदिक दवाओं का सहारा लेना पड़ सकता है, तो इसका जवाब हैं – यह आपकी हेल्थ कंडिशन पर डिपेंड करता है। इसलिए आयुर्वेदिक एक्सपर्ट आपको आपकी तकलीफ के मुताबिक ही सलाह देते हैं। चलिए अब ये जान लेते हैं कि वो कौन सी आयुर्वेदिक मेडिसिन्स हैं, जो हाय ब्लड प्रेशर में आपकी मदद कर सकती हैं।

अश्वगंधा – स्ट्रेस हॉर्मोन से दो-दो हाथ 

आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों में शामिल अश्वगंधा को दवाई के तौर पर लिया जाता है, जिससे स्ट्रेस हॉर्मोन का सिक्रीशन कम होता है। जाहिर सी बात है, स्ट्रेस हॉर्मोन के कम होने से ब्लड प्रेशर कंट्रोल रहता है। इसके पाउडर या कैप्सूल खाने की सलाह दी जाती है।

शंखपुष्पी – एक तीर, दो निशाने 

याददाश्त बढ़ाने के साथ-साथ आयुर्वेद एक्सपर्ट हाय ब्लड प्रेशर (High blood pressure) का इलाज भी शंखपुष्पी से करते हैं। यही नहीं शंखपुष्पी स्ट्रेस को भी कम करने में मददगार साबित होता है। इसे आप सिरप के तौर पर भी ले सकते हैं। 

जटामांसी – ब्लड प्रेशर? वो क्या होता है? 

आयुर्वेदिक एक्सपर्ट ब्लड प्रेशर कंट्रोल करने के लिए जटामांसी को लेने की सलाह देते हैं। जटामांसी पाउडर फॉर्म में आसानी से उपलब्ध होने वाली आयुर्वेदिक दवा है। जिसे आप आयुर्वेदिक एक्सपर्ट की सलाह के मुताबिक ले सकते हैं। 

तो आपने जाना, कैसे अश्वगंधा, शंखपुष्पी और जटामांसी के इस्तेमाल से हायपरटेंशन का इलाज किया जा सकता है!  लेकिन ये दवाएं किस तरह लेनी है और इसके डोजेज क्या होंगे, ये जानने के लिए आयुर्वेदिक एक्सपर्ट से ऑनलाइन कंसल्टेशन (e-consultation) करें और बढ़ें हुए ब्लड प्रेशर को जल्द से जल्द रिवर्स करें। क्योंकि जब होगी सेहत फिट, तभी तो आप बनेंगे सूपरहिट।


महामारी से बचाव में कारगर 'मास्क' वन्यजीव के लिए साबित हो रहा नुकसानदेह

महामारी से बचाव में कारगर 'मास्क' वन्यजीव के लिए साबित हो रहा नुकसानदेह

वाशिंगटन। कोरोना वायरस महामारी (coronavirus pandemic) के दौरान कारगर मास्क ( Masks) वन्यजीवों, पक्षी और पानी में रहने वाले जीव-जंतुओं के लिए नुकसानदेह और घातक साबित हो रहा है।  जब से कोविड-19 संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए  सार्वजनिक जगहों पर मास्क को अनिवार्य किया गया है तब से एकबार इस्तेमाल किए जाने वाले सर्जिकल मास्क दुनिया भर के सड़कों, पानी और समुद्री तटों पर बिखरे पड़े हैं। एक बार पहना जानेवाला पतला सा प्रोटेक्टिव मटीरियल नष्ट होने में सैंकड़ों साल लगा देता है। पशु अधिकारों के समूह पेटा (PETA) के एश्ले फ्रुनो (Ashley Fruno) ने कहा, 'फेस मास्क का इस्तेमाल जल्दी नहीं खत्म होने वाला है लेकिन इस्तेमाल के बाद जब हम इसे  फेंक देते हें तब यह पर्यावरण और जानवरों को नुकसान पहुंचा सकता है।' 

 मलेशिया की राजधानी कुआलालंपुर के बाहरी इलाके में लंगूरों को मास्क के स्ट्रेप चबाते हुए देखा गया। वहीं ब्रिटेन के चेम्सफोर्ड सिटी में भी समुद्री पक्षी का पैर इस मास्क के फंदे में एक सप्ताह तक फंसा रह गया था। एनिमल वेलफेयर चैरिटी ने इस घटना का जिक्र कर सतर्क किया। चैरिटी की नजर जब इस पक्षी पर गई तब इसके पैर बंधे होने के कारण यह बेहोशी की अवस्था में था इसे तुरंत वन्यजीव अस्पताल (wildlife hospital) ले जाया गया।  

पर्यावरण के लिए काम करने वाले ग्रुप ओशंस एशिया (OceansAsia) के अनुसार,  पिछले साल 1.5 बिलियनसे अधिक मास्क समुद्रों में प्रवाहित किए गए। 


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