जानिए, क्या होता हैं सीजनल अफेक्टिव डिसॉर्डर व कैसे करे बचाव

जानिए, क्या होता हैं सीजनल अफेक्टिव डिसॉर्डर व कैसे करे बचाव

क्या बाहर के सुस्त व नीरस भरे मौसम से आपके चेहरे की मुस्कान चली जाती है व आप बिना किसी वजह के उदास हो जाते हैं? अगर ऐसा है तो आप सीजनल अफेक्टिव डिसॉर्डर (सैड) से पीड़ित हैं. 

सर्दियों में आपने अकसर लोगों को कहते सुना होगा कि वे उत्साह में कमी व थकान महसूस कर रहे हैं. उन्हें प्रतिदिन के कार्य करने में कठिन होती है. आपको कई तरह की दिक्कतें होने लगती हैं, जिनमें कार्य में मन न लगना व सामाजिक गतिविधियों से दूर रहने जैसी बातें शामिल हैं. वे सामाजिक मिलाप या दोस्तों के साथ जश्न के मौकों पर खुद को अलग-थलग पाते हैं.

क्या है सीजनल अफेक्टिव डिसॉर्डर:
यह मौसम के परिवर्तन से जुड़ा एक प्रकार का अवसाद है, जो अकसर लोगों को सर्दियों में होता है.

लक्षण :
आलस, उदासी, ऊर्जा में कमी, नाउम्मीदी का एहसास, बेवजह आत्महत्या की ओर झुकाव होना.

कैसे हो बचाव-
1-सोने-जागने के अपने नियम को कायम रखें :
यह सुनिश्चित करने की प्रयास करें कि आपके सोने व जागने का समय लगभग एक-समान ही है. जब तक संभव हो, इसका ध्यान रखें. इससे आपके शरीर व मस्तिष्क को एक लय में कार्य करने का मौका मिलता है. यह आपके अच्छे एहसासों व मिजाज को बनाए रखने में मदद करता है.
 
2-ग्रीन टी पिएं :
-हम शरीर में जो पोषण लेते हैं, उसका हमारी भावनाओं पर गहरा असर होता है. ग्रीन टी में मिजाज को बेहतर बनाने वाले तत्व होते हैं, जैसे-अमिनो एसिड एल-थिएनाइन.

3-घर से बाहर निकलें : 
घर से निकलने की ख़्वाहिश न होने के बावजूद खुद को बाहर जाने के लिए प्रेरित करें. खुद को अलग-थलग न रखें. दोस्तों व परिवार के बीच समय बिताएं.

4-घर पर लाइट बनाए रखें : 
अंधेरी जगहों पर न रहें. जहां रहते हैं, वहां रोशनी जलाए रखें. अगर बंद स्थान पर हैं, तो पर्दे समेट दें, ताकि प्राकृतिक लाइट के आने में कोई रुकावट न आए व प्राकृतिक ऊर्जा मिलती रहे.

5-वह करें, जो अच्छा लगे :
 बिस्तर पर रजाई के अंदर पड़े रहने की आदत छोड़ें, बल्कि कोई ऐसा कार्य करें, जो आप करना चाहते हैं, ताकि दिनभर एक अच्छा एहसास आपके साथ जुड़ा रहे.

6-काम को बढ़ने न दें :
 काम करने के लिए मिजाज के बेहतर होने या उत्साह के लौटने का इंतजार न करें. जो कार्य करने की आवश्यकता है, उन्हें छोटे-छोटे टुकड़ों में बांट कर करें. अगर आपको इसमें कठिन हो रही है, तो अपने आसपास के लोगों की मदद लें.

विशेषज्ञ की मदद लें : यह सब करने के बावजूद आपको उदासी, सुस्ती, चिंताएं घेर रही हैं या आपके सोने व खाने की प्रवृत्ति बिगड़ी हुई है, तो किसी विशेषज्ञ की मदद लेने में बिल्कुल भी झिझक नहीं करें.