जाने, कोरोना वायरस से जुड़े इन मिथक व उनकी हकीकत के बारे मे

जाने, कोरोना वायरस से जुड़े इन मिथक व उनकी हकीकत के बारे मे

कोरोना वायरस के बढ़ते संक्रमण के कारण प्रतिदिन कई मिथक और अफवाहें सामने आ रहे हैं. लेकिन ऐसे समय में यह जानना बहुत महत्वपूर्ण है कि क्या ठीक है व क्या गलत हैं. आइए जानतें हैं ऐसे ही कुछ मिथक व उनकी हकीकत

मिथक: कोरोना वायरस मच्छर के काटने से फैल सकता है

हकीकत : अभी तक ऐसा कोई प्रमाण नहीं मिला है कि कोरोना वायरस मच्छर के काटने से फैल सकता है. यह श्वसन तंत्र को प्रभावित करने वाला वायरस है, जो संक्रमित आदमी के खांसने या छींकने के दौरान दूसरे आदमी तक पहुंचता है. ऐसे में सोशल डिस्टेंस या सामाजिक दूरी बरतना महत्वपूर्ण है, खासतौर पर ऐसे आदमी के सम्पर्क में आने से बचें, जिसे खांसी की शिकायत हो.

मिथक: हैंड ड्रायर्स वायरस को मारने में सक्षम हैं.

हकीकत : यह महज भ्रम है, इस बात में कोई सच्चाई नहीं है. नया कोविड-19 पर तापमान का कोई असर नहीं पड़ेगा. हाथों की अच्छी तरह से सफाई करने के बाद उन्हें साफ तौलिये से पोछें व हैंड ड्रायर्स से अच्छी तरह सुखा लें.

मिथक: वायरस धातु की सतह पर हमेशा जीवित रह सकता है.

हकीकत : यह वायरस घर, दफ्तर व गाड़ी जैसी जगहों के अंदर उपस्थित धातुओं की सतह पर 8 से 10 घंटों तक जीवित रह सकता है. लेकिन सामान्य स्थिति में यह 3 से 4 घंटे ही जिंदा रह सकता है. कुछ विशेषज्ञ मानते हैं कि बाहर के वातावरण का तापमान बढ़ने से वायरस के फैलने की आसार कम हो सकती है. लेकिन इस बात की पुष्टि के लिए वैसे कोई वैज्ञानिक साक्ष्य उपस्थित नहीं है.

मिथक: कोविड 19 हवा से फैलने वाला संक्रमण है.

हकीकत : ठीक अर्थ में यह हवा से फैलने वाला संक्रमण नहीं है. जब संक्रमित आदमी खांसता या छींकता है, तब उसके मुंह से बहुत छोटी-छोटी बूंदें निकलती हैं. ये बूंदें एक मीटर की दूरी तक पहुंच सकती हैं, जो किसी आदमी से सम्पर्क होने पर उस तक इस खतरनाक वायरस को पहुंचाती हैं. जब आप संक्रमित आदमी के करीब होते हैं, तब इन छोटी-छोटी बूंदों के आपके चेहरे से चिपकने की आसार ज्यादा रहती है. ये बूंदें किसी भी सतह पर चिपक सकती हैं व इस तरह वायरस कुछ घंटों तक सतह पर जीवित रहता है.

मिथक: सेनिटाइजर का प्रयोग साबुन से हाथ धोने जितना बेहतर है.

हकीकत : जब आप यात्रा या ऐसी ही किसी स्थिति में होते हैं, जहां साबुन व पानी की उपलब्धता नहीं है, तब सेनिटाइजर का प्रयोग करना लाभकारी होता है. लेकिन, हाथ धोने के लिए साबुन व पानी के प्रयोग को अहमियत दें. सेनिटाइजर ऐसा रसायन है, जो वायरस को मारता है, लेकिन प्रयोग के बाद यह रसायन हमारी हथेलियों पर बना रहता है. इसलिए अगर आपने कहीं भी सेनिटाइजर का प्रयोग किया है तो मौका मिलने पर या घर पहुंच कर जरूर अपने हाथ साबुन से धो लें.

मिथक: शराब पीने से कोविड संक्रमण के बचाव में मंदद मिलती है. 

हकीकत : दुनिया स्वास्थ्य संगठन के मुताबिक, यह धारणा ठीक नहीं है. शराब पीने से न तो यह खतरनाक वायरस मरता है व न ही इससे बचाव में मदद मिलती है. शराब पीने से इम्यून सिस्टम निर्बल होता है, इसलिए इससे बचें.