कोरोना काल में अपनी इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए करे योगा

कोरोना काल में अपनी इम्यूनिटी बढ़ाने के लिए करे योगा

योग एक प्राचीन विज्ञान है व इससे इम्यूनिटी विकसित होती है. रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्यूनिटी)। रातो रात बढने वाली ताकत नही है. जो लोग जमीन से जुडे हुए है उनकी इम्यूनिटी बडे आलीशान मकानों में रहने वाले लोगों से ज्यादा अच्छी है. मार्केट के इम्यूनिटी बूस्टर उत्पाद हम लेने लगे तो यह बढ़ जाएगी, ऐसा नहीं है. हमारे देश में कुछ चीजें रोज प्रयोग होती है वह सारी चीजे इम्यूनिटी को बढाने में सहायक होती है जैसे नीम के पत्ती, आँवला, हल्दी, दालचीनी, शहद, काली मिर्च, गिलोय, लहुसन, अदरख , सोठ, आदि.

योग गुरु गुलशन कुमार ने  कहा कि प्रातः काल अगर कोई दो चम्मच शहद में एक चौथाई चम्मच पिसी काली मिर्च , एक चौथाई चम्मच अदरक का रस का सेवन करे तो नजला, जुकाम और कफ और खांसी और गले की खराश मे राहत मिलेगी. दिन में एक बार आँवला का चूर्ण गुनगुने जल से सेवन करे या आंवला मुरब्बा खाए , रात्रि के समय शुद्ध हल्दी मिला दूध ले तो यह बेहतर इम्यूनिटी का अच्छा स्रोत होने कि सम्भावना है. 

दालचीनी को पीसकर शहद में मिला कर लेने से खासी बलगम में राहत पाई जा सकती है. बुखार होने पर गिलोय को पानी में उबाल कर उसका सेवन करने से शरीर का तापमान को कम करने में सहायता मिलती है. प्राकृतिक चिकित्सा पद्धति में तेज बुखार होने पर हरा नारियल का पानी व मौसमी का रस बारम्बार लेने से भी तेज बुखार में फायदा लोगों को मिला है.

उन्होने बोला कि इस कोरोना काल में योग विद्या की चर्चा शायद बहुत हुई । कोरोना के काले बादल प्रत्येक आदमी को भयभीत कर रहे हैं । ऐसे में विश्व हिंदुस्तान की व आस लगाए हुए हैं कि कोई भारतीय चिकित्सा पद्धति इस कोरोना काल में अवश्य निकल कर आएगी जो इस रोग को जीतने में सहायता गार होगी. इसमे योग, आयुवेर्द, प्राकृतिक चिकित्सा पद्धतियों से कोरोना के लक्षणो से बचने के लिए भरपूर इस्तेमाल हुए हैं.
योग की षट्कर्म शुद्धि क्रियाएं, योग सुक्ष्म क्रियाएं, सूर्य नमस्कार, ताडासन, गोमुखासन, भुंजगासन, धनुरासन , के साथ साथ डीप ब्रीदिग, प्राणायाम और मैडीटेशन आदि है. इसके अलावा सूर्य धूप स्नान, गरम पानी का सेवन भी भरपूर मात्रा में हुआ है. गरम पानी का सेवन करने से कफ पतला होकर बाहर आ जाता है.

एक जरूरी वस्तु व लोगों के ज़िंदगी में हुई है । लोगों ने बाहर का रेस्टोरेंट के बने भोजन को खाना पसन्द नही किया. घरेलू बनी दाल चावल , हरी सब्जी टिण्डा, तोरी, लौकी, पालक को खाना पसन्द किया जिसका नतीजा यह हुआ कि लोग फिर से अपनी प्राचीन भारतीय संस्कृति की व लौट आये है. जिससे उनकी इम्यूनिटी बेहतर हुई । यदि वे लोग कोरोना संक्रमित हुए भी तो अपनी बेहतर इम्यूनिटी के कारण स्वस्थ हो गए है.
लगातार योग का एक्सरसाइज और ताजी हवा में विचरण करने से और प्राकृतिक आहार लेने से रोग प्रतिरोधक क्षमता बढने लगती है.
कोरोना के भय और खौफ के कारण भी इम्यूनिटी कम होती है ऐसे में ध्यान मैडीटेशन से भय घबराहट को दूर किया जा सकता है. सकारात्मक भाव में रहना आ जाता है .