फैटी लिवर होने के क्या होते हैं कारण, जाने

फैटी लिवर होने के क्या होते हैं कारण, जाने

शरीर के पाचन संबंधी सभी कार्यों को सुचारू रूप से चलाने का कार्य लिवर का होता है. यदि लिवर में कोई समस्या आ जाए तो कई तरह की परेशानियां होने लगती हैं. 

लिवर की कई तरह की बीमारियां होती हैं, जिनमें से एक बीमारी “लिवर बढ़ने’ की होती है, जिसे ‘फैटी लिवर’ भी बोला जाता है. एक शोध के अनुसार जिन लोगों को लिवर बढ़ने की समस्या होती है, उन्हें दूसरी अन्य बीमारियां जल्द जकड़ लेती है.
 
फैटी लिवर होने का कारण
www.myupchar.com से जुड़ीं एम्स की डाक्टर वीके राजलक्ष्मी के अनुसार, फैटी लिवर उन लोगों में अधिक होता है, जो अधिक मात्रा में एल्कोहल का सेवन करते हैं. इसके अतिरिक्त गलत खानपान जैसे अधिक वसायुक्त व मसालेदार आहार लेने से, गंदा पानी पीने से, अधिक क्लोरिन वाला पानी पीने से व एंटीबायोटिक दवाईयों के अधिक सेवन से फैटी लिवर की समस्या होती है.
 
फैटी लिवर के लक्षण
कई लोग पेट बढ़ने को वजन बढ़ने का कारण समझने लगते हैं, लेकिन ऐसा नही है यदि पेट बढ़ने की समस्या आकस्मित  हो तो यह पेट में सूजन का कारण भी होने कि सम्भावना है. यदि छाती में भारीपन होने के साथ पेट में गैस बनना, भूख नही लगना, मुंह का स्वाद बेकार होना, शरीर में थकान लगना व लिवर वाली स्थान को दबाने पर दर्द होने जैसे कोई भी लक्षण महसूस हों तो यह ‘फैटी लिवर’ की समस्या होने के इशारा हो सकते हैं. इसलिए तुरंत चिकित्सक से चेकअप करा लेना चाहिए.
 
कैसे रखें लिवर का ध्यान
www.myupchar.com से जुड़ीं एम्स की डाक्टर वीके राजलक्ष्मी के अनुसार,  सबसे पहले खानपान का ख्याल रखना बेहद महत्वपूर्ण है, इसके लिए विटामिन-सी का सेवन लिवर के लिए लाभकारी होता है. जैसे नींबू पानी पीने से भी लिवर से जुड़ी समस्याएं अच्छा होती हैं.
रोज प्रातः काल उठकर 3-4 गिलास पानी का सेवन करने से भी लिवर अच्छा रहता है.
भोजन करने के बाद एक घंटे तक पानी न पिएं.
लिवर की बीमारी से पीड़ित आदमी को चाय व बहुत ज्यादा पीने से बचना चाहिए.
एल्कोहल के सेवन से सीधा प्रभाव लिवर पर पड़ता है, इसलिए नशीली दवाओं व नशीले पदार्थों के सेवन से बचना चाहिए.
लिवर की समस्या से छुटकारा पाने के लिए नियमित योग करना भी एक बेहतर उपचार है.
लिवर की समस्या से बचने के लिए रोज कच्चे आंवले का सेवन करना चाहिए.
वसायुक्त आहार से परहेज करना चाहिए, साथ ही जंक फूड खाने से भी बचना चाहिए.
 
फैटी लिवर से उत्पन्न बीमारियां
फैटी लिवर की बीमारी का समय पर उपचार नहीं किया गया तो इससे कई गंभीर बीमारियां होने की संभावना होती है. जैसे- कोलेस्ट्रॉल का लेवल बढ़ना, फैट की चर्बी बढ़ना या आकस्मित वजन कम होना, डायबिटीज, उच्च रक्तचाप व आंतों से संबंधित कठिनाई होना जैसी कई बीमारियां दस्तक दे सकती हैं. लीवर से जुड़ी कोई भी परेशानियां होने पर तुरंत चेकअप करा लेना चाहिए, क्योंकि लिवर की खराबी शरीर के सभी जरूरी अंगों को बेकार कर सकती है.
 
रोज जरूर खाएं ये चीजें
फैटी लिवर रोग के समाधान के लिए अपने आहार में परिवर्तन करने की आवश्यकता है. कुछ खाद्य पदार्थ लीवर रोगों से लड़ने में मदद कर सकते हैं. फैटी लिवर के उपचार में कुछ चीजें हैं, जिन्हें आप अपने आहार में शामिल कर सकते हैं. उनमें हरी सब्जियां, वसायुक्त मछलियां, जई, अखरोट, जैतून का तेल, लहसुन, मेवे, फलियां, जामुन व अंगूर शामिल हैं.
 
अधिक जानकारी के लिए देखें: https://www.myupchar.com/disease/liver-disease
स्वास्थ्य आलेख https://www.myupchar.com/ द्वारा लिखे गए हैं, जो स्वास्थ्य संबंधी भरोसेमंद जानकारी प्रदान करने वाला देश का सबसे बड़ा स्रोत है.