किशोरों को तंबाकू की लत से बचाने के लिए लॉन्च किया गया ये नया टूलकिट

किशोरों को तंबाकू की लत से बचाने के लिए लॉन्च किया गया ये नया टूलकिट

तंबाकू का सेवन करने वाले हर 10 में से नौ आदमी इसकी आरंभ 18 वर्ष से कम की आयु में करता है. इस तथ्य को ध्यान में रखते हुए दुनिया स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने किशोरों को तंबाकू की लत से बचाने के लिए शुक्रवार को एक नया टूलकिट लॉन्च किया. 

डब्ल्यूएचओ ने बताया कि यह टूलकिट 13 से 17 साल की आयु के स्कूली विद्यार्थियों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है. तंबाकू उद्योग किशोरों को तंबाकू की लत लगाने के लिए तरह-तरह के तरीका करते हैं. बच्चों को इनके प्रति आगाह करने के लिए यह किट तैयार किया गया है. इसमें एक पांच मिनट का वीडियो, 10 मिनट का एक भ्रम दूर करने वाला क्विज, विद्यार्थियों को दो समूहों में बांटकर चर्चा व कार्यशाला जैसे तरीका शामिल हैं. इसमें बच्चों को तंबाकू उद्योग की तरह सोचने के टास्क दिए जाएंगे ताकि वे समझ सकें कि कंपनियां कैसे उन्हें अपने झांसे में लेती हैं. 

विश्व स्वास्थ्य संगठन के हेल्थ प्रोमोशन निदेशक रूडिगर क्रेच ने लॉन्चिंग के मौके पर बोला “युवाओं को जागरूक करना महत्त्वपूर्ण है क्योंकि तंबाकू की लत वाले 10 में से नौ लोग 18 वर्ष से कम आयु में इसकी आरंभ करते हैं. हम युवाओं को इतनी जानकारी देना चाहते हैं कि वे तंबाकू उद्योग के झांसे के विरूद्ध आवाज उठा सकें.”

विश्व तंबाकू दिवस से दो दिन पहले यह टूलकिट लॉन्च करते हुए संगठन ने बताया कि तंबाकू के सेवन से हर वर्ष 80 लाख लोगों की मृत्यु हो जाती है. तंबाकू कंपनियों को इसका प्रयोग करने वाले नए ग्राहकों की हमेशा आवश्यकता होती है इसलिए वे हर वर्ष नौ खरब डॉलर सिर्फ एडवरटाईजमेंट पर खर्च करती हैं. 

डब्ल्यूएचओ का बोलना है कि तंबाकू उद्योग ने कोविड-19 महामारी के दौरान भी अपने उत्पादों की बिक्री बढ़ाने में कोई कसर नहीं छोड़ी है जबकि इनके सेवन से कोविड-19 के संक्रमण से मुक्त होने की क्षमता कम होती है. तंबाकू कंपनियों ने ब्रांडेड मास्क मार्केट में उतारे हैं व क्वारंटीन के दौरान होम डिलिवरी का विकल्प दिया है. कई राष्ट्रों में वे अपने उत्पादों को 'अनिवार्य' उत्पादों की सूची में शामिल कराने में पास रहे हैं. 

13 से 15 साल की आयु चार करोड़ बच्चे करते हैं तम्बाकू का सेवन
एक आकलन के अनुसार 13 से 15 साल की आयु के चार करोड़ बच्चे तंबाकू का सेवन कर रहे हैं. डब्ल्यूएचओ ने स्कूलों से तंबाकू या निकोटीन उद्योग से किसी प्रकार की मदद या प्रयोजन न लेने व उन्हें बच्चों के साथ संवाद नहीं करने देने की अपील की है. उसने सेलिब्रिटी व अन्य प्रभावशाली लोगों से भी इस उद्योग को अपना प्रायोजक नहीं बनाने तथा डिजिटल पर्दे पर तंबाकू उत्पादों व ई-सिगरेट के प्रयोग पर रोक लगाने की मांग की है. उसने सरकार से हर प्रकार के तंबाकू उत्पादों, उनके एडवरटाईजमेंट व प्रायोजन पर रोक की अपील की है.