कोरोना वायरस इंसानों के साथ ही घूमता रहेगा, पढ़े पूरी खबर

कोरोना वायरस इंसानों के साथ ही घूमता रहेगा, पढ़े पूरी खबर

इस वक्त हर कोई यही सवाल पूछता है ये कोरोना संकट कब समाप्त होगा? हर कोई यही जानना चाहता है कि आखिर हम सबकी पुरानी जिंदगी फिर से कब लौटेगी? 

वैसे इसका तो अभी यही जवाब है कि हमें कोरोना के साथ जीने की आदत डाल लेनी चाहिए. यानी कोरोना से पहले की जिंदगी जीने का जो उपाय था, वो बदल जाएगी. चाहे जॉब की बात हो या फिर विवाह की, ट्रैवल करना हो या फिर किसी से मिलना हो, सारे तौर ढंग बदल जाएंगे.
 
दरअसल, कोरोना के चलते संसार में सब बदल चुका है, अब पहले की तरह चीजें नहीं है. कोरोना वायरस के प्रकोप व इसके चलते लॉकडाउन ने संसार में सब कुछ बदल दिया है. अब हर वस्तु को करने के नए नियम व दिशा-निदेर्श जारी हो गये हैं. 

जाहिर है, कोरोना वायरस की वैक्सीन तो वैसे बनी नहीं है, ऐसे में ये कोरोना वायरस इंसानों के साथ ही घूमता रहेगा. यानी कोरोना के साथ हमारी एक नयी तरह की सामान्य जिंदगी कई एहतियात के साथ होगी, जिसे न्यू नॉर्मल बोला जा रहा है. संसार अब धीरे-धीरे एक नयी तरह की जिंदगी की तरफ आगे बढ़ रही है.

हालांकि, संसार भर की सरकारों व वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि जल्द ही कोरोना वायरस की कोई ना कोई वैक्सीन मिल जाएगी. मगर दूसरी तरफ वो ये भी कह रहे हैं कि हमें कोरोना के साथ जीना सीखना होगा. आखिर कोरोना के साथ हमें कैसे व किस ढंग से रहना होगा, व हमारी नयी जिंदगी कैसी होगी, इस पर नजर डालते हैं. 

नमस्ते की आदत
हैलो या हाथ मिलाने का जमाना अब जा चुका है. अब कोरोना काल में लोग 'नमस्ते' करने लगे हैं. आप 'दो गज की दूरी' बनाकर किसी से भी नमस्ते कर सकते हैं. इससे न तो आप संक्रमित होंगे व न ही आपको किसी भी प्रकार का कोई खतरा होगा. मुमकिन है कि न्यू नॉर्मल में अब नमस्ते के साथ उचित दूरी भी अपनायी जाएगी.

खरीदारी
आम तौर पर भीड़-भाड़ वाले बाजारों में अब सोशल डिस्टेंसिंग का पालन महत्वपूर्ण होगा. दुकानदार हो या फिर ग्राहक सभी को मास्क पहनना होगा. अपने हाथों को सैनेटाइज करना होगा. इसके अतिरिक्त अपनी बारी के इंतजार के लिए सोशल डिस्टेंसिंग का पालन करती हुई कतार में भी लगना होगा. अपना थैला भी साथ लाना होगा जिससे कि आप कम से कम सम्पर्क में आएं.

कैशलेस को बढ़ावा
अगर हमारी जिंदगी यूं ही न्यू नॉर्मल की तरफ बढ़ी तो हकीकत मानिए अधिकतर खरीदारी या भुगतान कैशलेस ही हुआ करेगा यानी डिजिटल भुगतान होगा व तब लोग बैंक जाने से व नकदी प्रयोग करने से बचेंगे, क्योंकि इससे बार-बार संक्रमित होने का खतरा बना रहेगा. देखा गया है कि लॉकडाउन के दौरान डिजिटल भुगतान का चलन ज्यादा बढ़ा है.

यातायात में बदलाव
यातायात के उपायों में तो बहुत सारे परिवर्तन हमें अभी से देखने को मिलने लगे हैं. हाल ही में हिंदुस्तान सरकार ने एयर ट्रांसपोर्ट के लिए नयी गाइडलाइन जारी की है. मसलन आरोग्य सेतु ऐप मोबाइल पर इंस्टाल करना महत्वपूर्ण है. सोशल डिस्टेंसिंग करना, मास्क पहनना होगा व थर्मल स्क्रीनिंग होगी. इस तरह के कई व नियम कानून बनाए गए हैं जो रोडवेज, मेट्रो व रेलवे के लिए भी अपनाए जाएंगे.

घर से कार्यालय का काम
पहले घर से कार्यालय का कार्य यानी वर्क फ्रॉम होम लोगों के लिए एक सुविधा की तरह होता था, लेकिन कोरोना काल में यह एक आवश्यकता बन गया है. घर से कार्यालय का कार्य करने का कल्चर अब न्यू नॉर्मल ही हो गया है. कंपनियां जितना मुमकिन हो सकेगा अपने कर्मचारियों को घर से ही कार्य करवाएंगी. 

मेट्रो में सफर
मेट्रो का सफर भी पहले जैसा नहीं रहेगा. मसलन पहले जहां राजीव चौक मेट्रो स्टेशन पर खचाखच भीड़ दिखाई देती थी, वो शायद अब दिखाई न दे. अब मेट्रो स्टेशन में प्रवेश करने से पहले अपना तापमान जाँच करवाना होगा, व मेट्रो में भी एक सीट खाली छोड़कर बैठना होगा. अरे हां, बिना मास्क के मेट्रो में दाखिल नहीं हो पाओगे.

शादियों में बदलाव
शादियों में जहां पहले लोगों की भीड़ जुटा करती थी व लोगों की जमकर मस्ती होती थी, शायद अब यह देखने को न मिले. इसके अतिरिक्त विवाह में पंडित जी अब वर-वधु को कुछ नए वचन भी दिलाते नजर आएंगे. मंगलसूत्र से पहले शादियों में मास्क पहनने, सोशल डिस्टेंसिंग व सैनेटाइजेशन करते रहने को भी बोला जाएगा. यानी कि न्यू नॉर्मल में शादियों के तौर-तरीकों में बहुत ज्यादा परिवर्तन आ जाएंगे.