ग्लासगो यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने कोरोना की जारी 3D तस्वीर व वीडियो, जाने समझ व देख पाएंगे आप

ग्लासगो यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने कोरोना की जारी 3D तस्वीर व वीडियो, जाने समझ व देख पाएंगे आप

ग्लासगो यूनिवर्सिटी के शोधकर्ताओं ने कोरोनावायरस की 3D तस्वीर व वीडियो जारी किया है. शोधकर्ताओं का बोलना है कि आम लोग भी कोरोना के हर हिस्से को समझ व देख पाएंगे.

वैज्ञानिकों ने इसके अंदरूनी व बाहरी दोनों हिस्सों को 3D वीडियो में दिखाया है. इसे तैयार करने वाली साइंटिफिक इलस्ट्रेटर एनाबेल स्लेटर का बोलना है कि 3डी वीडियो की मदद से कोरोना के एक कण को भी बेहतर ढंग से समझा जा सकेगा. एनाबेल ग्लासगो यूनिवर्सिटी की पूर्व छात्रा रही हैं.
वायरस विशेषज्ञ व शोधकर्ता डाक्टर हचिन्सन के मुताबिक, किसी भी एक इस्तेमाल से वायरस की इतनी गहरी तस्वीर नहीं पेश की जा सकती. ये फोटोज़ बहुत ज्यादा शानदार हैं. हर एक वायरस का कण दूसरे थोड़ा सा अलग है.

समझें कोरोना के भिन्न-भिन्न हिस्सों को

स्पाइक प्रोटीन : यही स्वस्थ कोशिकाओं को जकड़ता है
यह प्रोटीन कोरोना का सबसे अहम भाग है जो इसके लिए हथियार की तरह कार्य करता है. शरीर में पहुंचकर कोरोनावायरस का यह प्रोटीन स्वस्थ कोशिकाओं को जकड़ना प्रारम्भ करता है.
स्पाइक प्रोटीन तीन समूह में कोरोनावायरस की बाहरी सतह पर लगा होता है. इसका रूप क्राउन (मुकुट) जैसा होने के कारण वायरस का नाम कोरोना पड़ा.

न्यूक्लियोप्रोटीन: इस प्रोटीन सेलिपटा आरएनए वायरस को बचाता है
इस प्रोटीन के कई हिस्से आपस में मिलकर कुंडलीनुमा आकार बनाते हैं व आरएनए पर लिपटे रहते हैं. यही आरएनए कोरोना के कण में उपस्थित होता है जो वायरस को डैमेज होने से बचाता है.संक्रमण के बाद आरएनए रिलीज होता है व पहली स्टेज में ही मरीज की कोशिका में जाकर उसकी वायरस से रक्षा करने की क्षमता को खत्मकरता है.