कोविड-19 से संक्रमित मरीज के घर में आइसोलेशन के लिए तय किए गए नए दिशा-निर्देश

कोविड-19 से संक्रमित मरीज के घर में आइसोलेशन के लिए तय किए गए नए दिशा-निर्देश

कोरोना वायरस ने पूरी संसार को अपनी चपेट में ले लिया है. हिंदुस्तान में भी कोविड-19 के मुद्दे तेजी से बढ़ रहे हैं. लोगों के मन में रोज नए-नए सवाल उठ रहे हैं. यहां हम दुनिया स्वास्थ्य संगठन, केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय व विशेषज्ञों द्वारा दी जा रही कोरोना से जुड़ी जानकारियों को आप तक पहुंचाएंगे.

एलिसा टेस्ट क्या है? यह किस कार्य आता है? इसकी क्या अच्छाई है?

‘नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ वायरोलॉजी’, पुणे ने एक जाँच किट तैयार की है- ‘एंजाइम लिंक्ड इम्यूनोसॉरबेंट एसे टेस्ट किट’, जो हिंदुस्तान की पहली देसी एंटीबॉडी टेस्ट किट है. केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री डाक्टर हर्षवर्द्धन का बोलना है कि यह उच्च संवेदनशीलता और सटीकता वाली जाँच किट है. इससे ढाई घंटे में 90 सैंपल जांचे जा सकते हैं. एलिसा का इस्तेमाल सामान्य तौर पर एचआईवी संक्रमण का पता लगाने के लिए होता है. ये किट किसी आदमी के रक्त में एंटीबॉडी की मौजूदगी का पता लगाएगी, जिसके सार्स-कोव-2 के सम्पर्क में आने की संभावना हो.

कोविड-19 से संक्रमित आदमी के घर में आइसोलेशन के लिए तय नए दिशा-निर्देश क्या है?

जिन लोगों में लक्षण बिलकुल शुरुआती स्तर पर हैं व घर में आइसोलेशन की महत्वपूर्ण सुविधाएं हैं, वे घर में रह सकते हैं, पर मेडिकल अधिकारी से सर्टिफिकेट लेना महत्वपूर्ण होगा. आदमी के पास हर वक्त देखभाल के लिए कोई होना चाहिए. देखभाल करने वाले और अस्पताल के बीच लगातार संवाद महत्वपूर्ण है. देखभाल कर रहे आदमी व दूसरे करीबियों को हाइड्रोक्सीक्लोरोक्विन प्रोपीलेक्सि लेना महत्वपूर्ण है. आरोग्य सेतु एप भी मोबाइल में हर समय एक्टिव होना महत्वपूर्ण है. किसी भी तरह के गंभीर लक्षण होने पर चिकित्सक से बात करना महत्वपूर्ण है.

क्या लॉकडाउन ही कोरोना को रोकने का इकलौता उपाय है?

विशेषज्ञ लॉकडाउन को ‘पॉज बटन’ की तरह देख रहे हैं. इसका उदाहरण अमेरिकी समोआ द्वीप है. जहां समय रहते प्रशासन ने दूसरे राष्ट्रों से आगमन पर पाबंदी लगा थी, चर्च व स्कूल बंद कर दिए थे. सोशल डिस्टेंसिंग के नियमों का भी सख्ती से पालन हुआ. नतीजा, वहां अब तक संक्रमण का कोई मुद्दा सामने नहीं आया है. इटली के जिन इलाकों में लॉकडाउन पहले प्रारम्भ किया गया था, वहां भी अपेक्षाकृत मुद्दे कम आए थे. साफ है कि लॉकडाउन से बहुत लाभ हुआ है. लॉकडाउन का लाभ हिंदुस्तान के कुछ राज्यों को भी हुआ है.