हमें कितने घंटे सोना चाहिए, क्या होते है फायदे

हमें कितने घंटे सोना चाहिए, क्या होते है फायदे

आप अगर टीवी देखते, गाड़ी चलाते, पढ़ते और फोन पर लंबी बात करते वक्त उबासी लेते हैं या फिर झपकी लेने की हालत में आ जाते हैं तो जनाब इंतजार किसका,

आज रात से भरपूर नींद लेना प्रारम्भ कर दीजिए व स्वस्थ रहिए.सवाल है कि आखिर हमें कितने घंटे सोना चाहिए? सामान्य तौर पर सलाह दी जाती है कि हर रोज आठ घंटे सोना पर्याप्त होता है. जानते हैं कि इसमें कितना हकीकत है :-

7-8 घंटे की नींद
सामान्यत: मनुष्य को 7-8 घंटे की नींद तो लेनी ही चाहिए. ऐसे भी लोग होते हैं जिन्हें 6 घंटे या इससे भी कम नींद की आवश्यकता होती है. इसमें भी वे खुद को तरोताजा महसूस करते हैं. उनकी स्वास्थ्य पर भी प्रभाव नहीं पड़ता. ऐसे लोगों की जनसंख्या एक से पांच प्रतिशत ही है. ये गुण इनमें आनुवांशिक रूप से आते हैं.

नियमित सोना जरूरी
बहुत से लोग अपने कामकाज के चक्कर में सोमवार से शुक्रवार तक अपनी नींद के कुछ घंटों की बलि चढ़ा देते हैं व फिर वीक ऑफ के दिन इस नींद को पूरा कर लेना चाहते हैं, लेकिन इससे नींद की भरपाई नहीं हो पाती है.

गर्भावस्था में ज्यादा सोएं
गर्भावस्था के दौरान महिला में होने वाले परिवर्तन नींद की आवश्यकता बढ़ा सकते हैं. हालांकि उल्टी, बार-बार यूरीन आना, कमर में दर्द होना, पैरों में ऐंठन जैसे लक्षण कई बार सोना कठिन कर देते हैं व उनकी नींद टूटती रहती है.

नींद की गोली का प्रयाेग न करें
कुछ लोग नींद की दवा खाकर सोते हैं, लेकिन असल में यह एक नशा ही है. लगातार नींद की गोली खाने से याददाश्त निर्बल हो जाती है. इतना ही नहीं कई बार इस गोली का सेवन ज्यादा करने से आदमी का नर्वस सिस्टम तक कार्य करना बंद कर देता है. नींद की गोली खाने से आदमी को नशा होने लगता है. इसकी वजह से उसकी दिनचर्या बेकार हो जाती है व आदमी अपने सोचने -समझने की शक्ति खोने लगता है. इतना ही नहीं आदमी का स्वभाव भी चिड़चिड़ा होने लगता है. इससे बचकर रहना ही आपके लिए ठीक है.