जान्हवी कपूर की फिल्म 'गुंजन सक्सेना: द कारगिल गर्ल' आज नेटफ्लिक्स पर होगी रिलीज, पढ़े

जान्हवी कपूर की फिल्म 'गुंजन सक्सेना: द कारगिल गर्ल' आज नेटफ्लिक्स पर होगी रिलीज, पढ़े

जान्हवी कपूर की फिल्म 'गुंजन सक्सेना: द कारगिल गर्ल' आज (बुधवार) नेटफ्लिक्स पर रिलीज होने जा रही है. लेकिन इससे पहले फिल्म को लेकर एक टकराव हो गया है. भारतीय वायुसेना ने फिल्म में 'अनुचित व गलत छवि' दिखाए जाने को लेकर फिल्म सेंसर बोर्ड को एक शिकायती लेटर लिखा है.

वायुसेना ने सेंसर बोर्ड के अतिरिक्त नेटफ्लिक्स व धर्मा प्रोडक्शन्स को भेजे इस लेटर में लिखा कि शुरुआती समझौते के अनुसार 'धर्मा प्रोडक्शन्स ने इस बात पर सहमति दी थी कि भारतीय वायु सेना (IAF) को प्रमाणिकता के साथ प्रस्तुत किया जाएगा, व यह भी सुनिश्चित करने का भरोसा दिया था कि फिल्म से अगली पीढ़ी के वायुसेना अधिकारियों को प्रेरित करने में सहायता मिलेगी.'

फिल्म में वायुसेना का अनुचित चित्रण

'हालांकि हाल ही में जब फिल्म का ट्रेलर जारी किया गया, तो यह देखा गया कि फिल्म व उसके ट्रेलर के कुछ सीन्स व संवाद, जिन्हें देखने के लिए हमें भेजा गया था, वे भारतीय वायुसेना की एक अनुचित व निगेटिव छवि दिखा रहे हैं.'

महिमामंडित करने के लिए भ्रामक तथ्य बताए

भारतीय वायुसेना द्वारा इस लेटर में लिखा गया, 'एक्स फ्लाइट लेफ्टिनेंट गुंजन सक्सेना के भूमिका को महिमामंडित करने के लिए मेसर्स धर्मा प्रोडक्शन्स ने फिल्म में कुछ ऐसी परिस्थितियां प्रस्तुत कीं हैं, जो ना केवल भ्रामक हैं बल्कि भारतीय वायुसेना की काम संस्कृति को अनुचित खासकर स्त्रियों के विरूद्ध दिखा रही है.'

वायुसेना में लिंगभेद नहीं

अपने लेटर में वायुसेना ने कहा, 'सेवा के रूप में यह सुनिश्चित किया गया है कि संगठन लिंग के आधार पर तटस्थ है, जहां पुरुष व महिला कर्मचारियों दोनों को हमेशा समान रूप से मौका प्रदान किए गए हैं.' अपने लेटर के साथ वायुसेना ने फिल्म के उन सीन्स व संवादों की स्क्रिप्ट को भी भेजा, जिन्हें उसने लिंग पूर्वाग्रह के कारण आपत्तिजनक माना है.

धर्मा प्रोडक्शन को भी इस बारे में बता दिया था

पत्र में ये भी बोला गया है कि करन जौहर के स्वामित्व वाली धर्मा प्रोडक्शन्स को भी फिल्म के आपत्तिजनक हिस्से के बारे में बता दिया गया था. साथ ही उन्हें हटाने या संशोधित करने की सलाह भी दी गई थी. हालांकि, प्रोडक्शन हाउस ने उन दृश्यों को नहीं हटाया है, पर उसने फिल्म की रिलीज के बाद उसके साथ डिस्क्लेमर चलाने का प्रस्ताव दिया है.

वायुसेना ने बोला 'ऐसा लगता है कि भारतीय वायुसेना के बारे में गलत तथ्यों की प्रस्तुति को रोकने के लिए मात्र एक डिस्क्लेमर पर्याप्त नहीं होगा. ऐसे में उपरोक्त को देखकर, दृश्यों को संशोधित किए जाने या उन्हें डिलीट किए जाने के बाद ही फिल्म की रिलीज को लेकर अनापत्ति प्रमाण लेटर जारी करने के बारे में विचार किया जाएगा.'

युद्ध में उड़ान भरने वाली पहली महिला हैं गुंजन

धर्मा प्रोडक्शन्स के बैनर तले बनी इस फिल्म की कहानी भारतीय वायु सेना की पहली महिला पायलट गुंजन सक्सेना के प्रयत्न पर आधारित है, जो 1999 में हुए कारगिल प्रयत्न का भाग थीं. वे युद्ध में उड़ान भरने वाली पहली महिला पायलटों में से एक हैं. उन्होंने करगिल युद्ध के दौरान घायल सैनिकों को बचाने में जरूरी किरदार निभाई थी. जिसके बाद लड़ाई के दौरान साहस दिखाने के लिए उन्हें शौर्य वीर पुरस्कार से सम्मानित किया गया था.