क्रेडिट लिमिट में हुई इतने की बढ़ोत्तरी , ये रिपोर्ट हुई जारी

क्रेडिट लिमिट में  हुई इतने की बढ़ोत्तरी , ये रिपोर्ट हुई जारी

क्रेडिट स्कोर (Credit Score) कई मुख्य कारकों में से एक ऐसा मुख्य कारक हैं, जिसकी मदद से क्रेडिट के लिए आपकी योग्यता का पता चलता है. आपका क्रेडिट स्कोर (Cibil Score) जितना कम होगा, आपको कर्ज़ या क्रेडिट कार्ड मिलना उतना कठिन होगा. दूसरी तरफ, अच्छा क्रेडिट स्कोर सिर्फ आपको क्रेडिट दिलाने में ही मदद नहीं करता है, बल्कि आपके लिए सुन्दर नियमों एवं शर्तों के दरवाजे भी खोल देता है, जैसे कम इंटरेस्ट रेट, ज्यादा क्रेडिट लिमिट, इत्यादि. 

300 से 900 के बीच रहता है क्रेडिट स्कोर

क्रेडिट स्कोर 300 से 900 के बीच रहता है. बैंक व फाइनेंशियल कंपनियां उन लोगों को क्रेडिट देना ज्यादा पसंद करती हैं जिनका क्रेडिट स्कोर 750 से अधिक होता है क्योंकि इसका मतलब है कि वे अपने फाइनेंस को अच्छी तरह मैनेज कर सकते हैं. यदि आपका क्रेडिट स्कोर 750 से कम है तो आप इसे बेहतर बनाने के लिए कई तरीका कर सकते हैं व अपनी क्रेडिट योग्यता को बढ़ा सकते हैं. इन तरीकों को करने के बाद, आपके क्रेडिट स्कोर में परिवर्तन दिखाई देने में तीन से छः महीने लगते हैं. 

यहां कुछ सरल ढंग बताए गए हैं जिनकी मदद से आप अपने क्रेडिट स्कोर को बेहतर बना सकते हैं: 

समय पर अपनी बकाया राशि का भुगतान करें

समय पर अपने बिल का भुगतान करना सबसे सरल उपायों में से एक है जिनकी मदद से आप अपने क्रेडिट स्कोर को बेहतर बना सकते हैं. अपने सभी बिल के भुगतान के लिए ऑटो-डेबिट फैसिलिटी सेट करने से यह सुनिश्चित करने में मदद मिल सकती है कि आपके सभी पेमेंट यानी भुगतान समय पर होते हैं, जिससे आपकी लोन चुकाने की जिम्मेदारी पर अच्छा प्रभाव पड़ता है. 

यदि आपके लोन से जुड़े एकाउंट में पर्याप्त पैसे नहीं है व आप किसी दूसरे एकाउंट के माध्यम से भुगतान करना चाहते हैं तो आप बड़ी सरलता से अपने फोन में ड्यू डेट से 3-4 दिन पहले का रिमाइंडर सेट करके रख सकते हैं. ऐसा करने से आपको भुगतान के लिए ड्यू डेट को याद रखने में सरलता होगी जिसकी मदद से आप समय पर भुगतान कर पाएंगे जिसके परिणामस्वरूप आपका क्रेडिट स्कोर बढ़ सकता है. 

अपने क्रेडिट उपयोग अनुपात की जाँच करें 

चाहे औनलाइन हो या ऑफलाइन, कोई भी वस्तु खरीदने के लिए अपने क्रेडिट कार्ड का प्रयोग करना बहुत सुविधाजनक होता है. इस पर आपको कैशबैक या रिवार्ड पॉइंट्स भी मिल सकते है जिससे क्रेडिट कार्ड का प्रयोग करने की ख़्वाहिश बढ़ सकती है, जब उसका प्रयोग करना महत्वपूर्ण न हो तब भी, लेकिन इस बात का ध्यान रखें कि आपका क्रेडिट उपयोग अनुपात आपको दिए गए क्रेडिट लिमिट के 30% से कम होना चाहिए. 

उदाहरण के लिए, यदि आपके क्रेडिट कार्ड का मंथली लिमिट 2 लाख रुपये है तो हर महीने 60,000 रुपये से ज्यादा खर्च न करें. ऐसा करने से इस बात का इशारा मिलता है कि आप जिम्मेदारी के साथ इसका प्रयोग कर रहे हैं जिससे आपका क्रेडिट स्कोर बढ़ता चला जाएगा. 

क्रेडिट लिमिट में बढ़ोत्तरी 

अपने क्रेडिट कार्ड से बेहद खर्च करने पर आपके क्रेडिट स्कोर को बहुत ज्यादा नुकसान पहुंच सकता है. यदि आपके क्रेडिट कार्ड से होने वाला लेनदेन लगातार आपके मंथली लिमिट को क्रॉस कर रहा है तो आप अपने बैंक से आपके क्रेडिट लिमिट को बढ़ाने का अनुरोध कर सकते हैं यदि आप अपने क्रेडिट कार्ड से होने वाले खर्च को कम नहीं कर पा रहे हैं. आपका क्रेडिट लिमिट बढ़ने से आपका क्रेडिट उपयोग अनुपात कम हो जाएगा जिससे इस बात का इशारा मिलेगा कि आपकी खर्च करने की आदत नियंत्रण में है, जिससे आपके क्रेडिट इतिहास पर इसका अच्छा प्रभाव पड़ेगा व इसके परिणामस्वरूप आपका क्रेडिट स्कोर बढ़ जाएगा. 

अपनी क्रेडिट लाइंस को मेन्टेन करें 

एक लम्बी आयु वाली एक क्रेडिट लाइन, चाहे वह एक कर्ज़ हो या क्रेडिट कार्ड, आपके क्रेडिट स्कोर पर अच्छा प्रभाव डालती है. उदाहरण के लिए, यदि आपके पास एक क्रेडिट कार्ड है जिसे आप पिछले पांच वर्ष से चला रहे हैं तो इसका मतलब है कि आपने बिना किसी चूक या डिफ़ॉल्ट के अपनी क्रेडिट लाइन को मेन्टेन करके रखा है. आपके क्रेडिट स्कोर पर इसका अच्छा प्रभाव पड़ता है व वह बढ़ता चला जाता है. इसलिए, अपनी क्रेडिट लाइंस को ज्यादा से ज्यादा लम्बे समय तक बनाए रखने की प्रयास करें. 

अपने बैंक से बात करें 

यदि आप कठिन समय से गुजर रहे हैं व आपके पास समय पर अपने क्रेडिट कार्ड बिल या कर्ज़ को चुकाने के लिए पैसे नहीं है, तो इस सम्बन्ध में अपने बैंक से बात करना महत्वपूर्ण है. उदाहरण के लिए, यदि आपकी जॉब चली गई है व आपके पास अपने लोन को चुकाने के लिए आमदनी का कोई दूसरा जरिया नहीं है तो आपको अपने बैंक को इसके बारे में जरूर बताना चाहिए. ऐसा करने से बैंक को आपकी हालात का विश्लेषण करने में मदद मिल सकती है ताकि भुगतान को टालने के लिए थोड़ी मोहलत दी जा सके. आप अपने बैंक को कुछ एडजस्टमेंट करने के लिए कह सकते हैं ताकि भुगतान में होने वाली देरी का प्रभाव आपके क्रेडिट स्कोर पर न पड़े. 

750 से नीचे न जाए आपका स्कोर 

लोन व क्रेडिट कार्ड लेते समय आपका क्रेडिट स्कोर बहुत अर्थ रखता है. इसलिए यह देखना आपकी जिम्मेदारी है कि आपका स्कोर 750 से नीचे न जाए क्योंकि इससे आपको क्रेडिट मिलने में परेशानी हो सकती है. क्रेडिट स्कोर कम होने से ऐसा भी होने कि सम्भावना है कि आप क्रेडिट पाने के योग्य तो हैं, लेकिन इंटरेस्ट रेट्स व नियम एवं शर्तें सुन्दर नहीं हैं. अपने क्रेडिट स्कोर को अच्छा करने के लिए ये सरल तरीका करके आप अपनी क्रेडिट योग्यता को बेहतर बना सकते हैं, जिससे आपको आवश्यकता पड़ने पर क्रेडिट मिलना सरल हो जाएगा.