सरकार ने बताया कोविड-19 व लॉकडाउन की वजह से अर्थव्यवस्था पर पड़ा यह गंभीर प्रभाव

सरकार ने बताया कोविड-19 व लॉकडाउन की वजह से अर्थव्यवस्था पर पड़ा यह गंभीर प्रभाव

सरकार ने भी माना है कि कोविड-19 व लॉकडाउन की वजह से अर्थव्यवस्था पर गंभीर प्रभाव पड़ेगा और जीडीपी का आकार चालू वित्त साल में 4.5 प्रतिशत घट जाएगा. वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलात विभाग (डीईए) की ओर से सोमवार को जारी रिपोर्ट में यह खुलासा हुआ है. 


वर्तमान में देश की जीडीपी का आकार करीब 203 लाख करोड़ रुपये है. इस तरह 4.5 प्रतिशत की गिरावट का मतलब है कि इसमें 9.13 लाख करोड़ रुपये कमी आएगी. अप्रैल में सरकार ने विकास दर 1.9 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया था लेकिन ताजा अनुमान में 6.4 प्रतिशत की व कमी आई है. डीएनए ने जून महीने के आकलन पर जारी रिपोर्ट में बोला है कि कोरोना की प्रभावी वैक्सीन मिलने में आ रही देरी अर्थव्यवस्था पर बेहद गंभीर प्रभाव डाल सकती है. हालांकि, सरकार व भारतीय रिजर्व बैंक के कदमों से बहुत ज्यादा राहत मिली है. लेकिन उद्योगों को हम महामारी से पहले की स्थिति तक पहुंचने में बहुत ज्यादा समय लगेगा. 
बाजार व कारोबारी माहौल में अनिश्चितताडीपीए के अनुसार, मार्केट व कारोबारी माहौल पर अनिश्चितता के गहरे बादल छाए हैं. राजस्व वसूली भी सालाना औसत के मुकाबले आधी रह गई है. सस्ते क्रूड ने आयात के मोर्चे पर राहत दी है लेकिन निर्यात बढ़ाना बड़ी चुनौती होगी. हालांकि, इन सबके बीच व्यापार घाटा 11 वर्ष के निचले स्तर पर आ गया है.

लॉकडाउन में बिजली पानी के औनलाइन भुगतान में बढ़ोतरी
लॉकडाउन के दौरान बिजली पानी के बिल औनलाइन भरने में 163 प्रतिशत बढ़ोतरी दर्ज की गई है. वित्तीय सेवा कंपनी रेजर पे के अनुसार इस दौरान व्यक्तिगत काउंसलिंग, डेटिंग व मैट्रिमोनी वेबसाइट्स को किए गए भुगतान में भी 32 प्रतिशत बढ़ोतरी देखी गई. रिपोर्ट में पाया गया कि पिछले 30 दिनों में डिजिटल भुगतान में 23 प्रतिशत का उछाल आया है. जबकि 101 दिनों में के लॉकडाउन (24 मार्च से 2 जुलाई तक) में डिजिटल ट्रांजैक्शन में 12 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई है.