सिंगल चार्ज में 450 किलोमीटर दौड़ेगी Renault Megane-e SUV, जानें दमदार फीचर्स

सिंगल चार्ज में 450 किलोमीटर दौड़ेगी Renault Megane-e SUV, जानें दमदार फीचर्स

Renault जल्द ही अपनी पहली इलेक्ट्रिक कार लांच करने जा रहा है जिसका नाम SUV Megane-e है। इस इलेक्ट्रिक कार को कंपनी अगले साल तक लांच कर सकती है। भारत की लॉन्चिंग से पहले ही कंपनी ने इसकी झलक दुनिया को दिखा दी है। खास बात यह है कि कंपनी ने जो झलक दिखाई है वह प्रोडक्शन मॉडल है जिससे साफ हो रहा है कि यह कार बनकर तैयार हो चुकी है और कुछ ही समय में इसे लांच भी कर दिया जाएगा। हालांकि इस कार की लॉन्चिंग किस वक्त होगी इस बारे में कोई भी जानकारी नहीं है।

SUV Megane-e एक फूली इलेक्ट्रिक कार है। इस कार में ग्राहकों को बेहतरीन फीचर्स देखने को मिलेंगे साथ ही साथ स्कर्ट डिजाइन भी काफी बेहतर होगा। ऐसा भी कहा जा रहा है कि कंपनी अपनी इस इलेक्ट्रिक कार का डिजाइन हाल ही में लांच की गई सब कॉम्पैक्ट एसयूवी Renault Kiger जैसा ही रख सकती है। हालांकि डिजाइनर भी पूरी तरह से सामने आना बाकी है जिसके बाद ही इसको लेकर कुछ जानकारी सामने आ पाएगी। इस इलेक्ट्रिक कार को सबसे पहले पिछले साल शोकेस किया गया था और तभी सही इसकी लॉन्चिंग को लेकर कयास लगाए जा रहे हैं।

डिजिटल प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान गुरुवार को Renault की तरफ से कहा गया है कि Megane-e एसयूवी कंपनी की पहली इलेक्ट्रिक कार है जो इलेक्ट्रिक कारों में सबसे शुरुआती मॉडल होगा और कंपनी साल 2025 तकरीबन 24 इलेक्ट्रिक कारें लॉन्च करने का लक्ष्य लेकर चल रही है।

कंपनी की तरफ से जारी पहली डीजे इमेज में इस कार का नाम और किसकी टेल लाइट को दिखाया गया है। अगर कार के पिछले हिस्से में दी गई बैजिंग की बात करें तो इसमें E को गोल्डन अक्षरों में लिखा गया है। खास बात यह है कि इसमें Renault का नया लोगो भी दिखाई देगा जो बीच में लगाया गया है। साथ ही साथ इसमें एलइडी लाइट स्ट्रिप्स भी दी गई हैं जो पूरी चौड़ाई में जलेंगी।


Megane-e एसयूवी कंपनी की पहली इलेक्ट्रिक कार होगी जिसे CMF-EV प्लेटफार्म पर तैयार किया गया है। यह वही प्लेटफार्म है जिस पर Nissan Ariya को तैयार किया गया है।

अगर इस कार के इंटीरियर में दिए जाने वाले फीचर्स की बात करें तो इसमें L-आकार की स्क्रीन्स, screens लगाई गई है जो डिजिटल इंस्ट्रूमेंट और सेंटर कंसोल के बीच की दूरी को भरती है। Megane-e कंपनी की पहली कार होगी जिसमें नया इन्फोटेनमेंट सिस्टम दिया जाएगा जो गूगल सर्विसेज पर बेस्ड है।


Megane-e मैं जो इलेक्ट्रिक मोटर ऑफर की जाएगी वह 217 hp की मैक्सिमम पावर और 300 Nm का पीक टॉर्क देने में सक्षम होगी। कंपनी की तरफ से दावा किया गया है कि यह कार 0 से 100 kmph की रफ्तार 8 सेकेंड से भी कम समय में पकड़ सकती है। इस कार में 60 kWh क्षमता की बैटरी लगाई जाएगी जिसकी मदद से यह सिंगल चार्ज में 450 की दमदार रेंज देने में सक्षम होगी। 


RTO में बगैर टेस्‍ट दिए भी बन सकेगा ड्राइविंग लाइसेंस, जानें कैसे?

RTO में बगैर टेस्‍ट दिए भी बन सकेगा ड्राइविंग लाइसेंस, जानें कैसे?

नई दिल्‍ली यदि आप ड्राइविंग लाइसेंस (Driving License) बनवाने की सोच रहे हैं, लेकिन आरटीओ (RTO) में होने वाले ड्राइविंग टेस्‍ट से बचना चाह रहे हैं तो आपके लिए राहत देने वाली समाचार है जल्‍द ही आरटीओ में बगैर ड्राइविंग टेस्‍ट के ही लोग ड्राइविंग लाइसेंस बनवा सकेंगे इसके लिए सड़क परिवहन मंत्रालय (Ministry of Road Transport) से मान्‍यता प्राप्‍त ड्राइविंग टेस्‍ट सेंटर से ट्रेनिंग लेनी होगी, जिसके बाद सेंटर से एक सर्टिफिकेट मिलेगा इसके आधार पर ड्राइविंग लाइसेंस बनवाते समय टेस्‍ट देने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी यह मान्‍यता प्राप्‍त टेनिंग सेंटर 1 जुलाई 2021 से प्रारम्भ हो जाएंगे सड़क परिवहन मंत्रालय ने इस विषय में आदेश जारी कर दिए हैं

सड़क परिवहन मंत्रालय के अनुसार, प्रति साल देश में होने वाले हादसों का एक कारण ट्रेंड ड्राइवरों की कमी होना है मंत्रालय के मुताबिक मौजूदा समय देश में करीब 22 लाख ड्राइवरों की कमी है इस कमी को पूरा करने और सड़क हादसों को कम करने के लिए सड़क एवं परिवहन मंत्रालय ने तय गाइडलाइन के मुताबिक देशभर में ड्राइवर टेनिंग सेंटर खोलने की अनुमति दे दी है लोग मंत्रालय के मानक के मुताबिक सेंटर खोल सकते हैं, जिसमें लोगों को ट्रेनिंग दी सकेगी ट्रेनिंग के बाद टेस्‍ट लिया जाएगा टेस्‍ट पास करने वालों को सेंटर सर्टिफिकेट देगा, जिसके आधार पर बगैर टेस्‍ट दिए ड्राइविंग लाइसेंस बन सकेगा

ड्राइवर ट्रेनिंग सेंटर के लिए शर्तें
ट्रेनिंग सेंटर के लिए मैदानी इलाके में दो एकड़ और पहाड़ी इलाके में एक एकड़ जमीन की आश्‍वयकता होगी एलएमवी और एचएमवी दोनों तरह के वाहनों के लिए सिम्‍युलेटर जरूरी होगा, जिससे ट्रेनिंग दी जाएगी यहां पर बायोमीट्रिक अटेंडेंस और इंटरनेट के लिए ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी महत्वपूर्ण होगी सेंटर में पार्किंग, रिवर्स ड्राइविंग, ढलान, ड्राइविंग आदि ट्रेनिंग देने के लिए ड्राइविंग ट्रैक जरूरी होगा इसमें थ्‍योरी और सेंगमेंट कोर्स होंगे सेंटर में सिम्‍युलेटर की सहायता से हाईवे, ग्रामीण इलाके, भीड़भाड़ और लेन में चलने वाली जगहों पर बरसात, कोहरा और रात में वाहन चलाने की ट्रेनिंग दी जाएगी