जांच कराएगी सरकारी, रिकार्ड ऊंचाई पर पहुंचा खाद्य तेल का मूल्‍य

जांच कराएगी सरकारी, रिकार्ड ऊंचाई पर पहुंचा खाद्य तेल का मूल्‍य

खाद्य तेल एवं तिलहन के मूल्यों को नियंत्रित करने तथा जमाखोरी व कालाबाजारी रोकने के लिए जिला प्रशासन सख्त कदम उठाएगा। प्रदेश के संयुक्त सचिव विनोद कुमार ने आयुक्त खाद्य एवं रसद विभाग एवं सभी जिलाधिकारी को पत्र लिखकर खाद्य तेल एवं तिलहन का संग्रह, उत्पादन, आपूर्ति, वितरण एवं कारोबार से संबंधित खातों व अभिलेखों का निरीक्षण कर रिपोर्ट देने को कहा है। इससे पहले दाल का स्टाक जांचने का शासन ने आदेश दिया था, लेकिन दाल की कीमतें कम होने पर शासन ने अपना आदेश वापस ले लिया था।

सरसों का तेल 185, रिफाइंड 175 रुपये लीटर तक बिका

मई में खाद्य तेलों की कीमतों में रिकार्ड इजाफा देखा गया था। पैक्ड खाद्य तेलों जैसे की मूंगफली, सरसों, वनस्पति, सोया, सूरजमुखी और पाम आयल की मासिक औसत खुदरा कीमतें इस महीने दशक के उच्‍चतम स्तर पर पहुंच गई थी। सरसों का तेल 185 तथा रिफाइंड 175 रुपये लीटर तक बिका। जबकि पिछले साल मई में सरसों का तेल 110 तथा रिफाइंड 100 रुपये लीटर था। तेल, दाल एवं अन्य खाद्य सामग्री के लगातार दाम बढऩे से लोगों के रसोई का बजट गड़बड़ा गया था। इसको देखते हुए सरकार ने खाद्य तेलों की जमाखोरी एवं कालाबाजारी रोकने की कोशिशें शुरू कर दी है।


खाद्य एवं रसद विभाग व सभी जिलाधिकारियों से मांगा र‍िकार्ड

इसी क्रम में संयुक्त सचिव ने खाद्य एवं रसद विभाग व सभी जिलाधिकारियों से तेल की खरीद व बिक्री से संबंधित रिकार्ड मांगा है। वहीं तेल के थोक कोराबारियों ने सरकार के इस निर्णय पर नाराजगी जताई है। कारोबारियों को मुताबिक सरसों का तेल एवं रिफाइंड की कीमत पूरे देश में बढ़ी थी, न कि सिर्फ उत्तर प्रदेश में। बढ़ती कीमतों के लिए वायदा कारोबार, स्टोरिए, बड़े स्टाकिस्ट के अलावा पाम आयल के आयात पर रोक के साथ खाद्य तेलों पर भारी भरकम आयात शुल्क भी जिम्मेदार है।

चेंबर्स आफ कामर्स के अध्यक्ष व तेल के थोक कारोबारी संजय सिंहानिया के मुताबिक उत्तर प्रदेश में तिलहन की पैदावार बहुत कम है। खाद्य तेल भारत के अन्य राज्यों के साथ अलावा विदेश से भी आयात होता है। प्रदेश के व्यापारियों का खरीद-बिक्री का लेखा-जोखा वाणिज्य कर विभाग के सिस्टम पर मौजूद है। अन्य राज्यों की अपेक्षा उत्तर प्रदेश में खाद्य तेलों कीं महंगाई कम है। इसका मिलान अन्य राज्यों के वाणिज्य कर विभाग के साथ जीएसटी विभाग से भी किया जा सकता है।

 
फुटकर में तेल की कीमतें प्रति लीटर

एक मई 15 मई 30 मई पांच जून

सरसों का तेल 165 185 180 175

रिफाइंड 155 175 170 165।


RTO में बगैर टेस्‍ट दिए भी बन सकेगा ड्राइविंग लाइसेंस, जानें कैसे?

RTO में बगैर टेस्‍ट दिए भी बन सकेगा ड्राइविंग लाइसेंस, जानें कैसे?

नई दिल्‍ली यदि आप ड्राइविंग लाइसेंस (Driving License) बनवाने की सोच रहे हैं, लेकिन आरटीओ (RTO) में होने वाले ड्राइविंग टेस्‍ट से बचना चाह रहे हैं तो आपके लिए राहत देने वाली समाचार है जल्‍द ही आरटीओ में बगैर ड्राइविंग टेस्‍ट के ही लोग ड्राइविंग लाइसेंस बनवा सकेंगे इसके लिए सड़क परिवहन मंत्रालय (Ministry of Road Transport) से मान्‍यता प्राप्‍त ड्राइविंग टेस्‍ट सेंटर से ट्रेनिंग लेनी होगी, जिसके बाद सेंटर से एक सर्टिफिकेट मिलेगा इसके आधार पर ड्राइविंग लाइसेंस बनवाते समय टेस्‍ट देने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी यह मान्‍यता प्राप्‍त टेनिंग सेंटर 1 जुलाई 2021 से प्रारम्भ हो जाएंगे सड़क परिवहन मंत्रालय ने इस विषय में आदेश जारी कर दिए हैं

सड़क परिवहन मंत्रालय के अनुसार, प्रति साल देश में होने वाले हादसों का एक कारण ट्रेंड ड्राइवरों की कमी होना है मंत्रालय के मुताबिक मौजूदा समय देश में करीब 22 लाख ड्राइवरों की कमी है इस कमी को पूरा करने और सड़क हादसों को कम करने के लिए सड़क एवं परिवहन मंत्रालय ने तय गाइडलाइन के मुताबिक देशभर में ड्राइवर टेनिंग सेंटर खोलने की अनुमति दे दी है लोग मंत्रालय के मानक के मुताबिक सेंटर खोल सकते हैं, जिसमें लोगों को ट्रेनिंग दी सकेगी ट्रेनिंग के बाद टेस्‍ट लिया जाएगा टेस्‍ट पास करने वालों को सेंटर सर्टिफिकेट देगा, जिसके आधार पर बगैर टेस्‍ट दिए ड्राइविंग लाइसेंस बन सकेगा

ड्राइवर ट्रेनिंग सेंटर के लिए शर्तें
ट्रेनिंग सेंटर के लिए मैदानी इलाके में दो एकड़ और पहाड़ी इलाके में एक एकड़ जमीन की आश्‍वयकता होगी एलएमवी और एचएमवी दोनों तरह के वाहनों के लिए सिम्‍युलेटर जरूरी होगा, जिससे ट्रेनिंग दी जाएगी यहां पर बायोमीट्रिक अटेंडेंस और इंटरनेट के लिए ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी महत्वपूर्ण होगी सेंटर में पार्किंग, रिवर्स ड्राइविंग, ढलान, ड्राइविंग आदि ट्रेनिंग देने के लिए ड्राइविंग ट्रैक जरूरी होगा इसमें थ्‍योरी और सेंगमेंट कोर्स होंगे सेंटर में सिम्‍युलेटर की सहायता से हाईवे, ग्रामीण इलाके, भीड़भाड़ और लेन में चलने वाली जगहों पर बरसात, कोहरा और रात में वाहन चलाने की ट्रेनिंग दी जाएगी