Covid-19 महामारी के दौरान इमरजेंसी में अगर कार से कर रहे हैं लंबा सफर

Covid-19 महामारी के दौरान इमरजेंसी में अगर कार से कर रहे हैं लंबा सफर

पूरे देश में इस वक्त कोरोना महामारी ने लोगों को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया है। ऐसे में आलम यह है कि लगातार बढ़ते कोरोना के मामलों को देख कर अलग-अलग राज्यों ने अपने यहां बढ़ती कोरोना मरीजों की संख्या के चलते लॉकडाउन लगाने का फैसला लिया है। हालांकि इस दौरान जरूरी सेवाएं जैसे मेडिकल, खाद्य सामग्री, आदि के लिए आवाजाही जारी रहेगी। वहीं यूपी की बात करें तो अब शादी समारोह में अब 21 लोगों को ही अनुमति दी गई है। इस दौरान यदि आपको किसी वजह से लंबी ट्रिप पर जाना पड़ जाए तो अधिकतर लोग अपने निजी वाहन का प्रयोग करना उचित समझते हैं। अगर आप कोरोना काल में कहीं बाहर जाने की योजना बना रहे हैं तो हम आपको बता रहे हैं कुछ ऐसी चीजें जिनका आपको अपनी कार से निकलने से पहले विशेष ध्यान रखना चाहिए।

पेट्रोल रखें फुल : महामारी के इस दौर में जहां सबसे सुरक्षित सफर अपने निजी वाहन का है, तो वहीं इसके साथ कुछ सावधानियां बरतना भी अनिवार्य है। जैसे कि जब भी आप कोरोना काल के दौरान लंबे सफर पर निकलें तो कार में पेट्रोल/डीज़ल फुल करवा लें। क्योंकि लॉकडाउन के चलते हो सकता है आपको हर जगह पेट्रोल पंप खुले न मिलें। इसके अलावा आपको पेट्रोल पंप पर ही कार के टायर्स की हवा भी चेक करवानी चाहिये क्योंकि लॉकडाउन के दौरान आपको रास्ते में या हाईवे पर कोई भी हवा वाला नहीं मिलेगा। साथ ही गर्मियों का मौसम है तो लंबे सफर पर जाने से पहले कार में कूलेंट भी कम हो तो डलवा लें।

आपातकालीन वस्तुएं : कोरोना के समय में न तो कोई दुकानें खुली मिलेंगी और न ही लोग आपको सड़कों पर दिखेंगे। इसलिए ये जरूरी हो जाता है कि अपनी कार के बूट स्पेस में आप कुछ जरूरी वस्तुएं रखें। जैसे की टो-चैन, जंपर केबल, मिनी टूल किट होना बेहद जरूरी है क्योंकि सफर के दौरान कार बंद हो जाए और कार पार्ट खोलना पड़े तो टूल किट से खुल जाएगी। इन सब जरूरी वस्तुओं का आपकी कार में होना अनिवार्य है। क्योंकि जाहिर सी बात है लॉकडाउन का वक्त है और कार एक मशीन है तो उसमें किसी भी तरह की कोई भी दिक्कत कभी भी आ सकती है।


खाने-पीने का सामान रखें साथ : Covid 19 महामारी के फैलने का सबसे बड़ा कारण है एक-दूसरे के संपर्क में आना और यदि आप लंबे सफर पर जा रहे हैं तो आपको अपनी कार से उतरकर कोई खाने-पीने का सामान खरीदना नहीं चाहिये क्योंकि जिस तेजी से ये बीमारी फैल रही है, ऐसे में पता नहीं है कि कौन संक्रमित है और कौन सुरक्षित, जिस वजह से लंबे सफर के दौरान आपको अपने घर से ही खाने-पीने का सामान और जरूरी दवाइयां साथ लेकर चलना चाहिये जिससे आपको सफर के दौरान किसी भी तरह की कोई दिक्कत का सामना न करना पड़े। कोशिश करें कि आप दिन ही दिन में सफर करें अपनी मंजिल पर पहुंचने से पहले रात न होने दें।


RTO में बगैर टेस्‍ट दिए भी बन सकेगा ड्राइविंग लाइसेंस, जानें कैसे?

RTO में बगैर टेस्‍ट दिए भी बन सकेगा ड्राइविंग लाइसेंस, जानें कैसे?

नई दिल्‍ली यदि आप ड्राइविंग लाइसेंस (Driving License) बनवाने की सोच रहे हैं, लेकिन आरटीओ (RTO) में होने वाले ड्राइविंग टेस्‍ट से बचना चाह रहे हैं तो आपके लिए राहत देने वाली समाचार है जल्‍द ही आरटीओ में बगैर ड्राइविंग टेस्‍ट के ही लोग ड्राइविंग लाइसेंस बनवा सकेंगे इसके लिए सड़क परिवहन मंत्रालय (Ministry of Road Transport) से मान्‍यता प्राप्‍त ड्राइविंग टेस्‍ट सेंटर से ट्रेनिंग लेनी होगी, जिसके बाद सेंटर से एक सर्टिफिकेट मिलेगा इसके आधार पर ड्राइविंग लाइसेंस बनवाते समय टेस्‍ट देने की आवश्यकता नहीं पड़ेगी यह मान्‍यता प्राप्‍त टेनिंग सेंटर 1 जुलाई 2021 से प्रारम्भ हो जाएंगे सड़क परिवहन मंत्रालय ने इस विषय में आदेश जारी कर दिए हैं

सड़क परिवहन मंत्रालय के अनुसार, प्रति साल देश में होने वाले हादसों का एक कारण ट्रेंड ड्राइवरों की कमी होना है मंत्रालय के मुताबिक मौजूदा समय देश में करीब 22 लाख ड्राइवरों की कमी है इस कमी को पूरा करने और सड़क हादसों को कम करने के लिए सड़क एवं परिवहन मंत्रालय ने तय गाइडलाइन के मुताबिक देशभर में ड्राइवर टेनिंग सेंटर खोलने की अनुमति दे दी है लोग मंत्रालय के मानक के मुताबिक सेंटर खोल सकते हैं, जिसमें लोगों को ट्रेनिंग दी सकेगी ट्रेनिंग के बाद टेस्‍ट लिया जाएगा टेस्‍ट पास करने वालों को सेंटर सर्टिफिकेट देगा, जिसके आधार पर बगैर टेस्‍ट दिए ड्राइविंग लाइसेंस बन सकेगा

ड्राइवर ट्रेनिंग सेंटर के लिए शर्तें
ट्रेनिंग सेंटर के लिए मैदानी इलाके में दो एकड़ और पहाड़ी इलाके में एक एकड़ जमीन की आश्‍वयकता होगी एलएमवी और एचएमवी दोनों तरह के वाहनों के लिए सिम्‍युलेटर जरूरी होगा, जिससे ट्रेनिंग दी जाएगी यहां पर बायोमीट्रिक अटेंडेंस और इंटरनेट के लिए ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी महत्वपूर्ण होगी सेंटर में पार्किंग, रिवर्स ड्राइविंग, ढलान, ड्राइविंग आदि ट्रेनिंग देने के लिए ड्राइविंग ट्रैक जरूरी होगा इसमें थ्‍योरी और सेंगमेंट कोर्स होंगे सेंटर में सिम्‍युलेटर की सहायता से हाईवे, ग्रामीण इलाके, भीड़भाड़ और लेन में चलने वाली जगहों पर बरसात, कोहरा और रात में वाहन चलाने की ट्रेनिंग दी जाएगी