एसबीआई ने अपने ग्राहकों को दिया यह तोहफा

एसबीआई ने अपने ग्राहकों को दिया यह तोहफा

निजी क्षेत्र के सबसे बड़े बैंक एचडीएफसी व देश के सबसे बड़े सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के बाद बैंक ऑफ इंडिया , बैंक ऑफ बड़ौदा व यूको बैंक ने भी मार्जिनल कॉस्ट ऑफ लेंडिंग रेट (एमसीएलआर) में कटौती कर दी है. इसी तरह दिसंबर में पांच बैंकों ने ग्राहकों को तोहफा दिया है क्योंकि एमसीएलआर में कटौती से ग्राहकों को सस्ते में कर्ज़ मिलेगा.

बैंक ऑफ बड़ौदा ने इतना घटाया एमसीएलआर

सरकार के स्वामित्व वाले बैंक ऑफ बड़ौदा ने अपनी विभिन्न अवधि वाली सीमांत लागत आधारित उधारी दरों (एमसीएलआर) में 20 आधार अंक यानी 0.20 प्रतिशत तक का परिवर्तन किया है. नयी दरें 12 दिसंबर से लागू हो जाएंगी. बैंक ऑफ बड़ौदा ने एक बयान में बोला कि उसने अपना एक वर्ष की अवधि वाला एमसीएलआर महज 0.05 प्रतिशत घटाकर 8.25 प्रतिशत कर दिया है, जिससे सभी खुदरा लोन जुड़े होते हैं. वहीं बैंक ने अपनी ओवरनाइट व एक महीने की दर 20 आधार अंक घटाकर 7.65 प्रतिशत कर दी है. बैंक ऑफ बड़ौदा ने तीन महीने व छह महीने का एमसीएलआर 10 आधार अंक घटाकर क्रमश: 7.80 प्रतिशत व 8.10 प्रतिशत कर दिया है.

यूको बैंक ने 10 आधार अंक कम किया एमसीएलआर

यूको बैंक ने अपने सभी अवधि वाले एमसीएलआर में 10 आधार अंक तक की कटौती की है. इसके साथ ही बैंक की एक साल की अवधि वाला एमसीएलआर 8.40 प्रतिशत से घटकर 8.30 प्रतिशत रह गया. इसके अतिरिक्त ओवरनाइट, एक महीने, तीन महीने व छह महीने की अवधि वाले एमसीएलआर में 10 आधार अंकों तक की कमी की गई है. नयी दरें मंगलवार से प्रभावी हो गई हैं. 

बैंक ऑफ इंडिया ने भी दिया ग्राहकों को तोहफा

इसके अतिरिक्त बैंक ऑफ इंडिया ने भी एक दिन के लोन पर लगने वाले ब्याज में 0.20 फीसद की कटौती की है. इस तरह यह दर 7.75 प्रतिशत हो गई है. अन्य अवधि के लोन पर बैंक ने ब्याज दर में 0.10 फीसद की कटौती की है. इस तरह बैंक एक वर्ष के लोन पर बैंक 8.2 प्रतिशत का ब्याज लेगा, जो पहले 8.3 प्रतिशत था. नयी दरें तत्काल असर से लागू हो गई हैं.

एचडीएफसी ने इतना घटाया था एमसीएलआर

इससे पहले एचडीएफसी ने एमसीएलआर में 15 बीपीएस तक की कटौती की थी. नयी दरें सात दिसंबर 2019 से लागू हो गई हैं. कटौती के बाद छह महीने का एमसीएलआर अब आठ प्रतिशत हो गया है. इसमें 10 बीपीएस की कटौती की गई है. पहले यह दर 8.10 प्रतिशत थी. एक वर्ष के एमसीएलआर में 15 बीपीएस की कटौती हुई है. नयी दर 8.15 प्रतिशत है. पहले यह 8.30 प्रतिशत थी. साथ ही दो वर्ष व तीन वर्ष के एमसीएलआर में भी 15 बीपीएस की कटौती की गई है, जिसके बाद यह क्रमश: 8.25 व 8.35 प्रतिशत हो गई है. 

एसबीआई ने भी दिया तोहफा

एसबीआई ने एक वर्ष के एमसीएलआर में 10 बीपीएस की कटौती की घोषणा की थी. जिसके बाद यह दर आठ प्रतिशत से कम होकर 7.90 प्रतिशत हो गई है. नयी दरें 10 दिसंबर 2019 से लागू हो चुकी हैं. इससे ग्राहकों को लाभ होगा क्योंकि अब उन्हें सस्ते में कर्ज़ मिलेगा. इससे पहले नवंबर माह में भी एसबीआई ने एमसीएलआर में परिवर्तन किया था. तब एसबीआई ने एक वर्ष के एमसीएलआर में पांच बीपीएस की कटौती की थी. 

आश्चर्यजनक है दरों में कटौती

दरों में कटौती इसलिए भी आश्चर्यजनक है, क्योंकि हाल में हुई द्वैमासिक मौद्रिक नीति समीक्षा में भारतीय रिजर्व बैंक ने अपनी प्रमुख नीतिगत दरों में कोई परिवर्तन नही किया था. हालांकि गवर्नर शक्तिकांत दास ने बोला था कि ब्याज दरों में कटौती की अभी खासी गुंजाइश है.