Share Market में Repo Rate में बढ़ोतरी के बाद तेजी लौटी

Share Market में Repo Rate में बढ़ोतरी के बाद तेजी लौटी
  • सेंसेक्स 89.13 अंक यानी 0.15 फीसदी बढ़कर 58,387.93 अंक पर बंद हुआ
  • निफ्टी 15.50 अंक की मामूली बढ़त के साथ 17,397.50 अंक पर बंद हुआ
  • आरबीआई ने रेपो रेट को 0.50 फीसदी बढ़ाकर 5.40 फीसदी कर दिया

Share Market के दोनों मानक सूचकांक शुक्रवार को अंतरराष्ट्रीय बाजारों के मिले-जुले रुख और नीतिगत ब्याज रेट में वृद्धि के निर्णय के बीच मामूली बढ़त लेकर बंद हुए. कारोबारियों ने बोला कि पूंजी बाजारों में विदेशी पूंजी की आवक बनी रहने और कच्चे ऑयल के मूल्य में नरमी से भी सेंसेक्स और निफ्टी को समर्थन मिला. बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 89.13 अंक यानी 0.15 फीसदी बढ़कर 58,387.93 अंक पर पहुंच गया. कारोबार के दौरान सेंसेक्स में एक समय 350.39 अंक की तेजी भी दर्ज की गई थी. हालांकि, आखिरी घंटे में काफी उतार-चढ़ाव रहा लेकिन सेंसेक्स मामूली बढ़त बनाए रखने में सफल रहा. वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का निफ्टी 15.50 अंक यानी 0.09 फीसदी की मामूली बढ़त के साथ 17,397.50 अंक पर बंद हुआ.

तीन महीने में रेपो रेट में कुल 1.40% की वृद्धि

बाजार की गतिविधियों पर आरबीआई (आरबीआई) की तरफ से नीतिगत रेट में वृद्धि की घोषणा का भी असर पड़ा. भारतीय रिजर्व बैंक ने रेपो रेट को 0.50 फीसदी बढ़ाकर 5.40 फीसदी कर दिया है जो बीते तीन महीनों में की गई तीसरी वृद्धि है. महामारी आने के पहले फरवरी, 2020 में रेपो रेट 5.15 फीसदी थी. भारतीय रिजर्व बैंक के गवर्नर शक्तिकांत दास ने यह संकेत भी दिया कि ब्याज रेट में वृद्धि का सिलसिला आगे भी जारी रह सकता है. मुद्रास्फीति लगातार छह फीसदी के सुविधाजनक स्तर से ऊपर बनी हुई है और उसपर काबू पाने के लिए भारतीय रिजर्व बैंक तीन महीने में रेपो रेट में कुल 1.40 फीसदी की वृद्धि कर चुका है.

चीन एवं ताइवान के बीच के तनाव पर ध्यान बना रहेगा

आनंद राठी शेयर्स एंड स्टॉक ब्रोकर्स के मुख्य अर्थशास्त्री एवं कार्यकारी निदेशक सुजन हाजरा ने कहा, ‘‘रिजर्व बैंक की तरफ से रेपो रेट में 0.50 फीसदी की वृद्धि की घोषणा मोटे तौर पर मान्य अपेक्षाओं के अनुरूप ही है.’’ सेंसेक्स में शामिल कंपनियों में से अल्ट्राटेक सीमेंट सर्वाधिक 2.86 फीसदी की मजबूती पर रहा. आईसीआईसीआई बैंक, भारती एयरटेल, पावरग्रिड, इन्फोसिस, विप्रो और एक्सिस बैंक के भी शेयर बढ़त में रहे. वहीं महिंद्रा एंड महिंद्रा को पहली तिमाही के नतीजे आशा के अनुसार नहीं होने से 2.04 फीसदी का हानि उठाना पड़ा. मारुति सुजुकी, रिलायंस इंडस्ट्रीज, इंडसइंड बैंक, बजाज फिनसर्व, एसबीआई और टाटा स्टील के शेयर भी घाटे में रहे. सेंसेक्स में इस सप्ताह कुल 817.68 अंक यानी 1.42 फीसदी की वृद्धि दर्ज की गई. वहीं निफ्टी में इस दौरान 239.25 अंक यानी 1.39 फीसदी की वृद्धि रही. कोटक सिक्योरिटीज लिमिटेड के डिप्टी वाइस प्रेसिडेंट (तकनीकी शोध) अमोल अठावले ने कहा, ‘‘मौद्रिक नीति का दबाव पीछे होने के बाद अब चीन एवं ताइवान के बीच के तनाव पर ध्यान बना रहेगा. इस क्षेत्र में हालात बिगड़ने पर पूरी दुनिया में घबराहट फैल सकती है.’’ व्यापक बाजार में बीएसई स्मॉलकैप 0.23 फीसदी की बढ़त पर रहा जबकि मिडकैप 0.09 फीसदी चढ़ा. अंतरराष्ट्रीय बाजारों का रुख मिला-जुला रहा.

एशियाई बाजार बढ़त के साथ बंद

एशियाई बाजारों में दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, चीन का शंघाई कम्पोजिट, जापान का निक्की और हांगकांग का हैंगसेंग बढ़त के साथ बंद हुए. यूरोपीय बाजारों में दोपहर के सत्र में गिरावट देखी गई. एक दिन पहले बृहस्पतिवार को अमेरिकी बाजारों में मिला-जुला रुख देखने को मिला था. इस बीच, अंतर्राष्ट्रीय ऑयल मानक ब्रेंट क्रूड 0.18 फीसदी चढ़कर 94.29 $ प्रति बैरल पर पहुंच गया. इसके अतिरिक्त अमेरिकी $ के मुकाबले रुपये में मजबूती दर्ज की गई. रुपया 17 पैसे मजबूत होकर 79.23 रुपया प्रति $ के (अस्थायी) रेट पर बंद हुआ. विदेशी संस्थागत निवेशकों ने भारतीय बाजार में खरीदारी का रुख बरकरार रखा है. मौजूद आंकड़ों के मुताबिक, विदेशी निवेशकों ने बृहस्पतिवार को 1,474.77 करोड़ रुपये मूल्य के शेयरों की खरीद की