रामायण एक्सप्रेस इस दिन से हुई  प्रारम्भ

 रामायण एक्सप्रेस इस दिन से हुई  प्रारम्भ

अब रामायण एक्सप्रेस (Ramayana Express) प्रारम्भ करेगा। यह ट्रेन तीर्थ यात्रियों को रामायण सर्किट के तीर्थ स्थलों का दर्शन कराएगी। रामायण एक्सप्रेस की यात्रा 28 मार्च से प्रारम्भ होगी। हिंदुस्तान में भगवान राम से जुड़े तीर्थों के साथ ही नेपाल व श्रीलंका तक दर्शन की

सुविधा होगी। इस तरह अयोध्या से लेकर जनकपुर व चित्रकूट से लेकर रामेश्वरम तक जो लोग भगवान राम से जुड़े तीर्थ स्थानों के दर्शन करना चाहते हैं, उनके लिए रामायण एक्सप्रेस से बेहतर सफर हो नहीं सकता।  

आईआरसीटीसी ने रामायण सर्किट के सभी तीर्थ स्थलों को कवर करते हुए रामायण एक्सप्रेस चलाने का ऐलान किया है। यह ट्रेन देशभर में 17 दिनों के भीतर भगवान राम से जुड़े तीर्थ स्थलों के दर्शन कराएगी। यही नहीं आईआरसीटीसी ने अपने टूर पैकेज में नेपाल व श्रीलंका में राम से जुड़े तीर्थ स्थलों को भी टूर पैकेज में शामिल किया है।

रामायण एक्सप्रेस में सफर करने वाले तीर्थ यात्रियों को अयोध्या में श्रीराम जन्मभूमि व हनुमानगढ़ी के दर्शन होंगे। अयोध्या से सफर आगे बढ़ेगा तो नंदीग्राम में हिंदुस्तान मंदिर, बिहार में सीतामढ़ी, नेपाल में सीता माता मंदिर, जनकपुर-वाराणसी में तुलसी मानस मंदिर, प्रयागराज में त्रिवेणी संगम हनुमान मंदिर व भारद्वाज आश्रम। इसके साथ ही श्रृंगवेरपुर में श्रृंगी ऋषि मंदिर, चित्रकूट में रामघाट सती अनुसूया मंदिर, नासिक में पंचवटी तो हंपी में अंजना दृश्य व रामेश्वरम में ज्योतिर्लिंग शिव मंदिर के दर्शन होंगे।

जब भगवान राम ने अयोध्या पर चढ़ाई की थी तो इसके पहले रामेश्वरम में ही शिवलिंग की स्थापना कर भगवान शिव की पूजा की थी, लिहाजा इस सर्किट का जरूरी स्थल रामेश्वरम भी है जो इस रामायण सर्किट में शामिल है व रामायण एक्सप्रेस के जरिए तीर्थ यात्री दर्शन कर सकेंगे। इसके आगे जो यात्री श्रीलंका भी जाना चाहेंगे, उनको आईआरसीटीसी हवाई यात्रा के जरिए श्रीलंका में भी राम से जुड़े स्थलों के दर्शन कराएगी।

तीर्थ यात्रियों के लिए रामायण एक्सप्रेस का सफर 17 दिन का होगा। इसमें तीर्थ यात्रियों को स्लीपर श्रेणी में ₹1000 रोजाना एसी थर्ड कोच में 1500 रुपये रोजाना का खर्च आएगा। तीर्थ यात्रियों को ट्रेन में सफर के अतिरिक्त सड़क परिवहन भी उपलब्ध होगा। होटल में सुबह-शाम का चाय नाश्ता, दोपहर व रात्रि के भोजन की सुविधा भी होगी। प्रति यात्री के लिहाज से स्लीपर श्रेणी का किराया ₹16065 होगा तो वही थर्ड एसी के लिए 17 दिन के सफर का किराया ₹26775 प्रति यात्री होगा।

रामायण एक्‍सप्रेस ट्रेन में कुल 10 कोच होंगे। इसमें पांच स्लीपर व 5 थर्ड एसी के होंगे। सभी मॉडर्न साज-सज्जा से युक्त होंगे।

रामायण सर्किट के तहत श्रीलंका की यात्रा करने वाले तीर्थ यात्रियों के लिए चेन्नई से 11 अप्रैल को रामायण एक्सप्रेस टूरिस्ट ट्रेन की यात्रा के बाद श्रीलंकाई एयरलाइंस से कोलंबो तक की यात्रा कराई जाएगी व श्रीलंका में कैंडी नुवारा एलिया व नेगोम्बो में तीन रहने की व्यवस्था होगी। जहां पर वह भगवान राम से जुड़े तीर्थ स्थलों के दर्शन कर सकेंगे। ध्यान रखने की बात यह है कि जो तीर्थयात्री रामायण सर्किट के तहत श्रीलंका का सफर करना चाहेंगे, उनको अलावा किराया भरना होगा।

उनसे रामायण एक्सप्रेस के किराए के अतिरिक्त प्रति आदमी ₹37800 अलावा शुल्क लिया जाएगा, जिसके तहत आईआरसीटीसी श्रीलंका में उपस्थित राम से जुड़े तीर्थ स्थलों में मुन्नेश्वरम में सीता माता मंदिर, अशोक वाटिका, विभीषण मंदिर प्रसिद्ध, शिव मंदिर व दूसरे राम से जुड़े तीर्थ शामिल होंगे। वापसी की यात्रा दिल्ली से कोलंबो के लिए आईआरसीटीसी उपलब्ध कराएगा।

आईआरसीटीसी के मुताबिक इस बार यात्रियों की सहूलियत के लिहाज से स्लीपर कोच के अतिरिक्त एसी थर्ड कोच भी रखा गया है। सफर के दौरान यात्रियों की सहूलियत के सारे बंदोवस्त इस ट्रेन में होंगे। रामायण एक्सप्रेस में बुकिंग की आरंभ हो गई है तो यदि आप भी रामायण एक्सप्रेस के जरिए राम से जुड़े तीर्थ स्थलों के दर्शन करना चाहते हैं तो 28 मार्च से पहले इसकी बुकिंग कर सकते हैं।