आशिमा गोयल ने आम बजट को निराशाजनक व दूरदर्शिता की कमी वाला बताया

आशिमा गोयल ने आम बजट को निराशाजनक व दूरदर्शिता की कमी वाला बताया

पीएम की आर्थिक सलाहकार परिषद की अंशकालिक (पार्ट-टाइम) मेम्बर आशिमा गोयल ने आम बजट को निराशाजनक व दूरदर्शिता की कमी वाला बताया है. गोयल का बोलना है कि वित्त मंत्री के तीनघंटे के बजट सम्बोधन में स्लोडाउन शब्द का जिक्र नहीं होना चौंकाने वाली बात रही. हालांकि, गोयल ने वित्तीय घाटे के लक्ष्य में ढील देने व इनकम टैक्स को आसान बनाने के तरीकों को सकारात्मक बताया. उन्होंनेरविवार को एक प्रोग्राम में ऐसा कहा.

स्लोडाउन शब्द को लेकर सीतारमण दुविधा में थीं: गोयल
गोयल ने कहा- इस बात पर कोई बात नहीं हुई कि इस बार का बजट स्लोडाउन से निपटने में कैसे मददगार होगा. बजट बनाने की प्रक्रिया के दौरान स्लोडाउन शब्द के प्रयोग को लेकर सीतारमण दुविधा में थीं, क्योंकि इससे कोई नाराज होने कि सम्भावना था. हालांकि, वित्त मंत्री संतुलन बनाने में सफल रहीं.

'सब्सिडी मॉडल पर फिर से विचार करने की जरूरत'
गोयल ने बजट के लक्ष्यों का मामला भी उठाया. उन्होंने बोला कि रेवेन्यू के लक्ष्य में इजाफा बेहद है. साथ ही सब्सिडी के मॉडल पर भी फिर से विचार करने की आवश्यकता बताई. उन्होंने खाद्य सब्सिडी पर जोर देते हुए बताया कि लोगों के उपभोग की आदतें बदल चुकी हैं.

घरेलू, वैश्विक वजहों से जीडीपी ग्रोथ में गिरावट
चालू वित्त साल (2019-20) में जीडीपी ग्रोथ 5% रहने का अनुमान है. यह 11 वर्ष में सबसे कम होगी. घरेलू खपत में कमी व वैश्विक वजहों से ग्रोथ में गिरावट आ रही है. सितंबर तिमाही में जीडीपी ग्रोथ सिर्फ 4.5% रह गई थी.