देशभर के सर्राफा बाजारों में सोने-चांदी की कीमतों में आई यह बड़ी उछाल

 देशभर के सर्राफा बाजारों में सोने-चांदी की कीमतों में आई यह बड़ी उछाल

एक दिन की राहत के बाद आज सोने-चांदी की कीमतें एक बार फिर बढ़ गई हैं. बुधवार को देशभर के सर्राफा बाजारों में 24 कैरेट सोने का भाव 256 रुपये महंगा होकर 49373 रुपये पर खुला. 

मंगलवार को यह 4911 रुपये प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ था. वहीं चांदी में आज 946 रुपये प्रति किलोग्राम की उछाल देखी जा रही है. इस उछाल के बाद अब चांदी 52301 रुपये प्रति किलोग्राम पर पहुंच गई है. इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन की वेबसाइट (ibjarates.com) के मुताबिक 15 जुलाई 2020 को देशभर के सर्राफा बाजारों सोने-चांदी के रेट इस प्रकार रहे

धातु 15 जुलाई का रेट (रुपये/10 ग्राम) 14 जुलाई का रेट (रुपये/10 ग्राम) परिवर्तन (रुपये/10 ग्राम)">

रेट में परिवर्तन (रुपये/10 ग्राम)

Gold 999 (24 कैरेट) 49373 49117 256
Gold 995 (23 कैरेट) 49175 48920 255
Gold 916 (22 कैरेट) 45226 44991 235
Gold 750 (18 कैरेट) 37030 36838 192
Gold 585 ( 14 कैरेट) 28883 28733 150
Silver 999 52301 Rs/Kg 51355 946

कोविड-19 की वजह से दूसरी छमाही में सोने की उपभोक्ता मांग निर्बल रहेगी

कोविड-19 संकट की वजह से 2020 की दूसरी छमाही में सोने की उपभोक्ता मांग निर्बल रहेगी. दुनिया स्वर्ण परिषद (डब्ल्यूजीसी) की एक रिपोर्ट में यह अनुमान लगाया गया है.  रिपोर्ट में बोला गया है कि इस महामारी की वजह से कारोबार व आमदनी पर बुरा प्रभाव पड़ा है, जिससे सोने की मांग प्रभावित होगी.  हालांकि, इसके साथ ही रिपोर्ट में बोला गया है कि अर्थव्यवस्था को समर्थन के लिए घोषित वित्तीय पैकेज व मानूसन अच्छा रहने पर कोविड-19 के निगेटिव असर का प्रभाव कुछ कम होने कि सम्भावना है. 

डब्ल्यूजीसी की रिपोर्ट ''सोना मध्यावधि परिदृश्य 2020: सुधार के रास्ते व प्रदर्शन रिपोर्ट में बोला गया है, ''आर्थिक गतिविधियां सीमित रहने, बेरोजगारी बढ़ने की चिंता व आय में गिरावट से दूसरी छमाही में सोने की उपभोक्ता मांग निर्बल रहेगी. हालांकि, सरकार की ओर से अलावा आर्थिक पैकेज व मानसून बेहतर रहने से इसका निगेटिव असर कुछ सिमट सकता है. 

रिपोर्ट में बोला गया है कि 2020 की पहली तिमाही में भारतीय अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर घटकर 3.1 फीसदी के 11 वर्ष के निचले स्तर पर आ गई. अर्थव्यवस्था को गति देने के लिए आरबीआई ने इस वर्ष की पहली छमाही में कुल मिलाकर ब्याज दर में 1.15 फीसदी की कटौती की. इसके अतिरिक्त सरकार ने अर्थव्यवस्था को समर्थन देने के लिए 21 लाख करोड़ रुपये के आर्थिक पैकेज की घोषणा की.