पुराने नोट या सिक्के की खरीद-बिक्री कर रहे हैं तो हो जाइए सावधान

पुराने नोट या सिक्के की खरीद-बिक्री कर रहे हैं तो हो जाइए सावधान

भारतीय रिजर्व बैंक ने बुधवार को लोगों को आगाह करते हुए कहा कि कुछ धोखाधड़ी करने वाले कुछ तत्व विभिन्न ऑनलाइन, ऑफलाइन प्लेटफॉर्म पर पुराने बैंक नोट और सिक्कों की बिक्री के लिए केंद्रीय बैंक के नाम और लोगो का इस्तेमाल कर रहे हैं। रिजर्व बैंक ने इस बाबत एक बयान जारी कर कहा है, ''भारतीय रिजर्व बैंक के संज्ञान में यह बात सामने आई है कि कुछ तत्व गलत तरीके से भारतीय रिजर्व बैंक के नाम और लोगों का इस्तेमाल कर रहे हैं और विभिन्न ऑनलाइन, ऑफलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए पुराने बैंक नोट और सिक्कों को बेचने के लिए लोगों से शुल्क/ कमीशन या टैक्स मांग रहे हैं।''

रिजर्व बैंक ने अपने बयान में स्पष्ट किया है कि वह इस तरह की किसी भी गतिविधि में शामिल नहीं है और इस तरह के ट्रांजैक्शन के लिए किसी से कोई शुल्क या कमीशन कभी नहीं मांगेगा। आरबीआई ने साथ ही कहा है कि उसने किसी संस्था या व्यक्ति को इस तरह की गतिविधियों के लिए किसी तरह का कोई प्राधिकार नहीं दिया है।


केंद्रीय बैंक ने कहा है, ''यह स्पष्ट किया जाता है कि भारतीय रिजर्व बैंक इस तरह के मामलों में डील नहीं करता है और ना ही कभी किसी से इस तरह के शुल्क या कमीशन मांगता है। भारतीय रिजर्व बैंक ने किसी संस्था, कंपनी या व्यक्ति इत्यादि को इस तरह के ट्रांजैक्शन पर रिजर्व बैंक की ओर से शुल्क या कमीशन लेने के कभी अथॉरिटी नहीं दी है। भारतीय रिजर्व बैंक आम लोगों से इस तरह के जाली और धोखाधड़ी वाले ऑफर्स के झांसे में नहीं आने की सलाह देता है।''

यह पहला मौका नहीं है जब केंद्रीय बैंक ने खुद सामने आकर किसी भी तरह के फ्रॉड को लेकर लोगों को आगाह किया है। केंद्रीय बैंक अपने 'RBI Kehta Hai' अभियान के तहत लोगों को हर तरह की वित्तीय धोखाधड़ी से बचने को लेकर आगाह करते रहता है।


प्रधानमंत्री मोदी के अभियान सौभाग्य योजना के तहत 2.82 करोड़ परिवारों को मिला बिजली कनेक्शन

प्रधानमंत्री मोदी के अभियान सौभाग्य योजना के तहत 2.82 करोड़ परिवारों को मिला बिजली कनेक्शन

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के द्वारा शुरू किए गए अभियान, सौभाग्य योजना के तहत अब तक 2.82 करोड़ परिवारों को बिजली का कनेक्शन हासिल हो चुका है। बिजली मंत्रालय ने शनिवार को यह जानकारी उपलब्ध कराई है। सौभाग्य योजना के चार साल पूरे होने पर एक बयान जारी करते हुए बिजली मंत्रालय ने यह कहा है कि, "इस योजना के शुरू होने के बाद से, इस साल 31 मार्च तक, 2.82 करोड़ घरों में बिजली का कनेक्शन दिया जा चुका है। मार्च 2019 तक, देश के ग्रामीण और शहरी दोनों इलाकों में 2.63 करोड़ घरों को 18 महीने के रिकॉर्ड समय में बिजली का कनेक्शन प्रदान किया गया था।"

"इसके बाद, सात राज्यों असम, छत्तीसगढ़, झारखंड, कर्नाटक, मणिपुर, राजस्थान और उत्तर प्रदेश राज्यों में, 31 मार्च, 2019 से पहले चिन्हित किए गए लगभग 18.85 लाख बिना बिजली कनेक्शन वाले घर, जो पहले कनेक्शन नहीं लेना चाहते थे, लेकिन बाद में उन्होंने बिजली कनेक्शन प्राप्त करने की इच्छा जाहिर की थी। इस तरह के घर भी इस योजना के तहत शामिल थे।"

क्या है सौभाग्य योजना

सौभाग्य योजना की घोषणा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 25 सितंबर, 2017 को की थी और यह दुनिया के सबसे बड़े घरेलू विद्युतीकरण अभियानों में से एक है। इस योजना का उद्देश्य अंतिम छोर तक कनेक्टिविटी के जरिए देश में 'सार्वभौमिक घरेलू विद्युतीकरण' प्राप्त करना है। इसके साथ ही, ग्रामीण क्षेत्रों के उन सभी घरों और क्षेत्रों में बिजली कनेक्शन देना है, जिन घरों और शहरी क्षेत्रों में गरीब परिवारों तक बिजली कनेक्शन नहीं पहुंचा है।


इस योजना की शुरुआत करते हुए, प्रधानमंत्री ने "नए युग के भारत" में बिजली कनेक्शन प्रदान करने और इक्विटी, दक्षता और स्थिरता की दिशा में काम करने का संकल्प लिया था। इस योजना के तहत कुल बजट 16,320 करोड़ रुपये का था, जबकि सकल बजटीय सहायता (जीबीएस) 12,320 करोड़ रुपये की थी।