झुनझुनवाला अपने इस निर्णय को कर सकते है रद्द, पढ़े पूरी खबर

 झुनझुनवाला अपने इस निर्णय को कर सकते है रद्द, पढ़े पूरी खबर

 बैंकिंग सेक्टर का जाना माना ब्रांड यस बैंक ( Yes Bank ) इन दिनों बहुत ज्यादा कठिन दौर से गुजर रहा है क्योंकि उसे निवेशक नहीं मिल रहे हैं. इस कठिन के बीच कुछ समय पहले Yes Bank के लिए राहत की समाचार आई थी जब निवेशक राकेश झुनझुनवाला ने बैंक में 2.5 करोड़ डॉलर निवेश करने की योजना बनाई थी लेकिन अब जो जानकारी मिली है उसके मुताबिक़ झुनझुनवाला अपने इस निर्णय को रद्द कर सकते हैं व यस बैंक में निवेश को रोक सकते हैं. Yes Bank के लिए ये समाचार किसी झटके से कम नहीं है.

इसी दौरान समाचार मिल रही है जिसके मुताबिक़ यस बैंक ने कनाडा के अरबपति एरविन सिंह बराइच के निवेश के ऑफर को ठुकराने का मन बना लिया है. जानकारी के मुताबिक़ एरविन सिंह बराइच की संपत्ति संदिग्‍ध है जिसकी वजह से बैंक उनके इस ऑफर को ठुकरा सकता है. इस पर निर्णय बैंक के बोर्ड की बैठक में लिया जा सकता है. इन खबरों का प्रभाव बैंक के शेयर पर पड़ा व यस बैंक के शेयर 10 प्रतिशत की गिरावट के साथ 50.55 रुपये पर बंद हुए. कारोबार के दौरान बैंक के शेयर 14 प्रतिशत तक लुढ़क गए.

वहीं इंडसइंड बैंक , पावरग्रिड , एनटीपीसी, एक्‍सिस बैंक , आईटीसी व टीसीएस के शेयर 2 प्रतिशत से अधिक लुढ़क गए। इसके अतिरिक्त हीरो मोटोकॉर्प, महिंद्रा, एचसीएल , वेदांता, टाटा स्‍टील व टेक महिंद्रा , ओएनजीसी व एशियन पेंट के शेयर भी लाल निशान पर बंद हुए। बढ़त वाले शेयरों में बजाज फाइनेंस, एचडीएफसी बैंक, आईसीआईसीआई बैंक, एचयूएल, बजाज ऑटो, एयरटेल , एलएंडटी व सनफार्मा भी शामिल हैं.

बता दें कि सप्‍ताह के दूसरे कारोबारी दिन भारतीय मार्केट में बड़ी गिरावट दर्ज की गई. कारोबार के अंत में सेंसेक्‍स 247.55 अंकों की गिरावट के साथ 40,239.88 अंक पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 80.70 अंक पर लुढ़क कर 11,856.80 अंक पर स्‍तर रहा.

सरकारी बैंक भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के शेयर 1 प्रतिशत की गिरावट के साथ बंद हुए. दरअसल, एसबीआई के बीते वित्त साल की नॉन परफॉर्मिंग एसेट यानी एनपीए में करीब 12,000 करोड़ रुपये का अंतर पाया गया है. एसबीआई ने शेयर बाजारों को भेजी सूचना में बोला कि आरबीआई द्वारा किए गए आकलन के अनुसार बीते वित्त साल में एसबीआई का एनपीए 1,84,682 करोड़ रुपये था। यह बैंक द्वारा दिखाए गए 1,72,750 करोड़ रुपये के एनपीए से 11,932 करोड़ रुपये अधिक है.