वायदा कारोबार पेट्रोल व डीजल की इन परिवर्तन वाली कीमतों के साथ हुआ प्रारम्भ, जाने दाम

वायदा कारोबार पेट्रोल व डीजल की इन परिवर्तन वाली कीमतों के साथ हुआ प्रारम्भ, जाने दाम

 पेट्रोल व डीजल में वायदा कारोबार प्रारम्भ होने कि सम्भावना है। मार्केट नियामक सेबी इस बारे में विचार कर रहा है। साथ ही फिर से तूर व उड़द में वायदा कारोबार की इजाजत मिल सकती है। इन दालों की कीमतों में भारी तेजी के बाद 2007 में इनके वायदा कारोबार पर पाबंदी लगा दी गई थी।

सेबी की जनरल मैनेजर (कमोडिटी सेगमेंट) छवि कपूर ने पीचडी चेंबर ऑफ कॉमर्स एंड इंडस्ट्री के एक वेबिनार में बोला कि तूर, उड़द, पेट्रोल व डीजल में वायदा कारोबार करने की अनुमति देने पर विचार हो रहा है। उन्होंने बोला कि इस सूची में कई उत्पाद हैं। मार्केट की परिस्थितियों के मुताबिक उन पर विचार किया जाएगा।

अभी कच्चे ऑयल में वायदा कारोबार की अनुमति है। कच्चे ऑयल से पेट्रोल व डीजल के साथ कई दूसरे उत्पाद निकलते हैं। पहले भी इंडस्ट्री ने इन दो पेट्रोलियम उत्पादों में फ्यूचर ट्रेड की अनुमति देने की मांग की थी। सेबी ने इस बारे में पेट्रोलियम मंत्रालय को प्रस्ताव भेजा था।

इस मामले पर पीएचडीसीसीआई के प्रेसिडेंट डी के अग्रवाल ने बोला कि यह एक संवेदनशील मामला है। मुझे पता नहीं कि सेबी या मंत्रालय इसे लेकर सहज होंगे या नहीं। उन्होंने बोला कि हिंदुस्तान में पेट्रोल व डीजल की कीमतें लोकल करों से प्रभावित होती हैं। कुल मूल्य में 70 प्रतिशत भाग इन्हीं का होता है।

अग्रवाल ने बोला कि अगर डीजल की मूल्य 72 रुपये प्रति लीटर है तो इसमें 50 रुपये कर है। उन्होंने कहा, 'चूंकि ये दो उत्पाद अधिकतर इंडस्ट्रीज व पूरी इकोनॉमी को प्रभावित करते हैं, इसलिए मुझे लगता है कि इनमें फ्यूचर ट्रेडिंग की अनुमति देने से कीमतों की हेजिंग में मदद मिलेगी। मार्केट भागीदार होने के नाते हम इन उत्पादों में फ्यूचर ट्रेडिंग चाहेंगे। '