चीन के चलते लोगो की जेब पर भी दिखा  प्रभाव

 चीन के चलते लोगो की  जेब  पर भी दिखा  प्रभाव

 चीन में फैला सिर्फ हमारे स्वास्थ्य पर ही नहीं बल्कि जेब पर भी प्रभाव करेगा। चाइना में सभी कारोबार व निर्माण काम ठप्प पड़ने का प्रभाव अब भारतीय मार्केट में दिखने की संभावना जताई जा रही है। इसकी वजह से जीवनरक्षक दवाओं से लेकर मोबाइल फोन व इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदना

महंगा होने कि सम्भावना है। आपकी जानकारी के लिए बताते चलें कि हिंदुस्तान चाइना पर दवाइयों से लेकर बच्चो के खिलौने तक के लिए निर्भरता है। इस कारण अब मार्केट में सामान की सप्लाई की कमी हो रही है।  

मोबाइल, दवाएं व खिलौने हो सकते हैं महंगे
चाइना से आयात प्रभावित होने की वजह से सीधा प्रभाव मोबाइल हैंडसेट की कीमतों में दिखने लगा है। हाल ही में शाओमी ने मोबाइल हैंडसेट की सप्लाई कम होने की वजह से 500 रुपये बढ़ा दिए हैं।   एप्पल (Apple) ने भी इशारा दिए हैं कि कोरोना वायरस के कारण iPhone की सप्लाई में गिरावट आ सकती है। चाइना से सप्लाई में एक महीने की भी रुकावट रही तो मार्केट में पैरासिटामोल जैसी बेसिक व महत्वपूर्ण दवाइयों की कमी हो सकती है। इनकी कीमतें बढ़ सकती हैं। इसी तरह देश में बच्चों के खिलौने से लेकर फैंसी कार या साइकिल सब चाइना से आयात होता है। इस क्षेत्र में भी कीमतों के बढ़ने की संभावना है।

क्या कहते हैं इनसाइडर्स
चाइना से होने वाले नुकसान का आकलन होने लगा है। डन एंड ब्रॉडस्ट्रीट ने अपनी जाता रिपोर्ट में बोला है कि वैश्विक अर्थव्यवस्था में चाइना का सहयोग कई गुणा बढ़ा है। चाइना में करीब 2.2 करोड़ कंपनियां अर्थात चाइना की आर्थिक गतिविधियों का 90 फीसदी उन क्षेत्रों में ही स्थित है, जहां वायरस के संक्रमण का अधिक प्रभाव है। रिपोर्ट में आगे बताया गया है कि चाइना की अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाला प्रभाव धीरे-धीरे फैलकर वैश्विक स्तर पर प्रभाव दिखाने लगेगा व यदि संक्रमण जून के बाद भी बना रहा तो इसके कारण वैश्विक आर्थिक वृद्धि दर में करीब एक फीसदी तक की गिरावट आ सकती है।