पुराना फोन बेचने से पहले कर दें 'फैक्ट्री रिसेट' बच जाएंगे नुकसान से!

पुराना फोन बेचने से पहले कर दें 'फैक्ट्री रिसेट' बच जाएंगे नुकसान से!

जी हां स्मार्टफोन के जमाने में लोग अपना फोन एक दो साल पर चेंज कर ही देते हैं। इसके लिए तमाम कंपनियां 'एक्सचेंज ऑफर' भी लांच करती ही रहती हैं। वहीं इस एक्सचेंज ऑफर के जरिए कई लोग अपना पुराना फोन रिप्लेस कर देते हैं, तो कई लोग दुकानों पर अपना सेकंड हैंड फोन सेल कर देते हैं।

लेकिन अधिकांश लोग फोन बेचने से पहले वह कुछ सावधानियां नहीं बरतते हैं, जिसका उन्हें बाद में पता चलता है कि बड़ा नुकसान हो गया है। 

इससे ना केवल उनका डाटा लीक होता है, बल्कि कई बार सेंसिटिव जानकारियां भी वायरल हो जाती हैं। इससे बचने के लिए आपको अपना फोन एक्सचेंज करने से पहले फैक्ट्री रिसेट अवश्य कर देना चाहिए। ऐसा करने से फोन में मौजूद सारा डाटा हट जाएगा और सॉफ्टवेयर शुरुआती स्थिति में आ जाएगा।

अगर जरुरी हो तो फैक्ट्री रिसेट करने से पहले आप अपने फोन का बैकअप जरूर ले लें, ताकि डाटा डिलीट होने के बाद आपको किसी प्रकार की कठिनाई न हो। 

आईये जानते हैं आप अपने फोन को उसने से फैक्ट्री रिसेट कैसे करें? 

एंड्राइड फोन में फैक्ट्री रिसेट करने के लिए आपको सेटिंग का इस्तेमाल करना है, और जब भी आप यह प्रक्रिया शुरू करने के बारे में सोचते हैं, तब आप देख लें कि आपके स्मार्टफोन में फुल बैटरी है या नहीं है। अगर आपका फ़ोन फुल चार्ज नहीं है तो उसे चार्जिंग में लगा दें, क्योंकि स्मार्ट फोन में फैक्ट्री रिसेट में समय अवश्य लगता है। 

अब आप अपने स्मार्टफोन की सेटिंग ओपन करें और सिस्टम का चयन करके रिसेट ऑप्शन में जाइए। यहां पर इरेज़ ऑल डाटा और कई बार यह 'फैक्ट्री सेटिंग' के नाम से भी बटन होता है, इसको दबाने के बाद इरेज़ ऑल डाटा का ऑप्शन आ जाएगा। इस पर आपको टैप करना है और अगर फोन में सिक्योरिटी ऑप्शन है, तो सिक्योरिटी ऑप्शन दबाते ही फोन डाटा डिलीट करने लगेगा। 

रिकवरी मोड का प्रयोग करके भी आप फैक्ट्री डाटा रिसेट कर सकते हैं ! जी हां रिकवरी मोड में भी फैक्ट्री रिसेट का ऑप्शन आजमा सकते हैं। इसके लिए आपका स्मार्टफोन ऑफ होना जरूरी है।

इसके बाद पावर और वॉल्यूम डाउन बटन को एक साथ प्रेस करना पड़ेगा, स्क्रीन स्मार्ट होने तक उसे  दबाए रहिये। पावर बटन, टेक्स्ट और नेविगेशन इंस्ट्रक्शन की ओर इशारा करते हुए जैसे ही स्टार्ट वर्ड वाली स्क्रीन नजर आये, तब आप चयन के लिए पावर बटन और नेविगेट करने के लिए वॉल्यूम बटन यूज करें। 

रिकवरी मॉड जब नजर नहीं आए तब तक आप वॉल्यूम डाउन बटन को हिट किये रहिए। इसके बाद चयन के लिए पावर बटन प्रेस करें। इसके बाद फोन भी स्टार्ट होगा और ट्रबल में एक एंड्राइड रोबोट नजर आएगा, फिर आपको पावर बटन प्रेस करके रखना है और पावर बटन को दबाए रखते हुए वॉल्यूम बटन को दबाना है। 

वॉल्यूम बटन का इस्तेमाल करते हुए वाइप डाटा फैक्ट्री रिसेट को हाईलाइट कीजिए और फिर आप ऑप्शन का चयन करने के लिए पावर बटन प्रेस करें। यश का चयन करके कंफर्म कीजिए और आगे का काम फोन अपने आप ही करेगा। जैसे यह काम होगा रिबूट सिस्टम का चयन करने पर भी यह कार्य अपने आप ही संपादित हो जाएगा। 

देखा जाए तो यह आपके बड़े काम का है और जब भी आप फैक्ट्री रिसेट इस्तेमाल करते हैं, तब आप यह सुनिश्चित करते हैं कि आपका डाटा किसी अनऑथराइज्ड पर्सन के हाथ में ना जाए।


सेंसेक्स 777 अंक उछला, हरे निशान पर बंद हुआ शेयर बाजार

सेंसेक्स 777 अंक उछला, हरे निशान पर बंद हुआ शेयर बाजार

मुंबई। शेयर बाजारों में तेजी का सिलसिला लगातार दूसरे दिन भी जारी रहा और बृहस्पतिवार को बीएसई सेंसेक्स 777 अंक उछलकर बंद हुआ। कोरोना वायरस के नये स्वरूप ओमिक्रॉन को लेकर फैली चिंता के बीच वैश्विक स्तर पर नकारात्मक रुख के बावजूद चौतरफा लिवाली से बाजार में मजबूती आयी। तीस शेयरों पर आधारित सूचकांक सेंसेक्स 776.50 अंक यानी 1.35 प्रतिशत मजबूत होकर 58,461.29 अंक पर बंद हुआ। इसी प्रकार, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज का सूचकांक निफ्टी 234.75 अंक यानी 1.37 प्रतिशत की तेजी के साथ 17,401.65 अंक पर पहुंच गया। सेंसेक्स के शेयरों में एचडीएफसी 3.92 प्रतिशत की तेजी के साथ सर्वाधिक लाभ में रही। इसके अलावा पावरग्रिड, सन फार्मा, टाटा स्टील, टेक महिंद्रा, एचसीएल टेक और बजाज ऑटो में भी तेजी रही।

दूसरी तरफ, सेंसेक्स के केवल तीन शेयरों- आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक और अल्ट्राटेक सीमेंट में 0.78 प्रतिशत तक की गिरावट रही। जियोजीत फाइनेंशियल सर्विसेज के शोध प्रमुख विनोद नायर ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कमजोर रुख के बावजूद घरेलू सूचकांकों में तेजी बनी रही। मजबूत घरेलू वृहत-आर्थिक आंकड़ों के बीच मुख्य रूप से आईटी, वित्तीय और धातु शेयरों में तेजी से बाजार में मजबूती आयी। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार का राजकोषीय घाटा चालू वित्त वर्ष में अक्टूबर तक बजटीय अनुमान का 36.3 प्रतिशत रहा। राजकोषीय घाटे के मोर्चे पर स्थिति बेहतर होने का कारण राजस्व संग्रह में सुधार है। नायर ने कहा कि अमेरिकी फेडरल रिजर्व के चेयरमैन के बांड खरीद कार्यक्रम को तेजी से समाप्त करने और ब्याज दर में वृद्धि के बयान के साथ अमेरिका में ओमिक्रॉन संक्रमण का पहला मामला सामने आने से वैश्विक स्तर पर बिकवाली तेज हुई। एलकेपी सिक्योरिटीज के शोध प्रमुख एस रंगनाथन ने कहा, ‘‘उतार-चढ़ाव से जुड़ा सूचकांक आज नरम पड़ा। इसके साथ विभिन्न क्षेत्रों में शेयर-केंद्रित लिवाली देखने को मिली।

बाजार को बेहतर जीडीपी (सकल घरेलू उत्पाद) और जीएसटी (माल एवं सेवा कर) आंकड़ों के साथ ऊर्जा के दाम में नरमी से भी समर्थन मिला।’’ एशिया के अन्य बाजारों में हांगकांग का हैंगसेंग और दक्षिण कोरिया का कॉस्पी लाभ में रहें जबकि चीन का शंघाई कंपोजिट सूचकांक और जापान का निक्की नुकसान में रहें। यूरोप के प्रमुख बाजारों में दोपहर के कारोबार में गिरावट का रुख देखा गया। इस बीच अंतरराष्ट्रीय तेल मानक ब्रेंट क्रूड 2.41 प्रतिशत चढ़कर 70.53 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की विनिमय दर नौ पैसे टूटकर 75.00 पर पहुंच गयी। शेयर बाजार में उपलब्ध आंकड़े के अनुसार विदेशी संस्थागत निवेशक बुधवार को पूंजी बाजार में शुद्ध बिकवाल रहे और उन्होंने 2,765.84 करोड़ रुपये मूल्य के शेयर बेचे।