क्या इस 'पवित्र पर्वत' से होकर झारखंड में गुजरेगी वाराणसी-हावड़ा बुलेट ट्रेन, रूट में आएंगे इतने जिले

क्या इस 'पवित्र पर्वत' से होकर झारखंड में गुजरेगी वाराणसी-हावड़ा बुलेट ट्रेन, रूट में आएंगे इतने  जिले

Varanasi-Howrah Bullet Train Route: गिरिडीह जिले के पारसनाथ पहाड़ पर जैन धर्म के 24 में से 20 तीर्थंकरों (सर्वोच्च जैन गुरुओं) ने मोक्ष की प्राप्ति की. यहीं 23 वें तीर्थकर भगवान पार्श्वनाथ ने भी निर्वाण

प्राप्त किया था. माना जाता है कि 24 में से 20 जैन तीर्थंकरों ने यहां पर मोक्ष प्राप्त किया था. यानी यह श्वेताम्बर व दिगम्बर, दोनों जैन धर्मावलंबियों के लिए पुण्य भूमि है. इसके साथ ही 1,350 मीटर (4,430 फीट) ऊंचा यह पहाड़ झारखंड का सबसे ऊंचा स्थान भी है. यहां की प्राकृतिक छटा भी देखने योग्य है. ऐसे में यहां तीर्थ यात्रियों के साथ ही पर्यटकों का भी बहुतायत में आना-जाना है. यही कारण है कि बुलेट ट्रेन को गिरिडीह जिले से गुजारने की योजना पर भी विचार हो रहा है.


काफिले के लिये यातायात रोकने को लेकर नगांव के डीसी को लगी फटकार , हिमंत बिस्व ने किया ये ट्वीट

काफिले के लिये यातायात रोकने को लेकर नगांव के डीसी को लगी फटकार ,  हिमंत बिस्व ने किया ये ट्वीट

गुवाहाटी| असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने शनिवार को राष्ट्रीय राजमार्ग 127 पर अपना काफिला गुजरते समय कथित तौर पर यातायात रोकने को लेकर नगांव के उपायुक्त निसर्ग हिवारे को सार्वजनिक रूप से फटकार लगाई।

घटना की एक वीडियो क्लिप स्थानीय टीवी समाचार चैनलों पर दिखाई गई और यह वीडियो सोशल मीडिया पर भी वायरल हो गई है।

वीडियो में दिख रहा है कि सरमा राजमार्ग पर खड़ेहैं और एक बस तथा एक ट्रक उनके सामने प्रतीक्षा कर रहा है। कई अधिकारियों के साथ उनके निजी सुरक्षा अधिकारी उनके आसपास खड़े दिख रहे हैं।

वीडियो में एक समय सरमा कहते हैं, एसपी को बुलाओ इसके बाद वह कहते हैं, अरे डीसी साब, ये क्या नाटक है? क्यूं गाड़ी रुकवाई है? कोई राजा महाराजा आ रहा है क्या? जब हिवारे ने कुछ कहने की कोशिश की तो सरमा द्वारा जोर से यह कहते सुना गया: हट! ऐसा मत करो आगे।

लोगों को कष्ट हो रहा हैं। वीडियो में उपायुक्त फ्रेम से बाहर जाते हुए दिखाई दिये और मुख्यमंत्री को जोर से यह कहते हुए सुना गया, खोलो, गाड़ी जाने दो! क्लिप के सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद, सरमा ने इसे एक मीडिया अकाउंट से रीट्वीट किया और अपनी कार्रवाई का बचाव किया।

उन्होंने कहा, हम राज्य में हम एक ऐसी संस्कृति बनाना चाहते हैं, जहां डीसी, एसपी या कोई भी सरकारी कर्मचारी या जनप्रतिनिधि अपनी पृष्ठभूमि, बौद्धिक क्षमता या लोकप्रियतासे परे केवल लोगों के लिए काम करे। बाबू मानसिकता को बदलना कठिन है, लेकिन हम अपने लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए दृढ़ हैं।

जनता ही जनार्दन। सरमा स्वतंत्रता के 75 वें वर्ष के उपलक्ष्य में नगांव नगर पालिका बोर्ड द्वारा बनाए गए एक पार्क और कोलोंग नदी पर एक पुल का उद्घाटन करने के लिए नगांव जिले में थे।