यूपी, हिमाचल प्रदेश और मध्‍य प्रदेश समेत कई राज्‍यों में होगी आज तेज बारिश

यूपी, हिमाचल प्रदेश और मध्‍य प्रदेश समेत कई राज्‍यों में होगी आज तेज बारिश

मानसून के पूरी तरह से सक्रिय होने के बाद लगभग सभी राज्‍यों में जमकर बारिश हो रही है। मौसम विभाग की मानें तो अगस्‍त-सितंबर में भी बारिश के बेहतर रहने की ही उम्‍मीद है। मौसम विभाग के अगले कुछ दिनों के अनुमान की यदि बात करें तो उत्‍तर भारत के अधिकतर राज्‍यों में तेज बारिश हो सकती है।    

मौसम विभाग के मुताबिक आज (4 अगस्‍त 2021) पश्चिमी मध्‍य प्रदेश और पूर्वी राजस्‍थान में तेज बारिश होने की संभावना बनी हुई है। इसके अलावा मौसम विभाग ने जम्‍मू कश्‍मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्‍तराखंड, हरियाणा, पश्चिमी उत्‍तर प्रदेश में भी तेज बारिश हो सकती है। बिहार झारखंड और ओडिशा में बिजली गिरने के साथ तेज बारिश हो सकती है। इसी तरह से महाराष्‍ट्र में भी तेज बारिश की संभावना जताई गई है। सौराष्‍ट्र और कच्‍छ में तेज हवा चलने की आशंका जताई गई है। पश्चिमी मध्‍य प्रदेश और पूर्वी राजस्‍थान में भी तेज बारिश का अलर्ट है।


5 अगस्‍त के लिए मौसम विभाग ने पूर्वी राजस्‍थान और उत्‍तराखंड में तेज बारिश का अलर्ट जारी किया हुआ है। सौराष्‍ट्र और कच्‍छ में लगातार तेज हवाएं चलने की उम्‍मीद है। पश्चिमी मध्‍य प्रदेश और ओडिशा में तेज बारिश हो सकती है जबकि झारखंड में बिजली गिरने की भी आशंका जताई गई है। महाराष्‍ट्र में भी तेज बारिश की संभावना है।

6 अगस्‍त में उत्‍तराखंड, यूपी, पश्चिमी मध्‍य प्रदेश, पूर्वी राजस्‍थान, झारखंड, ओडिशा, असम मेघालय और अन्‍य पूर्वोत्‍तर राज्‍यों में तेज बारिश की संभावना है।


7 अगस्‍त के लिए हिमाचल प्रदेश, उत्‍तराखंड, यूपीए पश्चिमी मध्‍य प्रदेश, पूर्वी राजस्‍थान, सिक्किम और पूर्वोत्‍तर राज्‍यों में तेज बारिश हो सकती है।


कोवैक्सीन को WHO से आपातकालीन उपयोग के लिए जल्द मंजूरी मिलने की उम्मीद : स्वास्थ्य मंत्रालय

कोवैक्सीन को WHO से आपातकालीन उपयोग के लिए जल्द मंजूरी मिलने की उम्मीद : स्वास्थ्य मंत्रालय

स्वास्थ्य मंत्रालय ने शुक्रवार को जानकारी दी कि विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) से हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक द्वारा विकसित कोरोना वैक्सीन कोवैक्सीन को आपातकालीन उपयोग (EUA) की मंजूरी जल्द ही मिलने  की उम्मीद है। स्वास्थ्य राज्य मंत्री डा भारती प्रवीण पवार ने समाचार एजेंसी एएनआइ को बताया कि उम्मीद है कि डब्लूएचओ जल्द ही कोवैक्सीन को आपात इस्तेमाल की मंजूरी देगा। इससे पहले खबर सामने आी थी कि भारत के इस टीके को 5 अक्टूबर तक आपात उपयोग के लिए डब्लूएचओ से मंजूरी मिलने की संभावना है।

वैक्सीन विकसित करने वाली कंपनी भारत बायोटेक वैक्सीन की सुरक्षा और क्लीनिकल ट्रायल का ​​​​डेटा और जोखिम प्रबंधन योजनाओं और अन्य कार्यान्वयन विचारों पर एक प्रजेंनटेशन देगी। कंपनी ने हाल ही में कहा था कि उसने आपात इस्तेमाल की मंजूरी के लिए कोवैक्सीन से संबंधित सभी डेटा डब्ल्यूएचओ को सौंप दिया है और वैश्विक उससे प्रतिक्रिया की प्रतीक्षा कर रहा है।


कोवैक्सीन तीसरे चरण के क्लीनिकल ट्रायल में 77.8 प्रतिशत की प्रभावी पाया गया था। इसे हैदराबाद स्थित भारत बायोटेक ने इंडियन काउंसिल आफ मेडिकल रिसर्च (ICMR) और नेशनल इंस्टीट्यूट की ऑफ वायरोलाजी (NIV) के सहयोग से विकसित किया था। भारत बायोटेक ने कहा था कि आपात इस्तेमाल की मंजूरी के लिए ट्रायल से संबंधित सभी डेटा डब्ल्यूएचओ को समक्ष प्रस्तुत कर दिया गया है और संयुक्त राष्ट्र स्वास्थ्य एजेंसी द्वारा मांगे गए सभी स्पष्टीकरणों का जवाब भी दे दिया गया है।

कोवैक्सीन उन टीकों में शामिल है, जिसका इस्तेमाल भारत में कोरोना टीकाकरण के लिए किया जा रहा है। इसके अलावा पुणे स्थित सीरम इंस्टीट्यूट द्वारा कोवीशील्ड नाम से विकसित आक्सफोर्ड/एस्ट्राजेनेका की कोरोना वैक्सीन और रुस की वैक्सीन स्पुतनिक v का इस्तेमाल टीकाकरण के लिए किया जा रहा है। डब्लूएचओ ने अब तक फाइजर/बायोएनटेक,आक्सफोर्ड/ एस्ट्राजेनेका, जानसन एंड जानसन, माडर्ना और सिनोफार्म द्वारा निर्मित कोविड -19 के टीकों को आपात इस्तेमाल के लिए मंजूरी दी है।