त्रिपुरा निकाय चुनाव में गड़बड़ी के आरोप: सुप्रीम कोर्ट ने केन्द्र से कहा- और भेजें CISF की दो कंपनियां

त्रिपुरा निकाय चुनाव में गड़बड़ी के आरोप: सुप्रीम कोर्ट ने केन्द्र से कहा- और भेजें CISF की दो कंपनियां

नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने केंद्रीय गृह मंत्रालय को त्रिपुरा नगर निकाय चुनावों के दौरान हर मतदान केन्द्र की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए (सीएपीएफ) की दो अतिरिक्ति कंपनियां उपलब्ध कराने का आदेश दिया. प्रदेश में विपक्षी तृणमूल कांग्रेस पार्टी और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़, न्यायमूर्ति सूर्य कांत और न्यायमूर्ति विक्रम नाथ की पीठ से बोला कि गुरुवार को प्रातः काल प्रारम्भ हुए मतदान के बाद से उनके उम्मीदवारों और समर्थकों को उनके मत डालने की कथित रूप से अनुमति नहीं दी गई और कानून-व्यवस्था का गंभीर उल्लंघन हो रहा है.

पीठ ने पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और त्रिपुरा गृह सचिव को आदेश दिए कि वे नगर निकाय चुनाव के दौरान सुरक्षा संबंधी प्रबंधों का तत्काल जायजा लें और यदि जरूरत हो, तो अलावा सीएपीएफ कंपनी के लिए गृह मंत्रालय से मांग करें. सीएपीएफ की हर कंपनी में 100 कर्मी होते हैं. पीठ ने त्रिपुरा प्रदेश निर्वाचन आयुक्त (एसईसी), डीजीपी और गृह सचिव को हर मतदान केन्द्र पर पर्याप्त संख्या में सीएपीएफ कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित करने को कहा, ताकि स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव हो सकें. उसने बोला कि यदि वैसे दशा बन गए तो प्रत्येक मतदान ऑफिसर सीएपीएफ ऑफिसरों की सहायता ले सकता है.

कोर्ट ने बोला कि प्रदेश सरकार ने उच्च न्यायालय को बताया है कि मतदान केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरे नहीं हैं, इसलिए वह नगर निकाय चुनावों के दौरान प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया को निर्बाध पहुंच की अनुमति दे रहा है. उसने स्पष्ट किया कि 28 नवंबर को मतगणना होने तक मतपेटियों की सुरक्षा के लिए सीएपीएफ कर्मी तैनात रहेंगे. इससे पहले, कोर्ट ने त्रिपुरा में नगर निकाय चुनाव टालने का निवेदन करने वाली तृणमूल कांग्रेस पार्टी (टीएमसी) की याचिका 23 नवंबर को अस्वीकार कर दी थी. कोर्ट ने लोकतंत्र में इसे एक आखिरी तरीका बताते हुए स्वतंत्र एवं निष्पक्ष चुनाव सुनिश्चित करने के लिए प्रदेश पुलिस को कुछ आदेश जारी किये.

तृणमूल ने एक याचिका और माकपा ने हस्तक्षेप अर्जी दायर करके त्रिपुरा सरकार और अन्य ऑफिसरों को स्वतंत्र एवं निष्पक्ष नगर निकाय चुनाव सुनिश्चित करने का आदेश दिए जाने का निवेदन किया था, जिसकी सुनवाई के दौरान शीर्ष न्यायालय ने उक्त आदेश दिए. त्रिपुरा नगर निकाय चुनाव के लिए 770 मतदान केंद्रों पर बृहस्पतिवार को प्रातः काल मतदान शुरुआत हो गया और मतगणना 28 नवंबर को की जाएगी.


रविंद केजरीवाल को पंजाब में दूल्हा नहीं मिल रहा, बारात अकेले ही नाच रही है

रविंद केजरीवाल को पंजाब में दूल्हा नहीं मिल रहा, बारात अकेले ही नाच रही है

पंजाब कांग्रेस के प्रधान नवजोत सिद्धू आम आदमी पार्टी (AAP) में आने के अरविंद केजरीवाल के बयान से भड़क गए हैं। गुरुवार को कादियां पहुंचे सिद्धू ने केजरीवाल और AAP का जमकर मखौल उड़ाया। सिद्धू ने कहा कि केजरीवाल को पंजाब में कोई दूल्हा (CM चेहरा) तो मिल नहीं रहा और बारात अकेले नाच रही है।

सिद्धू ने कहा कि अब वह केजरीवाल को नहीं छोड़ेंगे। सिद्धू की यह तल्खी तब सामने आई, जब केजरीवाल ने कहा कि सिद्धू उनकी पार्टी में आना चाहते थे। इसके बाद से सिद्धू का पारा चढ़ा हुआ है। सिद्धू ने केजरीवाल की गारंटियों को झूठा भी कहा।

सिद्धू लड़ता रहा, केजरीवाल ने माफी मांगी
सिद्धू ने कहा कि साढ़े 4 साल वह तस्करों से लड़ते रहे। रेत माफिया का मुकाबला किया। तब केजरीवाल तस्करों के आगे घुटने टेककर माफी मांगता रहा। अब साढ़े 4 साल बाद पंजाब में आ गया है।

पंजाब की महिलाओं को भिखारी समझा है क्या?
सिद्धू ने कहा कि केजरीवाल पंजाब की महिलाओं को एक-एक हजार देने की बात कहता है। क्या पंजाब की महिलाओं को भिखारी समझा है?। केजरीवाल मुझे यह बताए कि उसकी कैबिनेट में कोई महिला मंत्री क्यों नहीं है। दिल्ली में कितनी महिलाओं को पैसे दिए। अगर दिए होंगे तो मैं राजनीति ही छोड़ दूंगा

दिल्ली की हवा केजरीवाल ने खराब की
सिद्धू ने कहा कि जो दिल्ली की हवा ठीक न कर सका, वह पंजाब का क्या करेगा। दिल्ली में जब शीला दीक्षित CM थी तो 6 हजार CNG बसें चलती थी। अब यह सिर्फ 3 हजार रह गए हैं। मैट्रो के साढ़े 3 से 4 फेज नहीं हुए। केजरीवाल ने ही दिल्ली में ऑटो चलाए, जिनकी वजह से वहां प्रदूषण फैला है।

बजट 72 हजार करोड़, ऐलान 1.10 लाख करोड़ के
सिद्धू ने कहा कि केजरीवाल कहता है कि 26 लाख नौकरी देगा। उसके लिए 93 हजार करोड़ चाहिए। महिलाओं को एक-एक हजार रुपए देने के लिए 12 हजार करोड़ की जरूरत होगी। बिजली मुफ्त देने के लिए 3600 करोड़ रुपए चाहिए। यह सब मिलकर 1.10 लाख करोड़ हो गया। पंजाब का बजट 72 हजार करोड़ है। उसमें 70 हजार करोड़ वेतन और कर्जा चुकाने में जाता है। इस सबके लिए केजरीवाल पैसा कहां से लाएगा। ​​​​​​​

सिद्धू ने दिखाए CM जैसे तेवर
सिद्धू ने कादियां रैली में अगले CM जैसे तेवर दिखाए। सिद्धू ने कहा कि वह रोजगार और किसानों की आमदनी बढ़ाकर देंगे। दाल और तेल पर MSP देंगे। सिद्धू के शासन में उनके अपने बच्चे नहीं बल्कि आम लोगों के बच्चों को आगे रखा जाएगा। वह शासन नहीं परिवार चलाएंगे। छोटे किसानों के लिए कामकाज की जिम्मेदारी किसी IAS अफसर नहीं बल्कि किसान के ही हाथ में होगी। ​​​​​​​