स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा, साइड इफेक्ट के दावे के बावजूद जारी रहेगा ट्रायल, सभी को वैक्‍सीन देने की जरूरत नहीं

स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा, साइड इफेक्ट के दावे के बावजूद जारी रहेगा ट्रायल, सभी को वैक्‍सीन देने की जरूरत नहीं

नई दिल्ली। एक वालिंटियर के साइड इफेक्ट के आरोपों के बावजूद सीरम इंस्टीट्यूट और आक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी-आक्ट्राजेनेका के वैक्सीन का ट्रायल जारी रहेगा। केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने यहां तक साफ कर दिया कि कानूनी लड़ाई के बावजूद वैक्सीन के टाइम-लाइन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। उन्होंने इस विवाद के पीछे कंपनियों की आपसी लड़ाई होने की भी आशंका जताई। वैसे तो वालिंटियर और सीरम इंस्टीट्यूट के बीच कानूनी लड़ाई का हवाला देते हुए केंद्रीय स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण इसपर सीधे बोलने से इनकार दिया, लेकिन इतना जरूर साफ कर दिया कि ट्रायल के दौरान प्रतिकूल प्रभावों पर पांच स्तरों पर निगरानी की गई और किसी ने ऐसे दुष्प्रभाव की जानकारी नहीं दी। 

बहु-स्तरीय निगरानी प्रणाली में नहीं मिले साइड-इफेक्ट के सबूत

वैज्ञानिक मापदंड पर सभी तथ्यों को परखने के बाद भी ड्र्ग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (डीसीजीआइ) ने वैक्सीन के तीसरे फेज के ट्रायल की अनुमति दी, जो जारी है। राजेश भूषण ने आरोप लगाया कि जानकारी के अभाव ने वैक्सीन के ट्रायल पर विवाद खड़ा करने की कोशिश जा रही है। उनके अनुसार ट्रायल के पहले सभी वालिंटियर को एक पूर्व सहमति का फार्म भरना होता है, जिसमें ट्रायल के दौरान वैक्सीन के दुष्प्रभावों के बारे में भी बताया जाता है। इस फार्म पर हस्ताक्षर करने के बाद ही वालिंटियर पर ट्रायल किया जाता है। जाहिर है आरोप लगाने वाले वालिंटियर भी ट्रायल के लिए पूर्व सहमति का फार्म पर हस्ताक्षर कर चुका है। एक साथ कई जगहों और कई लोगों पर हो रहे ट्रायल पर पूरी नजर रखने के लिए इथीक्स कमेटी, डाटा सेफ्टी एंड मानिटरिंग बोर्ड और प्रिंसिपल इंवेस्टगेटर के बहु-स्तरीय प्रणाली होती है। ये सभी अलग-अलग अपनी रिपोर्ट डीसीजीआइ को भेजते हैं और उनका विश्लेषण करने के बाद ही अगले दौर के ट्रायल की अनुमति दी जाती है। 

आरोप लगाने वाले वालिंटियर को अगस्त में सीरम इंस्टीट्यूट की वैक्सीन दी गई थी। लेकिन इसके दुष्प्रभाव के बारे में निगरानी करने वाली किसी भी संस्था ने रिपोर्ट नहीं दी। राजेश भूषण के अनुसार सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि आम आदमी तक पहुंचने वाला वैक्सीन पूरी तरह सुरक्षित और कोरोना को रोकने में कारगर हो। उन्होंने कहा कि लोगों को वैक्सीन के बारे में जागरूक करने के लिए अलग हफ्ते राज्यों को विस्तृत गाइडलाइंस जारी की जाएगी। 

सभी को वैक्सीन देने की जरूरत नहीं: स्वास्थ्य मंत्रालय 

देश में सभी 138 करोड़ लोगों को वैक्सीन देने की जरूरत नहीं पड़ेगी। आइसीएमआर के महानिदेशक बलराम भार्गव के अनुसार सरकार का मुख्य उद्देश्य कोरोना के संक्रमण के चैन को तोड़ना है और इसके लिए जरूरत के मुताबिक वैक्सीन देने का काम किया जाएगा। स्वास्थ्य सचिव राजेश भूषण ने भी साफ कर दिया कि सरकार ने कभी भी देश के सभी नागरिक को वैक्सीन देने की बात नहीं की थी। डाक्टर बलराम भार्गव के अनुसार यदि लोग मास्क लगाते रहे और एक खास आबादी को वैक्सीन दे दिया जाए तो कोरोना के संक्रमण की चैन टूट जाएगी और सभी को वैक्सीन लेने की जरूरत ही नहीं पड़ेगी। 


खुले स्कूलः इन नियमों का पालन होगा जरुरी, बच्चे क्लासेज के लिए तैयार

खुले स्कूलः इन नियमों का पालन होगा जरुरी, बच्चे क्लासेज के लिए तैयार

कोरोना संकट के कारण महीनों से बंद स्कूल सोमवार यानी आज से खुलने जा रहे हैं। इसमें राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली (Delhi Schools) और राजस्थान (Rajasthan schools) के स्कूल आज से फिर से खुल जाएंगे। हालाँकि दिल्ली में बोर्ड एग्जाम के मद्देनजर फ़िलहाल सिर्फ 10वीं और 12वीं के छात्रों के लिए स्कूल खोले जा रहे हैं, जबकि राजस्थान में 9 से 12वीं कक्षा के स्कूल खुल रहे हैं।

दिल्ली में आज से खुल रहे स्कूल
दरअसल, पिछले 10 महीनों से कोरोना वायरस के चलते स्कूल कॉलेज बंद हैं। वहीं हाल में सीबीएसई बोर्ड एग्जाम की तारीखों का एलान होने के बाद दिल्ली स्कूलों को खोलने और दसवी -12वीं के छात्रों की ऑनलाइन पढ़ाई दोबारा शुरू करने का फैसला लेते हुये आज से दिल्ली और राजस्थान के स्कूलों को खोला जा रहा है। हालंकि इसके लिए सरकार ने कुछ नियम लागू किये हैं, जिनको जान लेना बेहद जरुरी है।

राजस्थान में स्कूल-काॅलेज और अन्य शिक्षण संस्थान खुले
दोनों ही राज्य सरकारों ने स्कूल खोलने को लेकर नए दिशा-निर्देश जारी किए हैं। इसके तहत सबसे पहले बच्चों सहित सभी स्टाफ के लिए मास्क लगाना और सैनिटाइजर का इस्तेमाल अनिवार्य होगा।

दिल्ली के स्कूल के लिए नए दिशा-निर्देश
दिल्ली में 10-12वी के छात्रों के लिए स्कूल खुल रहे हैं।

स्कूलों के कॉरिडो र में हैंडवाशिंग कंसोल और सैनिटाइजर उपलब्ध कराया जाएगा।

स्टूडेंट्स को दो बैच में बुलाया जाएगा। एक क्लास के आधे बच्चों के एक दिन और आधे बच्चों को अगले दिन बुलाया जाएगा।

बच्चों को स्कूल आने से पहले अपने माता-पिता से सहमति पत्र (Consent Form) लाना होगा।

बच्चों को खाना और पानी की बोतल साथ लानी होगी। आपस में खाना शेयर करने की अनुमति नहीं होगी।

केवल उन्हीं स्कूलों को खोला जाएगा, जो कंटेनमेंट जोन से बाहर हैं।

कंटेनमेंट जोन में रहने वाले छात्रों या कर्मचारियों को भी स्कूलों में प्रवेश करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।

राजस्थान में स्कूल के लिए गाइडलाइन
राजस्थान में कल से स्कूलो में 9 से 12वीं तक की कक्षाएं शुरु हो रही हैं।

इसके अलावा विश्वविद्यालय, महाविद्यालय की अन्तिम वर्ष की कक्षाओं, कोचिंग सेन्टर और सरकारी प्रशिक्षण संस्थान कल से खुल जाएंगे।

सभी स्कूल-कॉलेजों में क्लास को दो बैच में बांटा जाएगा। 50 फीसदी छात्र पहले दिन उपस्थित रहेंगे और बाकि 50 फीसदीदूसरे दिन क्लास लेंगे।

शिक्षकों को संक्रमण की रोकथाम के लिए स्वास्थ्य विभाग ट्रेनिंग दे रहा है।

सुरक्षित दूरी और मास्क सहित अन्य स्वास्थ्य नियमों का पूरा पालन करना होगा।


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