मुस्लिम देशों का संगठन कश्मीर मुद्दे पर ‘आतंकियों’ की भाषा बोला, भारत ने दिया करारा जवाब

मुस्लिम देशों का संगठन कश्मीर मुद्दे पर ‘आतंकियों’ की भाषा बोला, भारत ने दिया करारा जवाब

श्रीनगर: जम्मू और कश्मीर से सविधान के अनुच्छेद-370 हटाए जाने की तीसरी वर्षगांठ पर मुसलमान राष्ट्रों के संगठन (OIC) के बयान पर हिंदुस्तान ने करारा उत्तर दिया है भारतीय विदेश मंत्रालय ने बोला है कि OIC का बयान सांप्रदायिक एजेंडे से प्रेरित है विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने शुक्रवार (5 अगस्त) को मीडिया के प्रश्नों के उत्तर में बोला कि जम्मू और कश्मीर पर OIC के महासचिव द्वारा जारी किया गया बयान कट्टरता का प्रतीक है बागची ने आगे बोला कि जम्मू और कश्मीर हिंदुस्तान का अभिन्न हिस्सा है और आगे भी रहेगा

अरिंदम बागची ने बोला कि जम्मू और कश्मीर से अनुच्छेद-370 हटने के बाद से यहां तेज रफ़्तार से विकास हो रहा है उन्होंने बोला कि प्रदेश के सामाजिक और आर्थिक विकास में भी गति आई है अरिंदम बागची ने बोला कि OIC के महासचिव का बयान प्रारम्भ से ही आतंकवादियों को भड़काने वाला होता है वह लगातार मानवाधिकारों का उल्लंघन करने वाले और बॉर्डर पार से आतंक फ़ैलाने वाले, अंतर्राष्ट्रीय आतंकवाद के कुख्यात प्रमोटर (पाकिस्तान) के इशारे पर इस प्रकार का बयान देते हैं

बता दें कि पूरे विश्व के मुसलमान राष्ट्रों के संगठन OIC ने एक के बाद एक ट्वीट करते हुए बोला था कि, ‘5 अगस्त 2022 हिंदुस्तान के कब्जे वाले जम्मू और कश्मीर में की गई गैर कानूनी और एकतरफा कार्रवाई की तीसरी वर्षगांठ है इसके बाद कश्मीर में गैर कानूनी ढंग से से डेमोग्राफिक परिवर्तनों समेत कई गैर-कानूनी कदम उठाए गए थे इस प्रकार की गैर कानूनी कार्रवाई न तो जम्मू और कश्मीर की विवादित स्थिति को बदल सकती है और न ही कश्मीर के लोगों के वैध अधिकार को प्रभावित कर सकती है’ बता दें कि, OIC की भाषा बिलकुल पाक और उन आतंकवादियों से मिलती है, जो हिंदुस्तान पर कश्मीर में अत्याचार करने का झूठा आरोप लगाते हैं, लेकिन असल में उनका मकसद कुछ और ही है.