केन्द्र सरकार ने टिड्डियों को हराने के लिए उठाए यह बड़े कदम, जाने चेतावनी

केन्द्र सरकार ने टिड्डियों को हराने के लिए उठाए यह बड़े कदम, जाने चेतावनी

केन्द्र सरकार ने मंगलवार को बोला कि टिड्डियों पर हवा से कीटनाशकों के छिड़काव के कार्य को तेज कर दिया गया है. इसके लिए हिंदुस्तान इलेक्ट्रानिक्स लिमिटेड (बेल) के हेलीकॉप्टर के साथ ही वायु सेना के एमआइ-17 हेलीकॉप्टर को भी लगाया गया है. देखते ही देखते फसलों को चट कर देने वाली टिड्डियों से निपटने के लिए ड्रोन का पहले से ही प्रयोग किया जा रहा है.

संयुक्त राष्ट्र की संस्था खाद्य एवं कृषि संगठन (एफएओ) की तीन जुलाई की चेतावनी के बाद यह कदम उठाया गया है. एफएओ ने बोला था कि हिंदुस्तान को अगले तीन से चार सप्ताह तक अत्यधिक सतर्क रहना होगा, क्योंकि इस दौरान टिड्डियां प्रजनन जारी रखेंगी.

सरकार ने एक बयान में बोला कि सात जुलाई को टिड्डियों के दलों को राजस्थान के बाड़मेर, बीकानेर, जोधपुर, नागौर, अजमेर, सीकर व जयपुर जिलों व मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ व यूपी के झांसी जिले में देखा गया.

कृषि मंत्रालय ने बोला कि टिड्डियों के विरूद्ध कीटनाशकों के छिड़काव के कार्य को व तेज कर दिया गया है. ड्रोन को छिड़काव के कार्य में पहले ही लगाया गया था. राजस्थान के रेगिस्तानी इलाकों में आवश्यकता के हिसाब से प्रयोग के लिए बेल के हेलीकॉप्टर को तैनात किया गया है. वायु सेना ने भी एमआइ-17 हेलीकॉप्टर को इस कार्य में लगाया है.

मंत्रालय ने बोला कि राजस्थान के जोधपुर जिले में पांच जुलाई को वायु सेना के हेलीकॉप्टर को टिड्डियों को नियंत्रित करने के कार्य में लगाया गया. यह पहला मौका है जब देश में टिड्डियों के विरूद्ध अभियान में वायु सेना के हेलीकॉप्टर को लगाया गया है. इसके नतीजे भी उत्साहजनक मिले हैं.

मंत्रालय ने बोला कि राजस्थान के विभिन्न जिलों में टिड्डियों पर छिड़काव के लिए पहले से ही 15 ड्रोन का प्रयोग किया जा रहा है. टिड्डियों पर कीटनाशकों के छिड़काव के लिए ड्रोन का प्रयोग करने वाला हिंदुस्तान संसार का पहला देश है. टिड्डियों की समस्या से निपटने के लिए केन्द्र सरकार विभिन्न राज्यों के साथ मिलकर कार्य कर रही है.