सेना ने अपने जवानो को पाक की यात्रा के लिए कही यह अहम बात

सेना ने अपने जवानो को पाक की यात्रा के लिए कही यह अहम बात

भारतीय सेना में सिख अधिकारियों व सैनिकों की एक बहुत बड़ी संख्या उपस्थित है. इसी वजह से सेना ने पाक के करतारपुर में स्थित गुरुद्वारा दरबार साहिब में मत्था टेकने की ख़्वाहिश रखने वाले अपने कर्मियों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए हैं. सेना के सूत्रों के अनुसार नवंबर में सेना ने दो बार इस तरह के दिशा-निर्देश जारी कर चुकी है.

गुरुद्वारा दरबार साहिब सिखों का बहुत पवित्र तीर्थस्थल है. माना जाता है कि गुरु नानक ने अपने ज़िंदगी के अंतिम दिन यहीं बिताए थे. हाल ही में तीर्थयात्रियों के लिए करतारपुर कॉरिडोर खोला गया है. दिशा-निर्देशों में सेना ने अपने कर्मियों से बोला है कि वह बहुत ज्यादा सावधान रहें क्योंकि यहां वह विदेशी नागरिकों के सम्पर्क में आ सकते हैं.

सेना के सूत्रों का बोलना है कि चूंकि सेना के कर्मी पाक की यात्रा करेंगे इसलिए उन्हें बहुत ज्यादा ज्यादा सजग रहने की जरुरत है. इसकी वजह है पाक का हमारा विरोधी होना. इंडियन आर्मी के पास बड़ी संख्या में सिख ऑफिसर व सैनिक हैं. इसकी तीन रेजिमेंटों में सिख रेजिमेंट, सिख रोशनी इन्फैंट्री रेजिमेंट व पंजाब रेजिमेंट शामिल हैं जिसमें पंजाब के व पड़ोसी प्रदेश हरियाणा व हिमाचल प्रदेश के सिख सैनिक शामिल हैं.

नौ नवंबर को पाक के पीएम इमरान खान ने करतारपुर कॉरिडोर का उद्घाटन किया था. जिसमें सिख धर्म के निर्माणकर्ता गुरु नानक देव की 550वीं जयंती मनाने के लिए भारतीय सिख तीर्थयात्रियों को वीजा मुक्त प्रवेश की सुविधा दी गई थी.

पाक का दावा है कि करतारपुर कॉरिडोर इमरान खान के दिमाग की उपज है. उसके रेल मंत्री शेख रशीद ने हाल ही में अपनी ही सरकार के विरूद्ध जाते हुए बोला कि कॉरिडोर को खोलना पाक के सेनाध्यक्ष जनरल कमर जावेद बाजवा के दिमाग की उपज है व बोला कि इससे हिंदुस्तान हमेशा आहत होता रहेगा.