PNB बैंक अपनी इस स्कीम के तहत आपको पेंशन देंगी, आइए जानिए

PNB बैंक अपनी इस स्कीम के तहत आपको पेंशन देंगी, आइए जानिए

 उम्र बढ़ने के साथ-साथ घटने लगती है कार्य करने की क्षमता। ऐसी स्थिति में सबसे बड़ी कठिनाई आती है घर चलाने में। क्योंकि आयु बढ़ने के साथ कार्य मिलने में कठिन आने लगती है।

 इस वजह से पैसे परेशानी होना आम हो जाता है।  लेकिन अगर ठीक ढंग से अपने एसेट्स यानी संपत्तियों का प्रयोग किया जाए तो सरलता से पूरी जिदंगी इसके जरिए बिताई जा सकती है। जी हां। । आमतौर पर लोग घर खरीदने में अपनी सारी जमा पूंजी का निवेश कर देते हैं जिसके बाद उनके पास रिटायरमेंट के बाद नियमित आय का कोई स्रोत नहीं बचता। अगर आप प्राइवेट एम्प्लॉई हैं व आपको फ्यूचर के लिए पेंशन की चिंता है तो अब आपको टेंशन लेने की कोई आवश्यकता नहीं है। आज हम आपको बता रहे हैं रिटायरमेंट के बाद अगर आपके पास घर है तो भारतीय स्टेट बैंक व PNB बैंक अपनी इस स्कीम के तहत आपको पेंशन देंगी। जानें इस स्कीम के बारे में सबकुछ:

जानिए कैसे मिलेगी जिदंगी भर पेंशन
आज हम आपको बताते हैं रिवर्स मॉर्गेज कर्ज़ (Reverse Mortgage Loan) के बारे में। हिंदुस्तान में इस कर्ज़ को बहुत कम लोग लेते हैं। कई सीनियर सिटीजंस को इस स्कीम के बारे में जानकारी नहीं होती या फिर उनके परिवार के लोग उनका खर्च चलाते हैं जिससे सीनियर सिटीजन्स को ऐसे कर्ज़ की आवश्यकता ही नहीं पड़ती।

-



जैसा कि यह नाम से ही रिवर्स लग रहा है, मतलब वापस। इसे अच्छे ढंग से समझने के लिए चलिए हम होम कर्ज़ का सहारा लेते हैं। होम कर्ज़ में हमें घर के सारे दास्तावेज जमा करने पर कर्ज़ मिल जाता है। फिर उस कर्ज़ को चुकाने के लिए महीने की किस्त भरते रहते हैं। जिसे ईएमआई कहते हैं।

अगर सरल शब्दों में कहें तो एक मुश्त रकम मिल गई। फिर उसे किश्तों में भरते रहते हैं। अब रिवर्स मॉर्गेज कर्ज़ में होता यह है कि बैंक आपका घर गिरवी रख लेते हैं। फिर हर महीने बैंक आपको पैसे देते रहते हैं। आवेदक की जब मौत हो जाती है तो ये घर बैंक का हो जाता है।

कौन ले सकता हैं इस स्कीम का फायदा?
एक्सपर्ट्स बताते हैं कि यह ठीक है कि यह कार लोन, व्यक्तिगत लोन, शिक्षा कर्ज़ से अलग है। इस कर्ज़ को पाने के लिए ही 60 वर्ष से अधिक की आयु होना महत्वपूर्ण है। वहीं स्त्रियों के लिए 58 वर्ष की आयु होना आवश्यक है।

कैसे हर महीने खाते में आते रहेंगे पैसे?
इस स्कीम के तहत मालिक को बैंक को पैसा वापस नहीं करना होता है। बैंक आपके घर को गिरवी रखने के हर महीने पैसा देता रहता है। इस स्कीम के तहत बैंक 60 वर्ष की आयु से अधिक लोगों को ही कर्ज़ देता है।

कुछ बैंक हैं जो 72 वर्ष की आयु पार करने पर ये कर्ज़ नहीं देते। यह कर्ज़ 15 वर्ष तक के लिए ही मिलता है। यदि पति-पत्नी दोनों लोग इस कर्ज़ के लिए अप्लाई करते हैं तो पति की आयु 60 वर्ष व पत्नी की आयु 58 वर्ष होना महत्वपूर्ण है।

मुझे हर महीने कितने मिलेंगे पैसे?
आपको हर महीने कितना पैसा मिलेगा, यह घर की मूल्य पर निर्भर करता है। घर की मूल्य पर 60 प्रतिशत कर्ज़ मिल सकता है। इसके साथ ही मालिक अपने घर पर रह सकता है। रिवर्स मॉर्गेज स्कीम के तहत अपना घर गिरवी रखने वाले आदमी की मौत के बाद घर बैंक का हो जाता है। अब यदि उस आदमी के परिजन घर लेना चाहें तो घर की मूल्य देकर घर को खरीदा जा सकता है।

यह कर्ज़ उन सीनियर सिटीजन्स के लिए उपयोगी है, जिनकी देखभाल करने वाला कोई नहीं है। परिवार में उनके बच्चे उनसे अलग रहते हैं। साथ ही खर्च करने के लिए पैसे भी नहीं देते। या फिर आप सिंगल हैं आपने कोई पेंशन स्कीम भी नहीं ली है। ऐसे में अगर कोई सीनियर सिटीजंस बेसहारा हो जाये तो उसके लिए रिवर्स मॉर्गेज कर्ज़ किसी संजीवनी से कम नहीं है।