PM मोदी ने जेवर एयरपोर्ट का किया शिलान्यास, बोले- दिल्ली NCR और पश्चिमी उत्तर प्रदेश वालों को होगा बड़ा लाभ

PM मोदी ने जेवर एयरपोर्ट का किया शिलान्यास, बोले- दिल्ली NCR और पश्चिमी उत्तर प्रदेश वालों को होगा बड़ा लाभ

नोएडा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुरुवार को एशिया के सबसे बड़े एयरपोर्ट (नोएडा अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट) का शिलान्यास किया। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया समेत कई नेता मौजूद रहे। इस एयरपोर्ट के तैयार हो जाने के बाद उत्तर प्रदेश देश का एकमात्र ऐसा राज्य होगा जहां पर पांच अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट होंगे। 

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जेवर एयरपोर्ट का बहुत बड़ा लाभ दिल्ली एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के करोड़ों लोगों को होगा। साथियों 21 सदी का नया भारत एक से बढ़कर एक आधुनिक इंफ्रास्ट्रक्चर का निर्माण कर रहा है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत के नागरिकों ने एक बदलते हुए भारत को देखा है। एक भारत, श्रेष्ठ भारत को बनते देखा है। उन्होंने कहा कि यहां के किसानों ने कभी गन्ने की मिठास बढ़ाने का काम किया था, लेकिन कुछ लोगों ने गन्ने की मिठास को कड़वाहट में बदल दिया था। ये वही लोग थे जो आज जिन्ना के अनुयायी बने हुए हैं, जिन्हें यहां की जनता सबक सिखाने को तैयार है। उन्होंने कहा कि मैं 7,000 किसानों को धन्यवाद देना चाहता हूं, जिन्होंने बिना किसी विवाद के अपनी जमीन दे दी। 

वहीं केंद्रीय मंत्री सिंधिया ने कहा कि आज जेवर की जनता में नई चमक दिख रही है, वो चमक, सपना पूरा होने की है। नौजवानों के हौसलों की उड़ान की है। जो सपना आपने देखा था, आज वह पूरा होने जा रहा है। इस परियोजना का पहला चरण साल 2024 तक पूरा होगा। जिसकी अनुमानित लागत 10,050 करोड़ रुपए से है। 1300 हेक्टेयर से अधिक जमीन पर फैली यह परियोजना प्रति वर्ष 1.2 करोड़ यात्रियों को अपनी सेवा देगी।


कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी की नई किताब लॉन्च, 26/11 ही नहीं केंद्र की सुरक्षा नीति पर भी उठाए सवाल

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी की नई किताब लॉन्च, 26/11 ही नहीं केंद्र की सुरक्षा नीति पर भी उठाए सवाल

अपनी नई किताब को लेकर चर्चा में बने रहने वाले कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी ने आज गुरुवार को कहा कि ऐसा कोई सबूत नहीं हैं कि उरी हमले के बाद भारत की सर्जिकल स्ट्राइक से पाकिस्तान गहरे सदमे में चला गया था. तिवारी ने अपनी किताब में देश की मौजूदा चुनौतियों के अलावा सर्जिकल स्‍ट्राइक और चीनी घुसपैठ के मुद्दे पर चर्चा की है.

अपनी नई किताब ’10 फ्लैशपाइंट्स्: 20 ईयर्स-नेशनल सिक्युरिटी सिचुएशंस देट इम्पैक्ट इंडिया’ के लोकार्पण के अवसर पर पूर्व केंद्रीय मंत्री मनीष तिवारी ने यह भी कहा कि इस बात के लिए कोई सबूत नहीं हैं कि उरी हमले के बाद भारत की सर्जिकल स्ट्राइक से पाकिस्तान गहरे सदमे में चला गया था. उरी हमले के बाद हमें पुलवामा हमले को नहीं भूलना चाहिए.

भारत के संयम को कमजोरी समझता है पाकिस्तानः मनीष तिवारी

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता मनीष तिवारी की नई किताब का आज गुरुवार को विमोचन किया गया. विमोचन के अवसर पर पूर्व मंत्री ने राष्ट्रीय सुरक्षा नीति को लेकर सवाल उठाए. उन्होंने कहा कि अगर आप किताब में मुंबई आतंकी हमले से संबंधी पैराग्राफ को पढ़ेंगे तो समझ जाएंगे कि यूपीए सरकार सुरक्षा को लेकर सख्त या नरम थी. पूर्व केंद्रीय मंत्री ने कहा कि जब भी भारत ने सामरिक संयम बरता तो पाकिस्तान कठोर बनकर सामने आया है क्योंकि वह एक अर्द्ध सैन्य देश है. उन्होंने कहा कि असल में पाकिस्तान भारत के संयम को उसकी कमजोरी समझता है.

जम्मू-कश्मीर के उरी में हुए हमले के बाद सितंबर 2016 में केंद्र सरकार की ओर से की गई सर्जिकल स्‍ट्राइक को लेकर मनीष तिवारी ने अपनी पुस्‍तक में लिखा, ‘ऐसा लगता है कि एनडीए ने यह दुर्भाग्‍यपूर्ण आंकलन किया कि ऐसे हमलों से राजनीतिक लाभ मिलता है.

कांग्रेस के जी-23 के अहम सदस्‍यों में से एक मनीष तिवारी की यह नई किताब पिछले महीने उस समय चर्चा में आई जब उन्होंने इस किताब में मनमोहन सिंह की UPA सरकार पर सवाल खड़े किए थे. उन्होंने मुंबई में हुए 26/11 हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ किसी तरह का कोई एक्शन नहीं लेने को यूपीए सरकार की कमजोरी करार दिया.

किताब के जरिए यूपीए सरकार पर बीजेपी ने साधा था निशाना

मनीष तिवारी की यूपीए सरकार की आलोचना किए जाने पर केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी ने कहा पूर्व केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए था कि 26/11 हो या अन्य कोई मामला, देश जानता है कि समग्र स्थिति को कैसे संभाला गया. मैं मामले का राजनीतिकरण नहीं करना चाहता. मोदी सरकार की नीति आतंकवाद के प्रति जीरो टॉलरेंस की है.

भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के प्रवक्ता गौरव भाटिया ने भी तत्कालीन यूपीए सरकार की नीयत को खराब करार देते हुए कहा कि तब एयरचीफ मार्शल ने कहा था कि हमारी एयरफोर्स जवाब देने के लिए तैयार थी, लेकिन कार्रवाई की अनुमति नहीं दी गई. अब कांग्रेस को इस पर जवाब देना चाहिए.

भाटिया ने यह भी कहा कि कांग्रेस की अध्यक्षा सोनिया गांधी जी, राहुल गांधी जी क्या अपनी चुप्पी तोड़ेंगे? सोनिया गांधी जी हमारा प्रश्न है कि भारत की वीर सेना को उस समय अनुमति और खुली छूट क्यों नहीं दी गई?