भारत मेडिकल टूरिज्म में दुनिया को छोड़ रहा पीछे, टॉप 10 देशों में बनाई जगह

भारत मेडिकल टूरिज्म में दुनिया को छोड़ रहा पीछे, टॉप 10 देशों में बनाई जगह

Medical Tourism in India: भारत में कई खूबसूरत टूरिज्म प्लेस हैं, जहां पूरे विश्व के लोग घूमने आते हैं लेकिन क्या आपको पता है कि हिंदुस्तान मेडिकल टूरज्म के मुद्दे में दुनिया के 10 स्थानों में शामिल हो गया है हर साल, लाखों विदेशी नागरिक उपचार के लिए मेडिकल टूरिज्म वीजा पर हिंदुस्तान आते हैं आजकल हिंदुस्तान में सबसे सस्ते और क्वालिटी ट्रीटमेंट के लिए कई विकसित राष्ट्रों के रोगी भी हिंदुस्तान का ही रुख कर रहे हैं पश्चिमी राष्ट्रों की तुलना में हिंदुस्तान में उपचार का खर्चा लगभग 30 फीसदी कम है और दक्षिण पूर्व एशिया सबसे सस्ता माना जाता है उपचार के लिहाज से आज हिंदुस्तान को एकदम ठीक स्थान बताया जा रहा है, जहां आप स्वास्थ्य फायदा के अतिरिक्त हमारे देशके कई खूबसूरत जगहों का भ्रमण कर सकते हैं

आपको बता दें कि जब लोग अपनी चिकित्सा या उपचार के लिए अपने राष्ट्र से बाहर किसी अन्य राष्ट्र की यात्रा करते हैं तो यह चिकित्सा पर्यटन या मेडिकल टूरिज्म कहलाता है हर साल, लाखों विदेशी नागरिक उपचार के लिए मेडिकल टूरिज्म वीजा पर हिंदुस्तान आते हैं

क्या कहते हैं आंकड़े?

भारत गवर्नमेंट के आंकड़ों के मुताबिक, मेडिकल ट्रीटमेंट के लिए मरीजों की संख्या के मुद्दे में थाईलैंड, मैक्सिको, अमेरिका, सिंगापुर, भारत, ब्राजील, तुर्की और ताइवान पहली पसंद हैं मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हिंदुस्तान में हार्ट सर्जरी का खर्चा लगभग 4 लाख रुपये है जबकि थाईलैंड में यह लगभग 15 लाख रुपये है, और अमेरिका में यह करीब 80 लाख रुपये में होता है 2017 से 2020 के बीच, बांग्लादेश से सबसे अधिक रोगी उपचार के लिए हिंदुस्तान आए ताजा सरकारी आंकड़ों के अनुसार,  इराक, अफगानिस्तान और मालदीव दूसरे जगह पर हैं ओमान, केन्या, म्यांमार और श्रीलंका से आने वाले रोगियों की तादाद भी काफी अधिक है

दुनिया की 10 बड़ी मेडिकल टूरिज्म कंपनी

Aditya Birla Health Services Limited.
Apollo Hospitals Enterprise Limited.
Asian Heart Institute & Research Centre Pvt. Ltd.
Barbados Fertility Center.
BB Healthcare Solutions Ltd.
Fortis Healthcare Limited.
Healthbase.
KPJ Healthcare Berhad.

कौन सा राष्ट्र मेडिकल टूरिज्म में है नंबर 1?

साल 2020-2021 में 46 राष्ट्रों में कनाडा पहले पायदान पर था ग्लोबल टूरिज्म रैंकिंग में जिसका index score 76 , 47 था ये index medical tourism industry, destination environment और quality of facilities and services के द्वारा दी गई ratings में बताया गया है, जिसमें करीब 14 million तो सिर्फ अमरीकी नागरिक ही होते हैं चिकित्सा और healthcare facilities के मुद्दे में अपने आधुनिक तकनीक और गुणवत्ता के चलते कनाडा ने ख्याति हासिल की है और क्योंकि अमरीका जैसा विशाल राष्ट्र कनाडा से सटा हुआ है, इसके चलते मेडिकल टूरिज्म को भी बढ़ावा मिलता है

मेडिकल टूरिज्म में ये राष्ट्र हैं सबसे आगे 

सिंगापुर
जापान
स्पेन
यूके
दुबई
कोस्टा रिका
इजराइल
अबू धाबी
भारत

भारत के 10 नामचीन मेडिकल टूरिज्म स्पॉट्स

1. चेन्नई
2. मुंबई
3. नयी दिल्ली
4. गोवा
5. बेंगलुरु
6. अहमदाबाद
7. कोयंबटूर
8. वेल्लोर
9. अल्लेप्पी
10. हैदराबाद

भारत में मेडिकल टूरिज्म बढ़ने के कारण

– चिकित्सा पर्यटन के लिए आज हिंदुस्तान को ठीक स्थान बताया जा रहा है, जहां स्वास्थ्य फायदा के अतिरिक्त खूबसूरत जगहों का भ्रमण भी किया जा सकता है
हिंदुस्तान में बोनमैरो प्रत्यारोपण, बाइपास सर्जरी, घुटने की सर्जरी तथा लीवर प्रत्यारोपण जैसी सर्जरी पर पश्चिमी राष्ट्रों के मुकाबले बहुत कम खर्च आता है इसके साथ ही राष्ट्र में लाखों कुशल डॉक्टर्स और लाखों की संख्या में प्रशिक्षित नर्स हैं
हिंदुस्तान में तकनीकी रूप से उन्नत अस्पताल, जानकार चिकित्सक और ई-मेडिकल वीजा जैसी सुविधाएं मौजूद हैं, जो इसे एशिया में सबसे तेजी से बढ़ रहे चिकित्सा पर्यटन स्थलों में से एक बनने में सहायता कर रही हैं
हिंदुस्तान में चिकित्सा सेवा की लागत पश्चिमी राष्ट्रों की तुलना में लगभग 30 फीसदी कम है जो दक्षिण-पूर्व एशिया से भी सस्ता है
– भाषा मुख्य कारक है जो चिकित्सा और स्वास्थ्य पर्यटन के लिए बहुत अधिक संख्या में विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करती है हिंदुस्तान में अच्छी अंग्रेजी बोलने वाले डाक्टरों, मार्गदर्शकों और चिकित्सा स्टाफ की बड़ी संख्या है यह – विदेशियों को भारतीय डाक्टरों के साथ बेहतर संपर्क बनाने में सुविधा प्रदान करता है
– भारतीय डाक्टरों को सफल कार्डियक सर्जरी, अस्थि-मज्जा ट्रांसप्लांट, लीवर ट्रांसप्लांटस, आर्थोपैडिक सर्जरी और अन्य चिकित्सा इलाज करने में विशेषज्ञता हासिल है
हिंदुस्तान में बांझपन के इलाज की लागत विकसित देशों की तुलना में लगभग एक चौथाई है आधुनिक प्रजनन तकनीकों जैसे कि इन-विट्रो फर्टिलाइजेशन (आईवीएफ) और असिस्टेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी (एआरटी) सेवाओं ने हिंदुस्तान को बाँझपन के इलाज के लिए पहली पसंद बना दिया है

156 राष्ट्रों के नागरिकों को ई-मेडिकल वीजा

केंद्र गवर्नमेंट का फोकस है कि हिंदुस्तान पूरे विश्व में मेडिकल और वेलनेस सेक्टर में एक ब्रांड बनकर उभरे ऐसे में मेडिकल वैल्यू ट्रेवल एंड वेलनेस (हेल्थ) टूरिज्म को मान्यता देते हुए हिंदुस्तान को एक मेडिकल और वेलनेस टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में बढ़ावा देने के लिए कई कदम उठाए हैं इसी के अनुसार ‘मेडिकल वीजा’ की भी आरंभ की गई है इसकी वजह से राष्ट्र में मेडिकल टूरिज्म को भी बढ़ावा मिल रहा है मेडिकल टूरिज्म के अनुसार अब तक 156 राष्ट्रों के नागरिकों को ई-मेडिकल वीजा (e-medical visa) सुविधा दी गई है

सरकार दे रही है आर्थिक मदद

पर्यटन मंत्रालय मार्केटिंग विकास सहायता योजना के अनुसार एनएबीएच (अस्पताल और स्वास्थ्य सेवा प्रदाताओं के लिए राष्ट्रीय प्रत्यायन बोर्ड) की ओर से मान्यता प्राप्त चिकित्सा पर्यटन सेवा प्रदाताओं को चिकित्सा, पर्यटन मेलों, चिकित्सा सम्मेलनों, कल्याण सम्मेलनों, स्वास्थ्य मेलों और संबद्ध रोड शो में हिस्सा लेने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करता है अधिकतम वित्तीय सहायता 50:50 शेयरिंग के आधार पर रु 25.00 लाख तक प्रदान किया जाएगा. और यह सहायता सिर्फ राज्य सरकारों /Chambers of Commerce / National Wellness & Medical Associations को दी जाएग. Covid-19 के असर को कम करने को लेकर गवर्नमेंट ने राष्ट्र में पर्यटन क्षेत्र को फिर से पटरी पर लाने के लिए विभिन्न तरीकों की घोषणा की है, जिसमें मेडिकल और वेलनेस टूरिज्म शामिल हैं

पर्यटन मंत्रालय की भूमिका

देश में मेडिकल टूरिज्म को बढ़ावा देने के लिए पर्यटन मंत्रालय ने पर्यटन मंत्री की अध्यक्षता में एक राष्ट्रीय चिकित्सा और कल्याण पर्यटन बोर्ड का गठन किया है इसके अतिरिक्त पर्यटन मंत्रालय अपनी जारी गतिविधियों के अनुसार राष्ट्र के विभिन्न पर्यटन स्थलों और प्रोडक्ट्स को बढ़ावा देने के लिए ‘अतुल्य भारत’ ब्रांड-लाइन के अनुसार विदेशों के जरूरी और संभावित बाजारों में अंतरराष्ट्रीय प्रिंट, इलेक्ट्रॉनिक और औनलाइन मीडिया कैंपेन चलाता है मेडिकल टूरिज्म को लेकर मंत्रालय के सोशल मीडिया अकाउंट्स पर नियमित रूप से डिजिटल पोस्ट भी किए जाते हैं