प्यास से तड़पकर मासूम ने तोड़ा दम, केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रियंका, सोनिया, राहुल अब चुप क्यों?

प्यास से तड़पकर मासूम ने तोड़ा दम, केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रियंका, सोनिया, राहुल अब चुप क्यों?

राजस्थान (Rajasthan) के जालोर (Jalore) ज़िले में पानी नहीं मिलने से पांच वर्ष की मासूम बच्ची की मृत्यु (Death) के मुद्दे में राजनीति गरमा गई है 

भाजपा (BJP) ने इस मुद्दे को लेकर गहलोत सरकार को चौतरफा घेरना प्रारम्भ कर दिया है प्रदेश से लेकर केन्द्र सरकार तक के मंत्री गहलोत सरकार को निशाने पर ले रहे हैं इसी क्रम में केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर (Prakash Javadekar) ने आज राजस्थान की गहलोत सरकार (Gehlot Government) को आड़े हाथ लिया

सोनिया-राहुल-प्रियंका चुप क्यों?: जावड़ेकर
एक तीर से कई निशाना साधते हुए जावड़ेकर ने बोला कि 9 घंटे तक पीने का पानी न मिलने के कारण हुई एक बच्ची की मृत्यु, बहुत शर्मनाक घटना है इसके लिए राजस्थान सरकार ज़िम्मेदार है उन्होंने प्रश्न करते हुए पूछा कि अब कांग्रेस पार्टी नेता सोनिया गांधी, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी चुप क्यों हैं ?' 

9 घंटे तक पीने का पानी न मिलने के कारण हुई एक बच्ची की मृत्यु, बहुत शर्मनाक घटना है. इसके लिए राजस्थान सरकार ज़िम्मेदार है. सोनिया, राहुल, प्रियंका अब चुप क्यों हैं ?

जनता कभी माफ़ नहीं करेगी: पूनिया
बीजेपी प्रदेशाध्यक्ष डाक्टर सतीश पूनिया (Satish Poonia) ने कहा, 'मुख्यमंत्री अशोक गहलोत जी के सियासी भाषणों पर भूख, प्यास और मृत्यु भारी है दुर्भाग्य है कि अब तक की नकारा निकम्मी और भ्रष्ट कांग्रेस पार्टी सरकार ने राजस्थान को भूख, बेरोजगारी, अराजकता, माफियाओं और अपराधों की जमीन बना दिया है प्रदेश की जनता आपको कभी माफ़ नहीं करेगी

'राज्य के जल प्रबंधन पर सवालिया निशान: राठौड़ 
विधानसभा में उपनेता प्रतिपक्ष राजेंद्र राठौड़ (Rajendra Rathor) ने कहा, 'इस आधुनिक युग में जब विज्ञान चांद तक की यात्रा सुगमता से कर रहा है, ऐसे में जालोर के रानीवाड़ा में पानी की कमी से तड़पती मासूम की प्यास से मृत्यु होने की घटना हृदयविदारक और दुर्भाग्यपूर्ण है और प्रदेश सरकार के जल प्रबंधन पर सवालिया निशान लगा रही है '

जालोर के रानीवाड़ा क्षेत्र में रविवार को हुई घटना
दरअसल, जालोर में कड़ी धूप में नानी के साथ पैदल चल रही पांच वर्षीय बच्ची को पानी नहीं मिलने के कारण मृत्यु होने का केस सामने आया है यह घटना रविवार की है जानकारी के मुताबिक, रानीवाड़ा तहसील भीतर डूंगरी निवासी वृद्ध महिला सुखीदेवी का सिरोही जिले के मंडार के नजदीक रायपुर में पीहर है सुखीदेवी अपनी पांच वर्षीय नातिन (दोहिती) के साथ पीहर गई थी  

रविवार 6 जून को प्रातः काल मौसम ठंडा देखकर पांच वर्षीय नातिन के साथ वापस बहन के पास जाने के लिए पैदल ही रवाना हो गई करीब दस बारह किलोमीटर की दूरी तय कर ली थी, इस दौरान दोपहर में तापमान पारा बढ़ गया था और मौसम उमस भरा हो गया था वृद्धा के पास पानी की बोतल भी नहीं थी और जिस मार्ग से गुजर रही थी, वह भी रेतीला कच्चा मार्ग था तेज गर्मी के कारण और पानी नहीं मिलने से वृद्धा और बच्ची को डिहाइड्रेशन की समस्या हो गई और दोनों बेहोश होकर गिर पड़े  

मदद के लिए दौड़े चरवाहे
बहुत ज्यादा देर बाद वहां किसी चरवाहे ने महिला को देखा तो सूरजवाड़ा सरपंच कृष्णकुमार पुरोहित को फोन किया बाद में पुलिस भी मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक बच्ची का दम टूट चुका था महिला को पुलिस ने पानी पिलाया और बाद में इलाज के लिए हॉस्पिटल में भर्ती करवाया है

बारिश की बूंदों ने वृद्धा को बचाया
महिला ने आपबीती बताते हुए बोला कि तेज गर्मी के कारण दोनों बेहोश होकर गिर गए थे उसे कुछ नहीं सूझ रहा था, लेकिन बहुत ज्यादा देर बाद आसमान मामूली बूंदाबांदी प्रारम्भ हुई, जिससे उसे कुछ राहत मिल गई और उसकी जान बच गई, लेकिन तब तक उसकी नातिन की मृत्यु हो चुकी थी


कैसे डोनाल्ड ट्रंप को दी गई दवा कोविड-19 के मरीजों में जगा रही है उम्मीद?

कैसे डोनाल्ड ट्रंप को दी गई दवा कोविड-19 के मरीजों में जगा रही है उम्मीद?

नई दिल्ली   कोविड-19 के इलाज़ के लिए दुनिया में इस समय कोई खास दवाई नहीं है ऐसे में दूसरी रोंगों में इस्तेमाल होने वाली दवाईयां ही इस्तेमाल के तौर कोविड-19 के मरीजों को दी जाती है इसी कड़ी में इन दिनों 'एंटीबॉडी कॉकटेल' (Antibody Cocktail) की चर्चा है वो दवा जिसे पिछले वर्ष अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को दी गई थी अब हिंदुस्तान में भी ये 'एंटीबॉडी कॉकटेल' कई हॉस्पिटल ों में कोविड-19 के मरीजों को दी जा रही है खास बात ये है कि हिंदुस्तान में इस कॉकटेल के अच्छे नतीजे आ रहे हैं दिल्ली के सर गंगाराम हॉस्पिटल में जिन मरीजों को ये कॉकटेल दी गई उन्हें उपचार के कुछ ही घंटे के बाद हॉस्पिटल से छुट्टी मिल गई

पिछले वर्ष चुनाव प्रचार के दौरान ट्रंप कोविड-19 से संक्रमित हो गए थे उन्हें हॉस्पिटल में भर्ती करना पड़ा था इसी दौरान उन्हें इस्तेमाल के तौर पर एंटीबॉडी कॉकटेल दी गई थी उस उक्त न्यूयॉर्क टाइम्स ने लिखा था कि आने वाले दिनों में ये कोविड-19 के संक्रमण को रोकने में असरदार हथियार साबित हो सकता है

ट्रंप में क्या-क्या थे लक्षण, कौन-कौन सी दी गई दवाईयां?

डोनाल्ड ट्रंप को हल्का बुखार और नाक में कंजेशन था आयु और भारी वजन के चलते वो कोविड-19 के हाई रिस्क मरीज़ थे बोला जाता है कि हॉस्पिटल में उन्हें कम से कम दो बार ऑक्सिजन की आवश्यकता पड़ी इसी दौरान उन्हें एंटीबॉडी कॉकटेल की डोज़ दी गई इसके अतिरिक्त उन्हें रेमडेसिवीर की इंजेक्शन लगाई गई साथ ही उन्हें डेक्सामेथासोन की टैबलेट भी दी गई