कैफू ने कश्मीर मामले के शांतिपूर्ण निवारण की जताई उम्मीद 

कैफू ने कश्मीर मामले के शांतिपूर्ण निवारण की जताई उम्मीद 

भारत के क्षेत्रीय व्यापक आर्थिक सहभागिता (आरसीईपी) समझौते में शामिल नहीं होने के निर्णय पर जापान ने बोला कि इसमें शामिल सभी देश नयी दिल्ली की चिंताओं को दूर करने की प्रयास कर रहे हैं. सालों तक चली लंबी वार्ता के बाद हिंदुस्तान ने पिछले महीने आरसीईपी समझौते के मौजूदा प्रारूप पर असंतोष जताते हुए इसमें शामिल नहीं होने का निर्णय किया था. 

खास बातें

  • टू प्लस टू बातचीत के बाद जापान के विदेश मंत्रालय का बयान 
  • भारत ने आरसीईपी के मौजूदा प्रारूप पर असंतोष जताया था
  • साथ ही हिंदुस्तान ने इसमें शामिल नहीं होने का निर्णय किया था

हिंदुस्तान के साथ पहली ‘टू प्लस टू’ बातचीत के एक दिन बाद रविवार को जापान के विदेश मंत्रालय ने यह बयान दिया. मंत्रालय के डिप्टी प्रेस सचिव अत्सुशी कैफू ने कहा, भारतीय पीएम नरेंद्र मोदी ने जापान के विदेश मंत्री तोशीमित्सु मोतेगी व रक्षामंत्री तारो कोनो के साथ हुई मीटिंग में आरसीईपी को लेकर हिंदुस्तान के रुख से अवगत कराया. 

उन्होंने बोला कि सभी 16 देश हिंदुस्तान से जुड़े मुद्दों का संतोषजनक हल निकालने को कार्य कर रहे हैं. यह पूछे जाने पर कि क्या जापान हिंदुस्तान के समूह में शामिल होने को लेकर आशान्वित है, तो कैफू ने बोला कि आरसीईपी समझौते पर संयुक्त बयान में भी उल्लेख किया गया था सभी देश लंबित मुद्दों को हल करने को मिलकर कार्य करेंगे.  

कश्मीर मामले के शांतिपूर्ण निवारण की उम्मीद 

कैफू ने कहा, जापान ने कश्मीर की स्थिति को बेहद ध्यान से देखा है. मुझे नहीं पता कि मीटिंग में मंत्रियों के बीच इस मामले पर विस्तार से चर्चा हुई या नहीं, लेकिन हम कश्मीर मामले पर हिंदुस्तान पाकिस्तान के बीच मतभेदों से हम अवगत हैं. उम्मीद है कि जल्द ही वार्ता के जरिये मामले को हल कर लिया जाएगा. बताते चलें कि शनिवार को हिंदुस्तान व जापान के रक्षामंत्री व विदेश मंत्री के बीच हुई टू प्लस टू बातचीत में दक्षिण चीन सागर , कश्मीर सहित कई अहम मुद्दों पर चर्चा हुई थी.

समुद्री सुरक्षा से समझौता नहीं 

दक्षिण चीन सागर में चाइना के बढ़ते दबदबे पर कैफू ने बोला कि जापान समुद्री सुरक्षा और अन्य मुद्दों से समझौता नहीं करेगा. क्षेत्र में नेवीगेशन व ओवर फ्लाइट स्वतंत्रता सुनिश्चित की जानी चाहिए. श्रीलंकाई राष्ट्रपति गोतबाया राजपक्षे की हिंदुस्तान यात्रा का जिक्र करते हुए कैफू ने बोला कि समुद्री सुरक्षा योगदान के लिए श्रीलंका जरूरी देश है व जापान भी उसके साथ योगदान बढ़ाने की प्रयास कर रहा है. 

अरुणाचल में प्रोजेक्ट सारे करने पर बातचीत 

अरुणाचल प्रदेश में हिंदुस्तान के साथ मिलकर परियोजनाएं पूरी करने के सवाल पर कैफू ने बोला कि जापान उत्तर पूर्व क्षेत्र में कनेक्टिविटी प्रोजेक्ट पूरा करने को उत्सुक है. इसको लेकर हिंदुस्तान के साथ चर्चा चल रही है. बताते चलें कि चाइना अरुणाचल में किसी भी विदेशी फंड से बनने वाले प्रोजेक्ट का विरोध करता रहा है.