पंजाब के गुरदासपुर व फाजिल्का में सरहदों की सुरक्षा के लिहाज से इन पुलों का किया औनलाइन उद्घाटन

पंजाब के गुरदासपुर व फाजिल्का में सरहदों की सुरक्षा के लिहाज से इन पुलों का किया औनलाइन उद्घाटन

पंजाब के गुरदासपुर व फाजिल्का में सरहदों की सुरक्षा के लिहाज से अहम पुलों का औनलाइन उद्घाटन किया गया. पुलों के साझे उद्घाटन के उपरांत पंजाब के लोक निर्माण मंत्री विजय इंदर सिंगला ने बोला कि पंजाब में पुलों का उद्घाटन ऐतिहासिक पल है. इन पुलों से देश की सरहदों पर सेना के जवान जल्दी पहुंच सकेंगे. साथ ही सरहदों पर बसे गांवों का भी विकास संभव हो पाएगा.


औनलाइन पुलों के उद्घाटन समारोह की अध्यक्षता रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने की. विजय इंदर सिंगला ने बताया कि गुरदासपुर जिले में घोनेवाला - रसूलपुर मार्ग पर कासोवाल में धर्मकोट पत्तन के समीप रावी नदी पर 483.95 मीटर लंबा मल्टी सेल बॉक्स ब्रिज (सबमर्सिबल) बनाया गया है. यह पुल सुरक्षा बलों को महत्वपूर्ण सम्पर्क व कामकाज में सहायता प्रदान करेगा. 
यहां मानसून के दौरान सैन्य टुकड़ी भेजने व संचार बनाए रखना चुनौतीपूर्ण रहता है. यह पुल भारत-पाकिस्तान अंतर्राष्ट्रीय सीमा के समीप के इस इलाके को देश के बाकी हिस्से से हमेशा के लिए सम्पर्क प्रदान करेगा. इसी तरह जिला गुरदासपुर में डोगरा मंदिर-पड़ोल-जनियाल-बमियाल सड़क पर 42.96 मीटर लंबा बाजू पुल का विभागीय तौर पर निर्माण किया गया है. यह दो मार्ग वाला मल्टी सेल बॉक्स ब्रिज है. यह अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर तैनात सेना को सम्पर्क प्रदान करेगा. कैबिनेट मंत्री ने बताया कि तीसरा पुल गुरदासपुर में परमानंद-तारागढ़-कथलौर-एनजेएस-पड़ोल मार्ग पर शिंगारवां पुल बनाया गया है. जिसकी लंबाई 30.20 मीटर है.

यह पुल अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर तैनात फौज व इस मार्ग के कई गांवों को सम्पर्क सुविधा मुहैया कराएगा. फाजिल्का में 40 मीटर लंबा स्टील के ढांचे वाला पुल साबुआना- मौजम में बनाया गया है व यह पुल सीमा क्षेत्रों में स्थित गांवों को यातायात की सुविधा देगा.

उन्होंने बोला कि यह नया पुल 1972 में बने सीमित वजन सामर्थ्य वाले पुराने ज्यादा वाइड बैले ब्रिज की स्थान बनाया गया है. यह पुल कृषि को बढ़ावा देकर सीमा के करीब की आबादी के एक बड़े हिस्से को फायदा पहुंचाएगा व इस क्षेत्र के सामाजिक-आर्थिक विकास में सुधार जाएगा. 

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने किया शिंगारवां पुल का वर्चुअल लोकार्पण

नरोट जैमल सिंह बस स्टैंड पर बॉर्डर रोड आर्गनाइजेशन की ओर से 2 करोड़ 31 लाख की लागत से बनाए गए शिंगारवां पुल का रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह व सांसद सनी देओल ने वर्चुअल लोकार्पण किया. पूर्व विधायक सीमा कुमारी ने रिबन काटकर पुल का उद्घाटन किया. इस दौरान किसान संगठनों के कुछ लोग भी मौके पर पहुंचे. उन्होंने बीजेपी नेताओं को काली झंडियां दिखाईं.

रक्षामंत्री ने बॉर्डर रोड आर्गनाइजेशन के अधिकारियों की तारीफ करते हुए बोला कि एक ही दिन में 43 पुलों का उद्घाटन किसी रिकॉर्ड से कम नहीं है. वहीं, भोआ की पूर्व विधायक सीमा कुमारी ने बताया कि इस पुल के बनने से सीमावर्ती गांवों के लोगों व सेना को बहुत ज्यादा लाभ मिलेगा. बताते चलें कि इस पुल से पाक सीमा की दूरी लगभग 11 किमी है.  

सिविल व सैन्य ट्रांसपोर्ट को मिलेगी सुविधा
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने बोला कि बॉर्डर रोड आर्गनाइजेशन ने एक ही दिन में जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, पंजाब, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, सिक्किम व अरुणाचल प्रदेश में कुल 43 पुलों का उद्घाटन करवाया. इनके निर्माण से पश्चिमी, उत्तरी व उत्तर-पूर्व ईस्ट के दूर दराज इलाकों के सिविल और सैन्य ट्रांसपोर्ट को बड़ी सुविधा मिलेगी. इन इलाकों में बड़ी संख्या में सेना के जवान तैनात हैं. ये पुल से हमारी सेना को राशन व सैन्य सामग्री पहुंचाने में सहायक सिद्ध होंगे.

पुल के महत्व का अंदाजा उसके आकार से नहीं लगाया जा सकता. उन्होंने बोला कि सीमावर्ती क्षेत्रों में सड़कें व पुल केवल सामरिक जरूरतों के लिए ही नहीं बल्कि देश के विकास में दूर दराज के क्षेत्रों की भी बराबर की सहभागिता सुनिश्चित करते हैं. बॉर्डर रोड आर्गनाइजेशन के डायरेक्टर जनरल हरपाल सिंह के कुशल नेतृत्व में यह सब संभव हो पाया है.

अस्थायी पुल उठने से कट जाता था दर्जनों गांवों का सम्पर्क : सीमा
पूर्व विधायक सीमा कुमारी ने बोला कि सांसद सनी देओल ने क्षेत्र के लोगों को बड़ी सौगात दी है. इससे पहले शिंगारवा नाले पर अस्थायी पुल डाला जाता था. इसे पार करके लोकल लोग व विद्यार्थी आते जाते थे. बरसात का मौसम प्रारम्भ होने से पहले ही पुल को उठा लिया जाता था जिसके कारण उनका पठानकोट और दीनानगर से सम्पर्क टूट जाता था. उन्हें अलावा सफर तय करके जिला कठुआ (जम्मू-कश्मीर) के रास्ते पठानकोट आना पड़ता था.

किसानों ने की नारेबाजी
समारोह में किसान जत्थेबंदियों ने सीमा कुमारी को काले झंडे दिखाकर केन्द्र सरकार मुर्दाबाद के नारे लगाए. लोक भलाई सोसायटी के प्रधान हरदेव सिंह चिट्टी के नेतृत्व में विरोध जताया गया. हरदेव चिट्ठी ने बताया कि जब तक कृषि ऑर्डिनेंस बिलों को केन्द्र सरकार की तरफ से वापस नहीं लिया जाता तब तक सोसाइटी और किसानों की ओर से बीजेपी के उद्घाटन समारोह, रैलियां, सियासी समागम का विरोध कर घेराव किया जाएगा.

भारत-पाकिस्तान की सीमा से करीब डेढ़ किमी की दूरी पर बने कसोवाल पुल का सोमवार को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने वर्चुअल उद्घाटन किया. इस मौके पर एडीसी गुरदासपुर तजिंदरपाल सिंह संधू, बीएसएफ के उच्चाधिकारी अमित मिश्रा ने भी विशेष तौर पर शिरकत की. पुल से डेरा बाबा नानक की दूरी 8 किलोमीटर है.

नए बने इस पुल की लंबाई 484 मीटर है. सोमवार को सारे देश में 44 पुलों का उद्घाटन किया गया, जिनमें इस पुल की लंबाई सबसे अधिक है. रावी नदी पर बने इस पुल को पहले प्लाटून पुल के नाम से जाना जाता था औैर यह कच्चा पुल था. सोमवार को पुल के उद्घाटन के बाद बीएसएफ की गाड़ियों व किसानों की ट्रैक्टर ट्रालियों को पुुल के दूसरी ओर रवाना किया गया.

एडीसी संधू ने बोला कि पुल के दूसरी तरफ की सारी जमीन खेतीबाड़ी की है व बरसाती दिनों में विशेष तौर पर किसानों को बहुत दिक्कतों का सामना करना पड़ता था. इस पुल के बनने से विशेष तौर पर किसानों को बहुत फायदा होगा. बीएसएफ ऑफिसर अमित मिश्रा ने बोला कि इस पुल के बनने से बीएसएफ व फौज को भी आने जाने में सहायता मिलेगी.