पंजाब में कृषि कानूनों के विरूद्ध किसान आंदोलनरत,, जाने बिजली उत्पादन का हाल

पंजाब में कृषि कानूनों के विरूद्ध किसान आंदोलनरत,, जाने बिजली उत्पादन का हाल

पंजाब में कृषि कानूनों के विरूद्ध किसान आंदोलनरत हैं. रेलवे ट्रैक पर कई जगहों पर किसानों के धरने जारी हैं. रेल ट्रैक बंद होने का प्रतिकूल असर अब बिजली उत्पादन पर पड़ना प्रारम्भ हो गया है.

 ट्रैक बाधित होने के कारण सरकारी थर्मल प्लांट में कोयला समाप्त होने वाला है. कोयले की कमी से बिजली उत्पादन घट रहा है, जिसके कारण प्रदेश में अब बिजली कट लगने प्रारम्भ हो गए हैं. शहरी व ग्रामीण क्षेत्रों में क्रमवार विभाग बिजली के अघोषित कट लगाने प्रारम्भ कर दिए हैं.


कोयले की कमी के कारण लुधियाना, जालंधर, अमृतसर, पटियाला व मोहाली के विभिन्न हिस्सों में घोषित के साथ-साथ अघोषित कट विभाग ने लगाने प्रारम्भ कर दिए हैं. हालांकि विभाग के अधिकारियों का बोलना है कि कट बिजली सप्लाई लाइनों की मरम्मत के कारण लगाए जा रहे हैं. बिजली की आपूर्ति को बनाए रखने के लिए पॉवरकॉम राष्ट्रीय ग्रिड से 6000 मेगावट बिजली ले रहा है. पावरकॉम के अधिकारियों का बोलना है कि जो कट लग रहे हैं, वह बिजली सप्लाई लाइनों की मरम्मत के कारण लग रहे हैं. 
बता दें कि मौजूदा समय में प्रदेश में  8000 मेगावाट बिजली की मांग है. थर्मल प्लांट व हाइड्रो क्षमता जनरेशन से 2000 मेगावाट बिजली का उत्पादन हो रहा है. बाकी बची 6000 मेगावाट बिजली की व्यवस्था राष्ट्रीय ग्रिड से की जा रही है. बता दें कि अगर पंजाब में बिजली का उत्पादन ठप हुआ तो पावरकॉम को पूरी तरह से राष्ट्रीय ग्रिड पर निर्भर होना पड़ेगा.